Friend sister sex story, Dost ki behan sex story, Virgin pussy fuck sex story: हैलो दोस्तों, आज मैं आप सभी को अपनी एक सच्ची घटना सुनाने जा रहा हूं जो अभी एक महीने पहले मेरे साथ घटी है। दोस्तों मेरा नाम रजत शर्मा है और मैं बी-कॉम के दूसरे साल में अपनी पढ़ाई कर रहा हूं। दोस्तों अपनी कहानी को शुरू करने से पहले मैं आप सभी को बताना चाहता हूं कि यह मेरी पहली कहानी है तो अगर मुझसे कोई भी गलती हो जाए तो प्लीज आप सभी मुझे माफ जरूर करना। यह कहानी मेरे दोस्त की बहन की है जो कॉलेज के पहले साल में पढ़ती है और उसका नाम पूजा है, लेकिन घर में सब उसे विन्नी बुलाते हैं और वो दिखने में बिल्कुल करीना कपूर लगती है और शायद उससे भी ज्यादा अच्छी और सेक्सी है। दोस्तों मैं बचपन से ही उसे जानता था, क्योंकि उसका भाई मेरा बहुत अच्छा दोस्त था और वो उस समय थोड़ी छोटी थी, लेकिन वो धीरे-धीरे अपनी उम्र के साथ-साथ बड़ी होती गई और अब एकदम गजब पटाका हो चुकी है, उसके फिगर का साइज 34-30-36 उसका गोरा रंग, वो बहुत मस्त और इतनी सेक्सी कि पूछो मत, आस-पास के सब लड़के उस पर लाइन मारते और उसके सच्चे आशिकों की तो कोई कमी ही नहीं थी।
दोस्तों मेरी उससे हमेशा किसी ना किसी छोटी बात पर लड़ाई होती ही रहती थी, लेकिन धीरे-धीरे जैसे वो बड़ी हुई हमारी लड़ाई कम और दोस्ती बढ़ने लगी और अब मैं उसके साथ बहुत हंसी-मजाक किया करता था और मैं मजाक में कभी-कभी उसे कई बार छू भी लेता था और मन ही मन अब उसकी तरफ बहुत ज्यादा आकर्षित होने लगा था और मैं मन ही मन उसकी चुदाई करने की बात सोचने लगा था। एक बार मैंने होली के दिन उसे रंग लगाने के बहाने उसके मुलायम-मुलायम बूब्स को छुआ तो मैं मानो उस समय उनको छूकर जैसे जन्नत में चला गया और उसके बूब्स इतने मुलायम थे कि जैसे वो कोई रुई से बने हों और शायद उन्हें आज तक किसी ने छुआ भी नहीं था और उस दिन से मैंने उसे चोदने की बात मन ही मन ठान ली थी और अब जब भी मुझे कोई अच्छा मौका मिलता है तो मैं उसे स्माइल पास करता या छेड़ने लगता था और फिर धीरे-धीरे वो भी मुझे लाइन देने लगी थी।
एक दिन की बात है, मैं उस दिन उसके घर पर था और उससे हंसी-मजाक कर रहा था और वो भी मेरे पास सोफे पर बैठी हुई थी, लेकिन कुछ देर बाद वो अचानक से उठकर पानी लेने फ्रिज के पास चली गई। फिर मैं भी तुरंत उसके पीछे-पीछे चला गया, उसने पीछे मुड़कर देखा और वो मुझे देखते ही मुझसे पूछने लगी कि क्या चाहिए? फिर मैंने उससे कहा कि तू मुझसे शर्त लगा ले कि मैं तुझे बिना छुए किस कर सकता हूं, लेकिन वो कुछ नहीं बोली और मेरी बात को सुनकर चकित होकर खड़ी-खड़ी मेरी तरफ देखती रही। फिर मैंने उससे कहा कि तू अपनी आंखें बंद कर, उसने तुरंत अपनी आंखों को बंद कर दिया और मैं बहुत धीरे से उसके पास गया और मैंने उसको एक बहुत छोटा सा किस कर दिया। फिर उसने आंख खोली और वो मुझसे कुछ नहीं बोली बस वो थोड़ा सा मुस्कुरा रही थी और अब मैं दोबारा उसके करीब गया और इस बार मैंने उसे बहुत धीरे और दमदार फ्रेंच किस किया, थोड़ी देर में वो भी जोश में आ गई और मेरा पूरा-पूरा साथ देने लगी और थोड़ी देर बाद मैं उससे अलग हो गया और मैंने देखा कि उसकी आंखों में हवस की आग लगी हुई थी और जिसको देखकर मैं अब समझ चुका था कि उसको अब मुझसे क्या चाहिए? फिर मैंने उससे कहा कि जब घर पर कोई ना हो तो मुझे बता देना मैं चला आऊंगा और उससे यह बात कहकर मैं अपने घर पर चला आया और उस रात को मैंने उसकी चुदाई के बारे में सोचकर एक बार मुठ मारी और पूरी रात उसके बारे में सोचता रहा और मुझे नहीं पता कब मैं सो गया।
दोस्तों उसके घर पर ऐसा मौका बहुत कम ही मिलता है, जब घर पर कोई ना रहता हो, लेकिन एक दिन भगवान ने मेरे मन की बात सुन ली और मेरी वो इच्छा पूरी हो गई। एक दिन उसका मेरे पास फोन आया कि उसके घर वाले तीन-चार दिनों के लिए कहीं बाहर जा रहे हैं और वो खुद अपनी बीमारी का बहाना बनाकर घर पर ही रुक गई है और अब उसकी यह बात सुनकर मेरी खुशी का तो कोई ठिकाना ही नहीं था। फिर मैं अपने घर पर यह बात बोलकर निकल गया कि मैं अपने दोस्तों के साथ कहीं बाहर घूमने जा रहा हूं तो मैं उसके घर पर रात के ठीक दो बजे पहुंचा और उसके मकान की पीछे की दीवार कूदकर उसे फोन किया और फिर उसने पीछे का दरवाजा खोल दिया। दोस्तों वो क्या लग रही थी उस गुलाबी कलर की टी-शर्ट में, जिसमें से उसके बूब्स बहुत साफ-साफ दिख रहे थे और एक छोटी सी कैप्री जिसमें उसकी दूध जैसी गोरी-गोरी पैर मुझे पागल कर रहे थे। वो मेरे आगे-आगे चल रही थी और मैं उसकी गांड को देखकर यह बात सोच रहा था कि अब तो तीन-चार दिन जब तक इसके घर वाले नहीं आ जाते तब तक यह मेरी ही है और जैसे ही मैं रूम के अंदर पहुंचा तो उसने ए.सी. चला दिया और अपने भाई के लैपटॉप पर एक फिल्म को भी चला दिया।
फिर मैं भी धीरे से उसके पास जाकर बैठ गया। फिर मुझे एक आइडिया आया और मैंने लैपटॉप पर एक मस्त सी ब्लू फिल्म को चला दिया, क्योंकि मुझे पहले से ही पता था कि उसका भाई अपने लैपटॉप में ब्लू फिल्म कहां पर छुपाकर रखता है, वो भी यह सब देखकर बहुत चकित थी कि और उसका भाई यह सब देखता है, लेकिन धीरे-धीरे वो भी फिल्म देखकर मदहोश होने लगी और जैसे ही फिल्म में लड़के ने अपना लंड लड़की की चूत में डाला तो उसने एकदम से मेरा हाथ पकड़ लिया और बोली कि प्लीज थोड़ा आराम से करना, क्योंकि मैं अब तक वर्जिन हूं और मैं तो उसके मुंह से यह बात सुनकर पागल हो गया था, क्योंकि इतनी सेक्सी चूत का ताला आज मुझे जो खोलना था। फिर मैंने उसका हाथ अपने दूसरे हाथ में लिया और सहलाने लगा और जिसकी वजह से वो भी जोश में आ रही थी और थोड़ी देर के बाद हम दोनों बहुत गर्म हो चुके थे।
फिर उसने खुद ही लैपटॉप बंद करके दूर रख दिया और मैंने भी अपना वो बैग अलग रख दिया, जिसमें ढेर सारे कंडोम और चॉकलेट थी, मैं धीरे से उसके पास गया और अपने होंठ उसके होंठों के बहुत करीब ले गया और कुछ देर वैसे ही रहने के बाद उसे प्यार से किस किया और फिर हम दोनों एक-दूसरे को प्यार से किस करने लगे। दोस्तों जब माल इतना तगड़ा हो तो उसे चोदना भी आराम से ही चाहिए और मैं उन तीन-चार दिनों की बहुत अच्छी प्लानिंग करके आया था। फिर धीरे से मैं अपनी जीभ को उसके मुंह में घुमाने लगा और फिर मैंने अपने हाथ उसकी पीठ से उसकी टी-शर्ट के अंदर ले गया और जब मैंने उसे छुआ तो वो क्या मस्त अहसास था और उसकी त्वचा इतनी मुलायम थी कि जैसे वो कोई गुलाब हो।
फिर हम दोनों एक-दूसरे को बुरी तरह से किस करने लगे और वो भी अब बहुत गर्म हो चुकी थी। फिर मैंने उसकी टी-शर्ट को धीरे से उतार दिया और अब मेरे सामने उसके गोरे बूब्स एक गुलाबी कलर की ब्रा में बंद थे और मुझसे बाहर निकालने की बात कह रहे थे। फिर मैंने उसकी ब्रा के ऊपर से ही उसके बूब्स को चूसना दबाना शुरू कर दिया था और वो धीरे-धीरे मोन करने लगी, आह्ह.. रजत.. धीरे.. आह.. वो अपनी आंखें बंद करके मेरे कंधों पर हाथ रखे हुए थी और मैं महसूस कर रहा था कि उसके निप्पल ब्रा के अंदर से सख्त हो रहे हैं, मैंने अपनी जीभ से ब्रा के ऊपर से ही उसके एक निप्पल को चाटा तो वो सिहर उठी, ऊउ.. ह्ह्ह.. और मैंने दूसरे बूब को हल्के से दबाया, उसके मुंह से आह निकली और वो मुझे और करीब खींचने लगी। फिर मैंने धीरे से उसकी ब्रा के स्ट्रैप को कंधे से नीचे सरकाया और ब्रा को थोड़ा नीचे खींचा, उसके एक बूब बाहर आ गया, जो पूरी तरह गोरा और सख्त था, मैंने उसे मुंह में लेकर चूसना शुरू किया, मेरी जीभ उसके निप्पल पर घूम रही थी और मैं हल्के से दांतों से काट रहा था, वो तड़प उठी, आह्ह.. रजत.. जोर से मत काटो.. इह्ह.. लेकिन उसके हाथ मेरे सिर को और दबा रहे थे, मैंने दूसरे बूब को भी ब्रा से आजाद किया और दोनों को बारी-बारी से चूसने लगा, उसके बूब्स इतने मुलायम थे कि मैं उन्हें दबाते हुए महसूस कर रहा था जैसे रुई के गोले हों, वो अब जोर-जोर से सांस ले रही थी और उसकी मोन्स बढ़ गई थीं, ऊउ.. आह.. ह्ह्ह.. रजत.. और चूसो..।
फिर मैं उसकी चूत को कैप्री के ऊपर से किस करने लगा और फिर चाटने, चूसने लगा, जिसकी वजह से वो तो बिल्कुल पागल हो रही थी और उसका यह पहला सेक्स अनुभव भी था, वो अपनी कमर ऊपर उठा रही थी और मेरे सिर को नीचे दबा रही थी, आह्ह.. रजत.. क्या कर रहे हो.. इह्ह.. वो हल्के से कांप रही थी और मैं महसूस कर रहा था कि उसकी कैप्री गीली हो रही है। फिर मैंने उसकी कैप्री को थोड़ा नीचे सरका दिया और मैंने उसकी चूत के अंदर झांककर देखा तो अंदर से बिल्कुल सफेद और एकदम साफ थी, मैं अब अपने आपको रोक नहीं पाया और उसकी चूत के अंदर तक अपनी जीभ घुसाकर चाटने, चूसने लगा, वो और जोर से मोन करने लगी, आह्ह.. ह्ह्ह.. ऊउई.. रजत.. मत रुको.. इह्ह.. उसकी खुशबू मुझे और मदहोश कर रही थी, मैंने अपनी जीभ को उसके क्लिट पर घुमाया तो वो चीख उठी, आअह्ह्ह.. ह ह ह.. और उसके हाथ मेरे बालों में फंस गए। दोस्तों उसकी चूत की वो मदहोश खुशबू इतनी नशीली थी कि मैं उसे सूंघकर एकदम पागल हो गया था और फिर मैंने एक झटके में उसकी कैप्री को पूरा खोलकर उससे अलग कर दिया, वो अब सिर्फ गुलाबी ब्रा और गुलाबी कलर की पैंटी में थी और क्या सेक्सी लग रही थी? अब हम दोनों एक बार फिर से किस करने लगे और इस बार जोश कुछ ज्यादा ही था और मैंने अपना हाथ जैसे ही उसकी पैंटी में अंदर घुसाया और उसकी चूत को छुआ तो उसने मेरे होंठों को हल्का सा काट लिया, आह.. रजत.. धीरे.. वो शर्मा रही थी लेकिन उसकी आंखों में हिचकिचाहट के साथ-साथ चाहत भी थी।
फिर मैं अपनी उंगली उसकी चूत के आस-पास घुमाने लगा, धीरे-धीरे उसके गीले होंठों पर उंगली फेरते हुए, उसकी चूत की नरम त्वचा को महसूस करते हुए, वो किसी जानवर की तरह तड़पने लगी, ऊउ.. ह्ह्ह.. इह्ह.. रजत.. अंदर डालो ना.. उसकी आवाज में हिचकिचाहट थी लेकिन चाहत साफ झलक रही थी, मैंने मुस्कुराकर उसकी तरफ देखा और बोला, “धैर्य रख विन्नी, अभी तो मजा शुरू हुआ है”, फिर मैंने अपनी उंगली को हल्के से उसके छेद पर रखा और धीरे से अंदर सरकाया, वो सिहर उठी, आह्ह.. रजत.. धीरे.. इह्ह.. उसकी चूत इतनी टाइट थी कि उंगली मुश्किल से अंदर जा रही थी, मैंने उंगली को अंदर-बाहर करने लगा, धीरे-धीरे स्पीड बढ़ाते हुए, वो अपनी कमर उचका रही थी और मेरे कंधे पकड़कर नाखून गड़ा रही थी, ऊउ.. ह्ह्ह.. और तेज.. रजत.. आह.. और कुछ देर बाद बहुत सारे पानी के साथ वो झड़ गई, वो शायद आज पहली बार झड़ी थी और जिसकी वजह से उसकी पैंटी और मेरा हाथ पूरी तरह भीग चुका था, वो जोर से सिसक रही थी, आअह्ह्ह.. ह ह ह.. ऊईईई.. और उसका शरीर कांप रहा था जैसे कोई करंट लगा हो, मैंने देखा कि उसके चेहरे पर पसीना आ गया था और आंखें बंद करके वो हांफ रही थी, “रजत.. ये क्या था.. इतना अच्छा लगा”, वो शर्मा कर बोली।
फिर मैंने अपना हाथ उसकी पैंटी से बाहर निकाला और उसकी चूत के रस को चखकर देखा तो उसमें एक वर्जिन चूत की खुशबू आ रही थी और मैं ज्यादा गर्म हो गया, वो मीठा-नमकीन स्वाद मुझे और पागल कर रहा था, मैंने अपना हाथ उसके मुंह के पास ले जाकर बोला, “चखो ना अपना रस”, वो शर्मा गई लेकिन धीरे से मेरी उंगली चाट ली, ऊउ.. ह्ह्ह.. फिर मैंने उसकी ब्रा को खींचकर फाड़ दिया, ब्रा के फटने की आवाज से वो चौंक गई लेकिन मैंने उसके गोरे बूब्स को पागलों की तरह चूसने लगा और दबाने लगा, पहले एक बूब को मुंह में लेकर जोर से चूसा, निप्पल को जीभ से घुमाया, जिसकी वजह से वो बहुत बुरी तरह से चीख रही थी और चिल्ला रही थी, आह्ह.. रजत.. दर्द हो रहा है.. लेकिन धीरे करो.. इह्ह.. लेकिन मैं नहीं रुका, मैंने उसके एक निप्पल को मुंह में लेकर चूसा और दूसरे को उंगलियों से मसल दिया, धीरे से खींचा और मरोड़ा, वो तड़प रही थी, ऊउ.. ह्ह्ह.. आह.. विन्नी मेरा नाम लेकर सिसक रही थी और उसके निप्पल सख्त होकर लाल हो गए थे, मैंने बारी-बारी से दोनों बूब्स को चूसा, कभी जोर से दबाया तो कभी हल्के से मसला, वो बोली, “रजत.. मत रुको.. आह्ह.. ये दर्द अच्छा लग रहा है अब”, उसके बूब्स पर मेरे दांतों के निशान पड़ने लगे थे।
फिर मैं उसके निप्पल को अपनी जीभ से सहलाने लगा और धीरे से काटने लगा, पहले हल्का सा काटा तो वो सिहर उठी, आअह्ह्ह.. ह ह ह.. रजत.. और जोर से.. ऊई.. और वो मेरा सर अपने बूब्स पर दबाने लगी, मैंने जीभ से निप्पल को चाटा, चूसा और फिर हल्के से दांतों से खींचा, वो अपनी कमर उचका रही थी और मोन कर रही थी, इह्ह.. ऊउ.. ह्ह्ह.. करीब तीस मिनट तक उसके बूब्स को चूसने के बाद, जब वो पूरी तरह गर्म हो चुकी थी और उसके बूब्स लाल हो गए थे, मैं अब थोड़ा नीचे उसकी नाभि पर आया और अपनी जीभ से चूसने लगा तो वो जैसे पागल ही हो गई, इह्ह.. ऊउ.. ह्ह्ह.. उसकी कमर ऊपर-नीचे हो रही थी और मैंने अपनी जीभ को उसकी नाभि में घुमाया तो वो चीखी, आह्ह.. रजत.. क्या कर रहे हो.. मैंने हाथों से उसके कूल्हे पकड़े और जीभ को नाभि के चारों तरफ घुमाया, कभी चाटा तो कभी हल्के से काटा, वो बोली, “रजत.. नीचे जाओ ना.. प्लीज.. आह्ह.. नहीं सह पा रही”, उसकी सांसें तेज थीं और शरीर पसीने से भीगा हुआ था।
फिर बहुत देर तक उसकी नाभि को चाटने, चूसने के बाद, जब वो तड़प रही थी, मैं उसकी पैंटी के पास चला गया और मैंने सूंघकर महसूस किया कि उसकी वाह क्या खुशबू थी, गीली पैंटी से आ रही वो नशीली महक मुझे और उत्तेजित कर रही थी, मैं उसकी चूत को उसकी पैंटी के ऊपर से ही चाटने लगा, जीभ से पैंटी पर दबाव डालकर चाटा, जिससे वो बहुत मोन करने लगी, आह्ह.. इह्ह.. ऊउई.. रजत.. उतारो ना इसे.. वो अपनी कमर हिला रही थी और हाथ से मेरे सिर को नीचे दबा रही थी, मैंने धीरे से उसकी पैंटी को नीचे सरकाया, पहले थोड़ा सा नीचे किया और उसकी गुलाबी चूत की झलक देखी, जो पूरी तरह गीली थी और चमक रही थी, फिर मैंने पैंटी को पूरी तरह उतार दिया, उसके पैरों से निकालकर साइड में फेंक दिया, जिसको देखकर मैं उसे देखता ही रह गया और सोचने लगा कि ऐसी चूत को चोदने के लिए कोई भी इंसान अपना सब कुछ बेच सकता है, वो बिल्कुल साफ चमकीली और एकदम गोरी और अंदर से बिल्कुल कामुक दिख रही थी और उसकी खुशबू तो किसी को भी पागल कर दे, मैंने अपना चेहरा उसके पैरों के बीच ले जाकर सूंघा, वो बोली, “रजत.. क्या कर रहे हो.. शर्म आ रही है”, लेकिन मैंने नहीं सुना।
फिर मैं उसकी चूत को अपनी जीभ से चाटने लगा, पहले बाहर के होंठों पर जीभ फेरी, धीरे-धीरे चाटा, वो अपने हाथ से मुझे अपनी चूत के ऊपर दबा रही थी, आअह्ह्ह.. ह ह ह.. रजत.. और गहराई से.. इह्ह.. मैंने अपनी जीभ को उसकी चूत के अंदर घुसा दिया, अंदर की दीवारों को चाटा, उसकी चूत टाइट थी लेकिन गीली होने से जीभ आसानी से अंदर जा रही थी, वो बहुत तेज मोन करने लगी, ऊउ.. ह्ह्ह.. आह.. और मुझे उसका मोन करने की आवाज बहुत अच्छी लग रही थी, मैंने जीभ को और गहराई में धकेला और चाटने लगा, कभी ऊपर क्लिट पर जीभ घुमाई तो वो चीख उठी, आह्ह.. रजत.. वहां.. ऊई.. फिर मैं अपनी जीभ को अंदर-बाहर करने लगा और चूत के दाने को भी छूने लगा, उंगली से क्लिट को रगड़ते हुए, साथ में अपनी एक उंगली से उसकी चूत के साथ खेल रहा था, पहले एक उंगली अंदर डाली, धीरे-धीरे अंदर-बाहर की, वो तड़प रही थी, आह्ह.. इह्ह.. ऊईईई.. रजत.. मैं नहीं सह पा रही.. और उसकी सांसें तेज हो गईं, मैंने स्पीड बढ़ाई और उंगली को घुमाया, उसकी चूत से पानी टपक रहा था, वो बोली, “रजत.. और.. प्लीज.. आह्ह.. कुछ होने वाला है”।
फिर थोड़ी देर ऐसे करते हुए मैं अपना दूसरा हाथ उसकी गांड की तरफ ले गया, उसके कूल्हों को सहलाया और धीरे से एक उंगली को उसकी गांड के छेद पर रखा, हल्के से दबाया, वो सिहर उठी, इह्ह.. रजत.. वहां नहीं.. लेकिन मैंने धीरे से उंगली अंदर सरकाई, टाइट थी लेकिन गीली चूत के रस से आसान हो गया, अब मैं उसके यह तीनों काम एक साथ करने लगा, जीभ से चूत चाटना, उंगली से चूत में अंदर-बाहर और दूसरी उंगली से गांड में खेलना, वो बहुत जोर-जोर से आह्ह्ह.. आईईईई.. करती रही, उसका शरीर कांप रहा था, कमर उचक रही थी, “रजत.. आह्ह.. नहीं.. ऊउ.. ह ह ह.. मैं..”, और थोड़ी देर में उसका पूरा बदन एकदम से अकड़ गया, वो जोर से चीखी, आअह्ह्ह.. ऊईईई.. और कुछ देर बाद मेरे मुंह में उसके नमकीन पानी का तूफान सा आ गया, इतना ज्यादा रस निकला कि मेरा चेहरा भीग गया, वो इतना ज्यादा झड़ी कि मैं भी उससे अलग हो गया और अब उससे लगभग आधा बेड भीग चुका था। अब वो बेड पर बेहोश पड़ी थी और मैं उसकी नंगी बदन को आराम से देख रहा था और उसके चेहरे को सहला रहा था।
धन्यवाद। अब बताओ दोस्तों, आपको मेरी यह कहानी कैसी लगी?