Delhi aunty sex story, indian mature woman sex story, housewife cheating sex story: मेरा नाम राह है और मैं हैदराबाद का रहने वाला हूं। मैं एक मिडिल क्लास फैमिली से हूं, एथलीट फिट बॉडी, लंबाई 5 फीट 9 इंच। उस समय मैं एक इंश्योरेंस कंपनी में काम करता था। कंपनी की तरफ से हमें मोबाइल नंबरों का डेटा मिलता था, जिसके जरिए हम कस्टमर को कॉल करके इंश्योरेंस की डिटेल्स बताते थे।
कॉल करते-करते बहुत थक जाता था। एक दिन ऐसे ही एक नंबर पर कॉल लगाया। फोन उठाया तो एक महिला ने। मैंने अपनी कंपनी का इंश्योरेंस प्रोडक्ट डिटेल्स बताए। उसने कहा, “आपकी डिटेल्स फोन पर समझ नहीं आ रही हैं। क्या आप घर आकर मुझे डिटेल्स दे सकते हैं?”
मैंने अपने बॉस से परमिशन ली और उस आंटी के घर अपनी बाइक से चला गया। पता पर पहुंचते ही दरवाजा खुला तो मैं तो हैरान रह गया। नाम पूजा था, लेकिन वो आंटी बिल्कुल नहीं लग रही थी। मीडियम फिगर, गोरी चिट्टी त्वचा, एकदम कुवांरी लड़की जैसी बॉडी। उसने मुझे अंदर बुलाया, सोफे पर बिठाया और सारी डिटेल्स ध्यान से सुनी।
डिटेल्स देते समय वो मुझे ऐसे घूर रही थी जैसे खा जाएगी। काम खत्म करके मैंने अपना मोबाइल नंबर भी छोड़ दिया कि कहीं कोई डाउट हो तो कॉल कर लेना।
दो दिन बाद उसी पूजा का कॉल आया। बोली, “राह, मुझे आपके प्रोडक्ट में कुछ डाउट हैं।” मैंने सब क्लियर कर दिया। अगले दिन फिर कॉल, फिर अगले दिन भी। लेकिन तीसरे दिन रात को एक अलग नंबर से कॉल आया। मैं गहरी नींद में था, इसलिए अगले दिन कॉल बैक किया।
फोन उठाया तो वही पूजा थी। बोली, “ये मेरा दूसरा नंबर है, स्पेशल कॉल्स के लिए।” मैं चौंक गया। पूछा, “स्पेशल कॉल्स? मतलब?” वो हंस पड़ी और बोली, “राह, मैंने तो तुमसे दोस्ती करने के लिए ही इतने कॉल किए थे।”
कुछ दिनों तक हम रोज रात को बातें करते। कभी इधर-उधर की बातें, कभी फिल्मों की। मेरे दिमाग में गलत-गलत ख्याल आने लगे थे। पूजा इतनी हॉट थी कि कोई भी एक बार देख ले तो मर मिट जाए।
एक रात मैंने हिम्मत करके पूछ लिया, “पूरा, तुम रात को ही क्यों कॉल करती हो? तुम्हारे पति को कोई प्रॉब्लम नहीं होती?”
वो हंस पड़ी और बोली, “पति पास होते तो शायद प्रॉब्लम होती, लेकिन वो तो अमेरिका में हैं।”
ये सुनते ही मेरे मन में लड्डू फूट पड़े। मैंने मजाक में कहा, “तो फिर रोने वाली बात क्या है?”
वो बोली, “वो गए तब से मैं यहां अपनी 2 साल की बेटी के साथ अकेली रहती हूं। कॉम्प्लेक्स में कोई खास मददगार भी नहीं।”
मैंने तुरंत कहा, “अकेली कहां, मैं तो हूं ना तुम्हारे साथ। कोई भी प्रॉब्लम हो तो तुरंत बताना।”
अगले दिन फिर उसका कॉल। बातों-बातों में मैं हमेशा कहता, “कुछ नया टॉपिक बोलो ना।” असल में मैं सोच रहा था कि कैसे अपनी इच्छा जाहिर करूं। तभी पूजा ने एक नई फिल्म का नाम लिया और पूछा, “राह, तुमने वो फिल्म देखी?”
मैंने कहा, “हां, देखी है।”
वो बोली, “बताओ, सबसे ज्यादा क्या अच्छा लगा?”
मैंने कहा, “उसमें जो पैशनेट सीन था, जो आखिर तक पहुंचा, वो बहुत अच्छा लगा।”
वो चुपचाप सुन रही थी। फिर पूछा, “अंजाम का मतलब?”
मैंने हिम्मत करके कहा, “वो… सेक्स वाला सीन।”
वो थोड़ी खामोश हुई। फिर बोली, “राह, तुमने कभी किसी के साथ सेक्स किया है?”
मैंने सच बताया, “नहीं पूजा, अब तक नहीं किया।”
वो बोली, “फिर इतने दिनों तक कैसे संभाल लिया?”
मैंने कहा, “तुम जैसे पति के बिना रह रही हो, वैसे ही मैं भी रहता हूं।”
ये सुनकर वो पूरी तरह खामोश हो गई। मैंने पूछा, “क्या हुआ? चुप क्यों हो गई?”
फिर हिम्मत करके बोला, “पूजा, क्या मैं तुम्हारी मदद कर सकता हूं? तुम्हारे पति की जगह लेकर…”
वो चुप रही और कॉल काट दिया।
मैं घबरा गया कि कहीं गलत तो नहीं बोल दिया। थोड़ी देर बाद एक मैसेज आया सिर्फ “(हां)” लिखा हुआ।
मैंने तुरंत कॉल किया। पूजा ने कहा, “टाइम सेट करके बताऊंगी।”
अगले दिन सुबह उसका मैसेज आया – आज 2:30 बजे।
मैं टाइम पर उसके कॉम्प्लेक्स पहुंचा। दरवाजा खुला तो मैं दंग रह गया। पूजा एकदम सी-थ्रू नाइटी में खड़ी थी, अंदर कुछ नहीं।
मैं अंदर गया, सोफे पर बैठा। वो मेरे बगल में बैठ गई। बातें करते-करते मैं उसकी आंखों में आंखें डालकर देख रहा था। धीरे-धीरे उसके करीब गया, उसका चेहरा दोनों हाथों में पकड़ा और होंठों पर होंठ रख दिए।
लिप टू लिप किस करते हुए मैंने उसे अपनी बाहों में भर लिया। पूछा, “परमिशन है या नहीं?”
वो सिर्फ सिर हिलाकर हां बोली।
मैंने उसे गोद में उठाकर बेडरूम में ले गया। बेड पर लिटाया। किस करना जारी रखा। धीरे-धीरे उसकी नाइटी ऊपर की और उतार दी। वो शरमाते हुए चेहरा फेर रही थी।
मैंने अपनी टी-शर्ट और जींस उतारी। जींस उतारते ही अंडरवियर पर मेरा लंड पूरा तना हुआ खड़ा था। पूजा ने देखा तो उसकी सांसें तेज हो गईं।
मैंने उसे फिर किस किया, ब्रा के हुक खोले, ब्रा उतारी। उसके गोरे-गोरे, मीडियम साइज के बूब्स देखकर मैं पागल हो गया। हाथों से दबाया, चूसा। वो सिसकारियां भरने लगी… आह्ह… राह… आह्ह…
फिर मैंने हाथ उसकी पैंटी में डाला। उसकी चूत पर उंगलियां फेरने लगा। वो पूरी गीली हो चुकी थी। उंगलियां अंदर-बाहर करने लगा तो वो तड़प उठी… ओह्ह… राह… और जोर से… आह्ह्ह…
मैंने उसकी पैंटी भी उतार दी। वो पूरी नंगी मेरे सामने लेटी थी। मैंने अपना अंडरवियर उतारा। मेरा 7 इंच लंबा, मोटा लंड सीधा खड़ा था। पूजा उसे देखकर और भी उत्तेजित हो गई।
मैंने कहा, “पूजा, मुंह में लो।”
वो झुककर लंड को मुंह में ले लिया। पहले धीरे-धीरे चूसा, फिर गहराई तक लिया। ग्ग्ग्ग… ग्ग्ग्ग… गी… गी… गों… गों… गोग… वो जोर-जोर से चूस रही थी।
कुछ देर बाद वो बोली, “राह… अब रहा नहीं जाता… अंदर डाल दो…”
मैंने उसे लिटाया, दोनों टांगें फैलाईं। लंड को उसकी चूत की लिप्स पर रगड़ा। वो तड़प उठी… आह्ह… राह… प्लीज… डाल दो…
मैंने धीरे से सिरा अंदर किया। वो काफी टाइट थी। धीरे-धीरे पूरा अंदर डाला। जैसे ही पूरा गया, वो हल्की चीखी… आह्ह्ह्ह…
फिर मैंने धीरे-धीरे स्पीड बढ़ाई। पूरी ताकत से चोदने लगा। पूजा भी कमर उठाकर साथ दे रही थी।
आह्ह… राह… और जोर से… ओह्ह… फाड़ दो मेरी चूत… आह्ह्ह… ह्ह्ह… इह्ह…
मैंने उसे कई पोजिशन में चोदा। पहले मिशनरी, फिर डॉगी, फिर वो मेरे ऊपर। हर बार वो जोर-जोर से चिल्लाती… ओह्ह… ऊंह्ह… राह… मत रुको… बस करते रहो…
उस दिन मैंने उसे तीन बार पूरा मजा दिया। हर बार झड़ने के बाद भी वो और मांगती रही। आखिर में हम दोनों थककर एक-दूसरे से लिपटकर लेट गए।
हमने सिर्फ दो बार ही ऐसे मिल पाए। उसके बाद पूजा का पति अमेरिका से वापस आ गया और उन्हें भी साथ ले गया। तबसे मैं चुप हूं।
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