Pyasi jawani sex story, callboy sex story, ghodi banakar sex story: मैं लड़कियों की प्यासी जवानी का इलाज करता हूँ, किसी लड़की को कैसे खुश करना, कैसे उसकी चूत की प्यास को बुझाना है, ये मुझे बड़े अच्छे से पता है.
मेरा नाम अरमान है और मैं पानीपत शहर से हूँ, मेरी उम्र 21 साल की है, मैं इस उम्र में एक कॉलबॉय बन चुका हूँ, मैं प्यासी जवानी का इलाज करता हूँ, मैं दिखने में बहुत ही साधारण महसूस करता हूँ जबकि मेरी ग्राहकों को मैं बड़ा कामुक लगता हूँ.
एक लड़की को कैसे खुश करना, कैसे उसकी चूत की प्यास को बुझाना है, ये मुझे बड़े अच्छे से पता है.
जब मैंने सारिका के बड़े परिवार की सारी औरतों और लड़कियों को चोदा था, तब मुझे पता चल गया था कि एक प्यासी जवानी, गर्म चूत को ठंडा करने का तरीका क्या है, क्या उसकी चूत को सिर्फ लंड से ही चैन मिलता है, या चूत चटवाने से भी मजा आता है, साथ ही एक प्यासी जवान लड़की या औरत को लंड के अलावा उसे कितनी देर तक और किस तरीके से चोदा जाता है, इस बात का बड़ा महत्व होता है.
हालांकि मर्द का बलिष्ठ शरीर औरत को आकर्षित करता है लेकिन तब भी एक औरत या लड़की बिस्तर पर मर्द की कलाबाजी की शौकीन होती है.
तो दोस्तो, सारिका के परिवार की लड़कियों और चुदक्कड़ औरतों की प्यासी जवानी ने मुझे कॉलबॉय बन कर रख दिया था.
सारी की सारी चूतें एक से बढ़ कर एक चुदक्कड़ थीं, किसकी चूत को कैसे शांत करना है, मुझे सब समझ आ गया था, खूब पैसे भी मिलते थे, सो मुझे उसके घर की हर चूत को रगड़ने में मजा आने लगा था, न केवल खुद चुदवाने में आगे थीं, बल्कि उन सभी की सहेलियां भी एक से बढ़ कर एक रंडी थीं.
एक रात भर की चुदाई में मैं अपने महीने की सैलरी पूरी कर लेता था, भगवान की कृपा से मेरा लंड भी काफी मजबूत और दमदार है, मेरे लंड की एक खासियत है कि ये एक घंटे तक झड़ता ही नहीं है, इस योग्यता के कारण मेरा लंड हर औरत की चूत को शांत करने में मेरा पूरा साथ देता है.
मेरे लंड की खास बात ये थी कि जब तक वो पूरी चूत के पानी से न नहा लेगा, तब तक वो अपना पानी नहीं निकालता था, मेरे लंड को कई भाभियां तो समझो कच्चा ही खा गई थीं, मेरे लंड की मर्दानगी पर कई लड़कियां मर मिटी थीं.
फिर पता नहीं क्या हुआ कि मुझे सारिका के रंडी परिवार की चूतों को चोदने का काम मिलना बंद हो गया.
कुछ समय से मुझे कोई चूत मारने का मौका ही नहीं मिल रहा था, मेरा लंड किसी चूत में जाने के लिए बेसब्री से तड़प रहा था.
उस दिन शाम को मैं गुमसुम बैठा लंड सहला रहा था कि तभी मेरे फोन पर एक अनजान नंबर से फोन आया, मैंने फोन उठाया, तो मुझे दूसरी तरफ से एक लड़की की आवाज सुनाई दी, उसकी आवाज सच में बहुत मस्त थी, उसकी आवाज सुनते ही मैं समझ गया था कि साली को मेरा लंड लेना है.
लड़की बोली, “राजन जी मुझे आपका नंबर काजल ने दिया है, और मेरा नाम रीता है.”
मैं बीच में उसकी बात को काटते हुए बोला, “बस रीता जी मैं समझ गया, आपने मुझे फोन क्यों किया है.”
रीता बोली, “आप तो बड़े स्मार्ट हो, अच्छा आगे सुनो, मैं सोनीपत से हूँ, आज मेरे घर पर कोई नहीं है.”
मैं बोला, “सोनीपत में कहाँ आना है?”
रीता बोली, “मैं सोनीपत से हूँ उधर रहती नहीं हूँ, मैं पानीपत में ही रहती हूँ, मगर शहर से थोड़ा दूर रहती हूँ, यहां के लिए बस चलती है.”
मैं बोला, “तो उधर का आने का चार्ज अलग से देना होगा.”
रीता बोली, “क्या यार चार्ज के लिए बात करते हो, आ जाओ, पैसे की फिक्र मत करो, आप जितने कहेंगे, मैं उतने पैसे आपको दे दूंगी, बस आप मुझे किसी तरह से शांत कर दीजिए.”
मैं बोला, “आप उसकी फिक्र मत कीजिये, ये मेरा रोज का काम है.”
रीता बोली, “ठीक है, जल्दी से जल्दी आ जाओ, आपको आज की पूरी रात बस मेरे नाम करना है, मेरी प्यासी जवानी का इलाज करना है.”
मैंने कहा, “ओके रीता जी, मैं बस आ रहा हूँ.”
उसने कहा, “मैं पता मैसेज कर रही हूँ.”
मैंने ओके कहा और फोन काट दिया.
मेरे मोबाइल पर मैसेज की घंटी आई, मैंने मैसेज पढ़ा और पता समझ लिया, ये शहर की एक आभिजात्य कॉलोनी का पता था, जिधर मुझे पहली बार जाने का मौका मिल रहा था.
तभी रीता का फिर से मैसेज आया, “तुम कॉलोनी के बाहर ही रुके रहना, मैं खुद अपनी काली रंग की ऑडी कार, जिसका नंबर नीचे लिख रही हूँ, का इंतजार करना.”
मैं समझ गया कि कॉलोनी में हर किसी का घुसना संभव नहीं था.
बस मैं लंड की झांटें साफ करके अच्छे से तैयार होकर घर से निकल गया, मैंने बस स्टैंड से उधर की बस पकड़ी और सीधा उस जगह पर आ गया, इधर बस से उतर कर मैं उसके दिए हुए पते पर पहुंच गया.
कुछ ही देर में मेरा फोन बजा और उसने मुझे अपनी कार का बताया कि किधर खड़ी है, मैं पास गया, तो वो कार से हाथ बाहर निकाल हिला कर मुझे बुला रही थी.
मैं उसकी कार के आगे वाले गेट को खोल कर अंदर बैठ गया, कार दौड़ने लगी.
कुछ ही देर में मैं उसके घर में आ गया था, वो देखने में काफी सुंदर लग रही थी, मैं तो उसके रूप का दीवाना सा होने लगा था.
उसने घर के सब दरवाजे और खिड़कियां बंद कर दीं, फिर वो मेरे साथ सोफे पर बैठ कर बोली, “यार तुम तो इतने जवान और खूबसूरत हो, तुम कॉलबॉय क्यों बन गए हो, तुम तो बहुत आराम से किसी लड़की को पटा कर जिंदगी भर चोद सकते थे.”
मैं चाहता तो ठीक यही उससे भी पूछ सकता था, लेकिन मैंने अपने ग्राहक का सम्मान करना सीखा था, इसलिए चुप रह गया.
मैंने उससे पूछा, “क्या सचमुच, मैं इतना सुंदर हूँ कि कोई लड़की मुझसे पट सकती है?”
रीता बोली, “और क्या, लड़कियां पटना तो छोड़ो, बल्कि तुम्हारे पास आ आकर खुद से चुदाने को मचलेंगी.”
मैं मन ही मन सोचने लगा कि साली रंडी तूने भी तो खुद को चुदवाने के लिए मुझे बुलाया है, बल्कि तू तो अपनी चूत की खाज शांत करवाने के लिए मुझे पैसे भी देगी.
लेकिन मैं सामने से उससे ये नहीं बोल सकता था.
मैं बोला, “पर क्या करूं, मेरे पास तो कोई लड़की चोदने के लिए है ही नहीं.”
रीता बोली, “मैं तो हूँ, मेरी प्यासी जवानी है राजा, तुम बस मुझे चोद दो.”
तभी रीता मेरे सामने जाकर खड़ी हो गई और एक एक करके अपने कपड़े उतारने लगी और अपना नंगा बदन मुझे दिखाने लगी.
जब वो पूरी नंगी हो गई तो वो अपनी चूत अपने हाथ से सहलाने लगी, उसकी उंगलियां धीरे धीरे उसकी गीली फांकों के बीच घूम रही थीं, और वो आहें भरते हुए मुझे देख रही थी, “देखो ना राजा, कितनी गर्म हो गई है ये, तुम्हारा इंतजार कर रही है.”
कुछ देर बाद रीता मेरे ऊपर चढ़ गई और मेरे होंठों को जोर जोर से चूसने में लग गई, उसकी जीभ मेरे मुँह में घुस रही थी, मीठी सी लार का स्वाद आ रहा था, मैं भी उसके होंठों को चूसने लगा, मेरे हाथ उसके नंगे पीठ पर घूमने लगे, धीरे से उसके कूल्हों को दबाया, वो आह भरते हुए बोली, “आह, हाँ ऐसे ही, मुझे महसूस कराओ.”
तभी रीता ने मेरी कमीज खोल दी और मेरे सीने की घुंडियों को अपनी जीभ से चाटने लगी, उसकी गर्म सांसें मेरे शरीर पर लग रही थीं, मैं उत्तेजित हो रहा था, कुछ ही देर में उसने मेरी पैंट और अंडरवियर को भी मेरे जिस्म से अलग कर दिया.
अंडरवियर हटते ही मेरा लंड उछल कर बाहर आ गया, मेरा टनटनाता लंड देख कर रीता मस्त होकर बोली, “अरे वाह, जितने खूबसूरत तुम हो, उतना ही खूबसूरत तुम्हारा लंड है, कितना मोटा और लंबा है ये, मेरी चूत को भर देगा.”
ये कहते हुए वो मेरे लंड को अपने मुँह लेकर जोर जोर से चूसने लगी, ग्ग्ग्ग.. ग्ग्ग्ग.. गी.. गी.. गों.. गों.. गोग, उसकी जीभ टॉप पर घूम रही थी, लार से चमक रहा था मेरा लंड, लंड को रीता के मुँह की गर्मी मिली तो वो और भी ज्यादा फनफनाने लगा, रीता मेरे लंड को पूरी मस्ती से चूस रही थी, मैं मजे से अपनी आंखें बंद करके अपने लंड को पूरी मस्ती से चुसवा रहा था, “हाँ रीता, ऐसे ही चूसो, पूरा गले तक लो, आह कितना मजा आ रहा है.”
उसी समय साथ के कमरे में से एक जवान लड़की बाहर आ गई, वो मुझे और रीता को चूमाचाटी करते देख कर अपने कपड़े निकालने लगी.
रीता ने मेरा लंड अपने मुँह से बाहर निकाला और बोली, “डरो मत, आ जाओ सोनम.”
उसने सोनम से मेरा परिचय करवा दिया, ये जो नई लौंडिया आई थी, उसका नाम सोनम था.
रीता बोली, “आज तुम भी मेरे साथ इसके मस्त लंड का मजा ले लोगी, आ जाओ सोनम, पार्टी शुरू करें.”
उसकी बात सुनते ही वो नंगी हो कर मेरे पास आ गई, उसके चूचे बड़े और गोल थे, गुलाबी निप्पल्स उभरे हुए.
एक तो रीता मेरे लंड को चूसने में लगी थी, ग्ग्ग्ग.. ग्ग्ग्ग.. गी.. गों.. गोग, और अब ये दूसरी मुझसे अपने चूचे चुसवाने लगी, मैंने सोनम के एक चूचे को मुँह में लिया, जीभ से निप्पल को चाटा, वो आह भरते हुए बोली, “आह राजा, चूसो जोर से, हाँ ऐसे ही.”
मेरी तो निकल पड़ी थी, एक साथ दो दो चूतें मेरे लंड का शिकार करने में लग गई थीं, मुझे अपने लंड पर भरोसा था कि आज इन दोनों की बुर का भोसड़ा बना कर ही दम लेगा.
अब कमरे में हम तीनों चुदाई की मस्ती में लग गए थे, लंड और मम्मों की चुसाई का खेल करीब दस मिनट तक चला, रीता मेरे लंड को गले तक ले रही थी, गोग.. गोग.. गोग, और सोनम मेरे होंठों को चूस रही थी, उसके चूचे मेरे सीने से दब रहे थे.
उसके बाद मैं उनको बिस्तर पर ले गया, मैंने उन दोनों को बिस्तर से नीचे टांगें लटका कर लेटने को कहा, वे दोनों समझ गईं कि अब चूत चुसाई का मजा मिलने वाला है, वो झट से अपनी अपनी चूत पसार कर बिस्तर पर इस तरह से लेट गईं कि वे आपस में एक दूसरे के मम्मों को मसल कर भी मजा ले सकें, रीता की चूत गुलाबी और गीली थी, सोनम की थोड़ी गहरी रंग की लेकिन टाइट लग रही थी.
मैंने उन दोनों की चूत को बारी बारी से चाटना शुरू कर दिया, पहले रीता की फांकों को अलग किया, जीभ से क्लिट को छुआ, वो आह भरते हुए बोली, “आह राजा, हाँ चाटो, कितना अच्छा लग रहा है,” गी.. गी.. गी, मैं जीभ अंदर डाल कर चाट रहा था, फिर सोनम की चूत पर आया, उसकी फांकें चिपकी हुई थीं, मैंने जीभ से अलग किया, वो इह्ह.. इह्ह.. कर रही थी, “ओह राजा, धीरे से, आह कितनी गुदगुदी हो रही है.”
उन दोनों की चूतें एकदम चिकनी थीं, मैं अपनी जीभ निकाल कर बारी बारी से दोनों की चूत को जीभ से चोदने लगा, सोनम की चूत एकदम टाइट थी, मैंने उंगली डाली तो वो आऊ.. ऊऊ.. कर उठी, “आह राजा, उंगली मत डालो, बस जीभ से करो, हाँ ऐसे.”
मैंने दोनों की चूत का छेद ध्यान से देखा, जब मैं सोनम की चूत को चाट रहा था, तभी मुझे सोनम की कसी हुई चूत का अंदाज लग गया था कि उसकी चूत बहुत तंग है, और हो सकता है कि इसकी चूत सील पैक हो, लेकिन वे दोनों लड़कियां साली थीं तो रंडियां ही, मैंने सोचा जो भी हो, आज दोनों को चोदूंगा.
फिर मैंने चूत की चुदाई करने का मन बना लिया था, क्योंकि उन दोनों की चूतों से जबरदस्त पानी टपकने लगा था और दोनों की ही प्यासी जवानी चुदासी होकर चुदने को मचलने लगी थीं, रीता बोली, “राजा अब मत तड़पाओ, लंड डालो मेरी चूत में, प्यासी है ये.”
चूत चुदाई करने से पहले मैंने अपना लंड फिर से एक बार बारी बारी से उन दोनों से चुसवाया, पहले रीता ने लिया, ग्ग्ग्ग.. ग्ग्ग्ग.. गों.. गोग, फिर सोनम ने, वो शर्मा रही थी लेकिन मुँह में लेते ही जोर से चूसी, “आह राजा, कितना स्वादिष्ट है.”
चूंकि रीता ने मुझे चोदने के लिए बुलाया था, इसलिए मुझे पहले उसी को चोदना था.
मैंने रीता को घोड़ी बना दिया और सोनम को उसके मुँह के आगे लगा दिया, रीता की चूत में जब मेरा लंड जाता, तो सोनम की चूत को चाटने का मजा भी उन दोनों को मिल जाता.
मैंने पीछे से अपना लंड रीता की चूत की फांकों में सैट किया, धीरे से टॉप को रगड़ा, वो आह.. ह्ह.. कर रही थी, “हाँ राजा, डालो ना, इंतजार नहीं होता,” और बिना कोई इशारा दिए मैंने पूरी ताकत से लंड को पेल दिया, मेरा लंड एक ही झटके में रीता की चूत को फाड़ता हुआ उसकी चूत में जड़ तक घुसता चला गया, सड़ाक की आवाज आई, रीता की चूत गीली थी लेकिन मोटा लंड घुसते ही वो चीख पड़ी.
रीता की चूत की माँ चुद गई वो बहुत जोर से गाली देते हुए चीख पड़ी, “आह, मादरचोद, चूत चुदवाने के लिए बुलाया था भैन के लौड़े, फाड़ना नहीं है, आह, मार दिया हरामी ने.”
मैंने हंसते हुए कहा, “जब एकदम से लंड गया न, तभी तो जीवन भर मुझे याद रखोगी कि हाँ किसी मर्द का लंड घुसा था.”
रीता चूंकि पुरानी चुदक्कड़ थी, इसलिए कुछ ही पलों में उसने मेरे लंड को झेल लिया, वो गांड हिलाते हुए मुझसे कहने लगी, “आंहा, तुम हो तो टॉप के मर्द, यदि तुमसे ही चुदवाती रही, तो मेरी चूत का भोसड़ा बनने में देर नहीं लगेगी, उम्म्ह, अहह, हय, ओह, पेलो मेरे राजा, बड़ा मस्त चोद रहे हो,” हर धक्के पर सड़ाक.. सड़ाक.. की आवाज आ रही थी, मैं उसके कूल्हों को पकड़ कर जोर जोर से पेल रहा था.
तभी सोनम अब मेरे मुँह के सामने चूत रख कर खड़ी हो गई.
मैं जोर जोर से रीता की चूत को चोद रहा था, साथ में सोनम की चूत को भी मैं अपनी जीभ से जोर जोर से चाट रहा था, गी.. गी.. गी, उसकी चूत में से थोड़ी ही देर में पानी निकल गया, जैसे ही सोनम की चूत का रस झड़ा, मैंने अपनी जीभ से सड़ाके मार मार कर उसकी चूत का सारा रस पी लिया, वो भी अपनी चूत को मेरे मुँह पर दबाते हुए रस स्खलित करते हुए चीख रही थी, “आह राजा, आऊ.. ऊऊ.. ऊइ.. ऊई.. उईईई, हाँ पी लो सारा, कितना मजा आ रहा है.”
तभी इतने में रीता की चूत ने भी अपना रस निकाल दिया था, जिससे मेरे लंड को ऐसा लगने लगा था जैसे इसकी चूत में मलाई का तालाब सा बन गया हो, मेरा लंड बड़ी चिकनाई के साथ अंदर बाहर होने लगा था, सड़ाक.. सड़ाक.. अब और चिकना हो गया, जिससे मुझे चूत रगड़ने का मजा नहीं मिल पा रहा था, मैंने लंड बाहर निकाल लिया.
मैंने अपना लंड बाहर निकाला और सोनम के मुँह में दे दिया, उसने भी बड़ी मस्ती से मेरे लंड को अपने मुँह में ले लिया और लंड चूसने लगी, ग्ग्ग्ग.. ग्ग्ग्ग.. गों.. गोग, “हाँ राजा, रीता का रस कितना टेस्टी है.”
सोनम ने मेरे लंड को अपने गले तक लेकर बड़ी मस्ती से चूस चूस कर रीता की चूत की मलाई को साफ कर दिया था.
इसके बाद मैंने सोनम को नीचे किया और उसकी चूत में लंड पेल दिया, उसकी चूत बड़ी टाइट थी, लेकिन रस के कारण चिकनी पड़ी थी, जिस वजह से लंड को अंदर घुसने में कोई दिक्कत नहीं हुई, लेकिन उसकी चूत की दीवारों को मेरे मोटे लंड से बड़ा दर्द होने लगा था, वो दर्द से कराहने लगी थी, “आह राजा, धीरे, कितना मोटा है, फट जाएगी मेरी चूत, इह्ह.. इह्ह.. ओह्ह.”
उधर रीता उठ कर सोनम के मुँह को चूसते हुए उसकी चूचियां मसलने लगी, जिससे कुछ ही देर में सोनम की चूत को लंड का मजा आने लगा था, वो बोली, “हाँ अब मजा आ रहा है, पेलो जोर से, आह ह ह ह ह्हीईई आअह्ह्ह्ह.”
मैंने लगभग दस मिनट तक सोनम की चूत चोद कर उसकी चूत का रायता निकाल दिया था, सड़ाक.. सड़ाक.. हर धक्के पर वो आह.. ह्ह.. आऊ.. ऊऊ.. कर रही थी, मैंने पोजिशन चेंज की, उसे ऊपर बिठाया, वो मेरे लंड पर उछलने लगी, उसके चूचे हिल रहे थे, मैंने पकड़ कर मसले, वो चीखी, “आह राजा, हाँ ऐसे, मेरी चूत भर दो.”
अब मेरे लंड का पानी भी निकलने को ही गया था, रीता मेरे मुँह से निकलती आहों से समझ गई थी कि मैं झड़ने वाला हूँ, उसने मेरी तरफ देख कर अपना मुँह खोल दिया, मैंने उसका इशारा समझ लिया और सोनम की चूत से लंड खींच कर अपना वीर्य रीता को पिला दिया, गों.. गों.. वो निगल रही थी, “हाँ राजा, सारा पी लूंगी.”
लंड रस चाटने के बाद रीता ने लंड को अपने मुँह से बाहर निकाला ही था कि सोनम ने मेरे लंड को अपने मुँह में ले लिया, फिर मैंने अपने लंड को सोनम से चुसवा कर उसके मुँह को खूब चोदा, ग्ग्ग्ग.. ग्ग्ग्ग.. गोग, इससे मेरा लंड सोनम के मुँह में ही फिर से खड़ा हो गया.
मेरा लंड खड़ा हो गया, तो मैंने सोनम की चूत को फिर से प्यार से चोदा, मुझे सोनम से मानो प्यार हो गया था, क्योंकि वो बहुत खूबसूरत और सेक्सी माल थी, उसे मैंने बिना रुके कई मिनट तक चोदा, पहले डॉगी स्टाइल में, उसके कूल्हे पकड़ कर पेला, सड़ाक.. सड़ाक.. वो आह.. इह्ह.. ओह्ह.. कर रही थी, फिर मिशनरी में, उसके पैरों को कंधे पर रखा, गहराई तक घुसाया, वो बोली, “आह राजा, कितना गहरा जा रहा है, हाँ जोर से, मेरी चूत तेरी है.”
इस बार की चुदाई में सोनम की चूत तीन बार रस छोड़ चुकी थी, पर मेरा लंड अपना पानी निकालने का नाम तक नहीं ले रहा था, वो थक रही थी लेकिन बोली, “मत रुको, और चोदो.”
तभी सोनम ने हरकत की, उसने मेरी गांड में उंगली डाल दी, इससे मैं एकदम से उत्तेजित हो गया और मेरे लंड का पानी निकल गया.
इस बार मैंने उसकी चूत में ही अपने लंड का पानी भर दिया था, गर्म वीर्य महसूस कर वो आअह्ह्ह्ह.. ह्ह्ह.. चीखी, “हाँ राजा, भर दो अंदर, कितना गर्म है.”
मस्त चुदाई के बाद हम सब थक गए थे, रीता ने व्हिस्की के तीन पैग बनाए और खाने के लिए भी तले हुए बादाम काजू रखे, हम तीनों ने दो दो पैग लेकर खुद को तरोताजा किया, मैंने सिगरेट जलाई और उन दोनों को भी सिगरेट का मजा दिया.
एक घंटे के इस इंटरवल के बाद हम तीनों फिर से चुदाई के लिए गर्म हो गए थे, रीता बोली, “राजा, अब मेरी बारी, मुझे फिर से चोदो,” मैंने उसे दीवार से सटा कर खड़े खड़े चोदा, उसके पैर उठा कर, सड़ाक.. सड़ाक.. वो आह.. ऊह.. कर रही थी, फिर सोनम को लेटा कर, रीता उसके मुँह पर बैठ गई, मैं सोनम को पेल रहा था, तीनों एक साथ मजे ले रहे थे.
मैंने उस पूरी रात में दोनों को हचक कर चोदा, करीब तीन बजे रात तक चुदाई का घमासान चला, अलग अलग पोजिशन ट्राई की, 69 में, रिवर्स काउगर्ल में, हर बार मोअन्स भरते, डर्टी टॉक करते, “हाँ रंडियों, ले लो मेरा लंड, चूत फाड़ दूंगा,” वे बोलीं, “हाँ राजा, फाड़ दो, हम तेरी हैं,” उसके बाद हम तीनों यूं ही नंगे लिपट कर सो गए.
सुबह रीता ने मुझे 20000 रुपये दिए.
सोनम ने मुझे आई लव यू कहा.
मैंने उसकी तरफ देख कर उसे आंख मारी और कहा, “एक कॉलबॉय को आई लव यू बोल रही हो.”
वो मुझसे लिपट गई और बोली, “हाँ मुझे तुमसे प्यार हो गया है.”
इस तरह आज मुझे सोनम मिल गई, सोनम अब मेरी गर्लफ्रेंड बन गई थी और मैं उसको मुफ्त में हर तीसरे दिन चोदता हूँ.
क्या आपको ऐसी चुदाई की कहानी पसंद आई, अपनी राय कमेंट में बताएं?