Bhabhi friends group sex story – Mature women bondage sex story: हाय दोस्तों, मेरा नाम राहुल है। उम्र 26 साल। लंबा, गठीला बदन और एक मोटा, काला लौड़ा जो किसी भी औरत की चूत को तड़पा देता है। मैं दिल्ली में छोटी-मोटी जॉब करता हूं और अपने दोस्त की बीवी शालिनी भाभी के घर अक्सर आता-जाता रहता हूं।
शालिनी भाभी 32 साल की हैं। गोरी, भरी-भरी चूचियां, मटकती हुई गांड—उनकी हर अदा मुझे अंदर तक ललचा जाती है। कई बार मैसेज पर उनकी शरारतें महसूस हो जाती थीं, लेकिन मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि वो इतना आगे बढ़ जाएंगी।
एक दिन भाभी का कॉल आया, “राहुल, आज किटी पार्टी है, थोड़ी मदद चाहिए, आ जा ना।” मुझे लगा कोई सामान उठवाना या सर्व करना होगा। मैं तैयार होकर पहुंच गया।
दिल्ली की चिलचिलाती दोपहर थी। मैं पसीने से तर काली टी-शर्ट और जींस में उनके घर पहुंचा। भाभी ने दरवाजा खोला—उफ्फ, वो लाल टाइट साड़ी में क्या कयामत लग रही थीं। साड़ी उनके गीले जिस्म से चिपकी हुई थी, हर कर्व साफ दिख रहा था। गहरे गले का ब्लाउज उनकी मोटी चूचियों को मुश्किल से रोक पा रहा था। हर सांस के साथ चूचियां ऊपर-नीचे हो रही थीं। उनकी मुस्कान में कुछ शरारती था, हवा में उनकी परफ्यूम की मादक खुशबू फैली हुई थी। मेरे लंड में हल्की सी हलचल हो गई।
“आ जा अंदर राहुल, आज तू हमारा स्पेशल मेहमान है,” उन्होंने कहा और मुझे अंदर खींच लिया।
ड्राइंग रूम में चार और औरतें बैठी थीं—सब 30-35 की, सबकी आंखें मुझे ऐसे घूर रही थीं जैसे भूखी शेरनियां शिकार को देख रही हों। नेहा लंबी और सांवली, पसीने से चमकती त्वचा। पूजा की मोटी-मोटी चूचियां ब्लाउज फाड़कर बाहर आने को बेताब। रीना की पतली कमर और भरी हुई गांड। कविता की वो मटकती गांड जिसे देखकर मेरा लंड हमेशा सलामी देने लगता था। सबने टाइट साड़ियां पहनी थीं, सबकी आंखों में वही शरारत।
मैं सोफे पर बैठा ही था कि भाभी ने दरवाजा लॉक कर दिया। पूजा ने बैग से मोटी रस्सी निकाली। मेरे दिल की धड़कन तेज हो गई।
“ये… ये क्या हो रहा है?” मैं डरते हुए बोला।
शालिनी भाभी मेरे पीछे आ गईं। उनकी गर्म सांसें मेरी गर्दन पर लग रही थीं। उन्होंने मेरे हाथ पीछे खींचे और रस्सी से कसकर बांध दिए। रस्सी की रगड़ से त्वचा जल रही थी, लेकिन नीचे लंड में अजीब सी उत्तेजना दौड़ रही थी। मुझे याद आया—कितनी रातें मैंने भाभी को सोचकर मुठ मारी थी, लेकिन ये सपना सच हो रहा था, डरावना और गरम।
“आह्ह… भाभी, ये क्या कर रही हो… उफ्फ… छोड़ो ना…” मैं सिसकार उठा।
रीना हंस पड़ी, “अरे राहुल, आज तू हमारा खिलौना है। हमारी किटी पार्टी का में कोर्स।”
सब मेरे चारों तरफ घेरा बनाकर खड़ी हो गईं। कविता मेरे सामने आई, उसकी उंगलियां मेरी टी-शर्ट के हेम पर फिरने लगीं। धीरे-धीरे ऊपर सरकाई, मेरी त्वचा पर नाखूनों की हल्की खरोंच महसूस हो रही थी। फिर एक झटके में फाड़ दी—फट्ट्ट की आवाज के साथ मेरा गठीला सीना नंगा हो गया। ठंडी हवा से मेरे निप्पल सख्त हो गए।
“उफ्फ राहुल, ये मस्कुलर बॉडी देखकर तो मेरी चूत गीली हो गई,” पूजा बोली और अपनी गर्म हथेलियां मेरे सीने पर फेरने लगी। निप्पलों को मसल रही थी, चुटकी काट रही थी। मेरी सांसें तेज हो गईं।
शालिनी भाभी नीचे झुकीं। जींस का बटन खोला, जिपर धीरे-धीरे नीचे किया। उनकी उंगलियां मेरी जांघों पर घूम रही थीं, मुझे चिढ़ा रही थीं। “आह्ह… भाभी प्लीज… उफ्फ…” मैं कराह रहा था। मेरा लंड चड्डी में फड़फड़ा रहा था।
नेहा ने चड्डी पकड़ी और धीरे से नीचे सरकाई। मेरा मोटा काला लौड़ा बाहर उछल आया—पूरी तरह सख्त, नसें उभरी हुईं, सुपारे पर प्री-कम की चमकदार बूंद। कमरे में मेरी मर्दाना मस्क की खुशबू फैल गई।
“ओह्ह हो… राहुल, ये लौड़ा तो कमाल का है… इतना मोटा, इतना काला… आज हम सब इसे निचोड़ लेंगी,” रीना बोली और उसे हाथ में पकड़ लिया। सहलाने लगी।
शालिनी भाभी घुटनों पर बैठ गईं। लंड को हाथ में लिया, जीभ से सुपारे को चाटा—उसकी गर्म, गीली जीभ की चिपचिपाहट से मैं तड़प उठा। फिर पूरा मुंह में ले लिया। ग्ग्ग्ग… ग्ग्ग्ग… गी… गी… गों… गों… गोग… वो डीपथ्रोट कर रही थीं, गले तक उतार रही थीं, लार मेरे लंड और बॉल्स पर बह रही थी।
“उम्म… राहुल, तेरा लौड़ा कितना स्वादिष्ट है… आह्ह… मैं इसे पूरा निगल लूंगी,” भाभी गुनगुनाईं।
कविता मेरे पीछे आई और अपनी साड़ी के पल्लू से मेरी गांड पर हल्के-हल्के थप्पड़ मारने लगी—थप… थप… थप… “आह्ह कविता… क्या कर रही हो… ओह्ह…” मैं सिसकारा।
नेहा ने साड़ी ऊपर उठाई और अपनी गीली चूत मेरे मुंह के सामने ला दी। उसकी चूत से मादक, नमकीन खुशबू आ रही थी। “चाट राहुल… अपनी जीभ मेरी चूत में घुसा… जोर से चूस मेरी क्लिट को… उफ्फ…”
मैंने जीभ निकाली और उसकी रसीली चूत चाटने लगा। जीभ अंदर तक घुसाई। “आह्ह नेहा… तेरी चूत कितनी गरम और रसीली है… ऊउइइ…” वो मेरे मुंह पर चूत रगड़ने लगी। “हां राहुल… ऐसे ही… चूस डाल… आह ह ह ह्हीईई… मेरी चूत पी जा…”
पूजा मेरी चूचियां मसल रही थी, रीना लंड सहला रही थी, कविता की उंगलियां मेरी गांड के छेद पर घूम रही थीं—धीरे-धीरे अंदर सरका रही थीं। मैं बंधा हुआ तड़प रहा था, लेकिन लंड और सख्त हो गया था।
फिर पूजा ने मेरे हाथ खोल दिए, लेकिन मुझे सोफे पर धकेलकर लिटा दिया। “अब तू हमारी चूतें चोदेगा, लेकिन हमारी मर्जी से।”
शालिनी भाभी मेरे ऊपर चढ़ गईं। पहले लंड पर अपनी गीली चूत रगड़ने लगीं—उनकी चूत की गर्मी और चिपचिपाहट मेरे लंड को पागल कर रही थी। “आह्ह राहुल… पहले तेरे लौड़े को मेरी चूत का रस पिला दूं… उफ्फ…”
फिर एक झटके में बैठ गईं। “आअह्ह्ह्ह… भाभी… आपकी चूत कितनी टाइट और गरम है… ओह्ह्ह…” मैं चिल्लाया। उनकी चूत की दीवारें मेरे लंड को जकड़ रही थीं।
भाभी जोर-जोर से उछलने लगीं। थप… थप… थप… की आवाजें गूंजने लगीं। “आह्ह राहुल… अपना मोटा लौड़ा और गहरा ठोक… मेरी बच्चेदानी तक पहुंचा… फाड़ डाल मेरी चूत को… ऊऊ… ऊइइई… आह ह्ह्ह इह्ह…”
नेहा मेरे मुंह पर बैठ गई, अपनी चूत रगड़ रही थी। मैं चूस रहा था। “हां राहुल… मेरी क्लिट काट… आह्ह्ह…”
फिर कविता घोड़ी बनकर सामने आई। “अब मेरी गांड मार राहुल… अपनी थूक लगा के अंदर घुसा…”
मैंने उसकी गांड पर थूक लगाया, लंड सुपारा गांड के छेद पर रखा और धीरे धक्का दिया। “आह्ह्ह कविता… तेरी गांड कितनी टाइट है… ओह्ह्ह…”
“उफ्फ राहुल… धीरे से… फिर जोर से… फाड़ डाल मेरी गांड को… आअह्ह्ह ह्ह्ह्ह ऊउइइ… हां ऐसे…”
पूजा मेरी चूचियां चूस रही थी, रीना लंड की जड़ सहला रही थी, शालिनी भाभी मेरे मुंह में अपनी चूत दे रही थीं। “चाट राहुल… मेरी चूत का रस पी…”
कमरा सिसकारियों और थप्पड़ों की आवाजों से भर गया।
फिर नेहा मेरे ऊपर चढ़ी। “मेरी बारी… राहुल, मेरी चूत को भर दे…” वो उछल रही थी, थप थप थप। मैं नीचे से धक्के मार रहा था।
पूजा मेरी गांड में उंगली घुमा रही थी। “उफ्फ पूजा… आह्ह… क्या कर रही हो… इह्ह्ह…”
रीना अपनी मोटी चूचियां मेरे मुंह में ठूंस रही थी। “चूस राहुल… मेरी चूचियां निचोड़… आह्ह…”
मेरा लंड फटने को था। “आह्ह… मैं झड़ने वाला हूं… उफ्फ…”
शालिनी भाभी फिर लंड पर बैठ गईं। “ले राहुल… अपना सारा माल मेरी चूत में छोड़… आह्ह्ह…” मैं झड़ा। गर्म वीर्य उनकी चूत में भर गया। भाभी भी तड़पकर झड़ गईं, उनकी चूत से रस बहने लगा।
सब थककर लेट गईं। मेरी छाती और गांड लाल हो चुकी थी। लंड अभी भी आधा तना हुआ था।
“राहुल, तूने हमारी किटी पार्टी को जिंदगी की सबसे गरम पार्टी बना दिया,” कविता हंसकर बोली।
मैं हांफते हुए मुस्कुराया, “आह्ह… आप सबने मुझे बंधक बनाकर खूब चोदा… लेकिन मजा आ गया…”
उस दिन के बाद हर किटी पार्टी में मुझे स्पेशल इनवाइट आने लगा। दोस्तों, ये मेरी सबसे हॉट कहानी आपको कैसी लगी?