Mom ki chudai sex story, Dard bhari chudai sex story, Painful romantic sex story: प्रिय पाठकों, मैं इस साइट का बहुत पुराना पाठक हूं। मैं ऋषभ अपनी इस कहानी में आपका स्वागत करता हूं। मैं यूपी के नोएडा में रहता हूं। ये मेरी पहली कहानी है लेकिन सच्ची कहानी है। आशा करता हूं आप सभी को मेरी ये कहानी पसंद आएगी, कहानी थोड़ी लंबी हो सकती है लेकिन आपको लंड हिलाने और चूत में उंगली करने पर मजबूर कर देगी।
पहले तो ये कहानी लिखने का मेरा मन नहीं था लेकिन फिर अब आप सबसे शेयर कर रहा हूं ताकि कुछ नया अनुभव करने को मिले। वक्त बर्बाद न करते हुए मैं कहानी पर आता हूं, ये कहानी मेरी और मेरी मॉम की चुदाई की है लेकिन वैसी नहीं है जैसा हर कहानी में होता है कि बस रात को मॉम को नंगा देखा या लंड दिखाया और चुदाई हो गई। घर में चुदाई के लिए बहुत पापड़ बेलने पड़ते हैं, ऐसा मेरा अनुभव रहा। अब मेरी उम्र 35 साल है और मैं शादीशुदा हूं, मेरी हाइट 5.7 इंच है, ये कहानी तब की है जब मेरी उम्र 26 साल थी और मेरी शादी नहीं हुई थी, तब से आज तक ये सिलसिला चल रहा है।
मेरे घर में मेरे पापा उम्र तब 46 साल हाइट 6 फिट, मॉम उम्र 44 साल फिगर 34-32-38 हाइट 5.5 इंच रंग गोरा बदन कसा हुआ, कैले जैसी मोटी जांघें, मोटी गांड चूतड़ बाहर निकले हुए उभरी हुई तनी हुई छाती क्योंकि मॉम ने किसी कारण से हमें अपना दूध 1 या 2 दिन ही पिलाया था इसलिए मम्मे कसे हुए थे, कुछ मजाक के रिश्ते वाले तो मॉम को देखकर कहते हैं ये सेक्सी लुगाई हमें क्यों नहीं मिली और एक छोटी बहन उम्र 22 साल फिगर 34-30-36 हाइट 5.5 इंच है। फिगर से तो दोनों मां बेटी कम और बहनें ज्यादा लगती हैं, दोनों का रंग गोरा और बदन कसा हुआ है, पीछे से देखो तो पहचानना मुश्किल है कि मां कौन सी है और बेटी कौन सी।
अब मैं शादीशुदा हूं, मेरी पत्नी की उम्र 31 साल फिगर 36-34-38 हाइट 5.6 इंच है। ऊपर वाले ने हमारे परिवार को हाइट और रंगरूप बहुत दिया है। मेरे लंड 6 इंच लंबा और 2.5 इंच मोटा है। वैसे तो हर कहानी में सबके लंड का साइज 9 लंबा और 3-4 इंच मोटा ही होता है और पहले चुदाई करने वाले बड़ा जरूर होता है जो कि संभव नहीं है कि सबका ही इतना लंबा व मोटा हो। ये उस समय की बात है जब मैं अपनी पोस्ट ग्रेजुएट की पढ़ाई पूरी करके अपने होमटाउन में ही जॉब कर रहा था। हमारा घर 2 मंजिल है, दोनों पर 3-3 रूम हैं, ग्राउंड फ्लोर पर मॉम सोती हैं, मैं गर्मियों में छत पर खुले में, मेरी बहन फर्स्ट फ्लोर पर अलग रूम में सोती है।
पापा सरकारी जॉब में हैं, उनकी पोस्टिंग जगह-जगह होती रहती है तो घर में हम तीनों ही रहते हैं। वो 3-4 महीनों में 10-15 दिन के लिए ही आते हैं, कभी-कभी 25-30 दिन भी रुक जाते हैं जैसी छुट्टी मिल जाए। एक रात को मैं चुदाई कहानियां पढ़ने के बाद नीचे पानी पीने आया तो मॉम व पापा बातें कर रहे थे कि अब कितने दिन बाद चुदाई का मौका मिलेगा, मॉम बोल रही थी कैसे अब बिना लंड के रह पाऊंगी, आपने रोज चुदने की आदत डाल दी। पापा भी कह रहे तेरी इस चूत के बिना मैं भी नहीं रह पाऊंगा क्योंकि पापा वापस जाने वाले थे, दोस्तों उम्र कितनी भी हो जाए जीवन साथी जब दूर जाता है तो दिल सबका दुखता है।
यही मॉम पापा के साथ भी था। अगले दिन पापा चले गए तो मॉम थोड़ी उदास रहने लगी क्योंकि इस बार पापा 30 दिन रुककर गए थे। समय बीतता गया, एक दिन मॉम की एक स्कूल टाइम की सहेली रात को रुकी हुई थी जो रेगुलरली हमारे यहां आती रहती हैं, मॉम की वो अकेली ही सहेली हैं, दोनों कॉलेज में साथ पढ़ी थी। मैं छत पर से नीचे पानी पीने आया था तो रूम से दोनों के बोलने की आवाज आ रही थी, जब मैंने सुना तो पता लगा कि अपनी सेक्स लाइफ की बातें कर रही थीं जो वो अक्सर करती रहती हैं, पहले भी मैंने दोनों को ऐसी बातें करते सुना था पर अनसुना कर देता था क्योंकि मेरे पापा से बहुत फटती थी और मेरे मन में ऐसा कोई गंदा विचार भी नहीं था। उस दिन आंटी मॉम को सेक्स कहानियों के बारे में बता रही थी।
उस दिन से मेरे मन में रिश्तों में चुदाई के विचार आने लगे लेकिन आंटी के बारे में, आंटी भी आइटम थी हाइट मुझसे से ज्यादा ही थी इतनी लंबी औरत कम ही मिलती हैं और फिगर मॉम से भी कातिल 38-34-40 चले तो चूतड़ ऐसे हिलते थे जैसे इंजन की पिस्टन ऊपर नीचे हो रही हो। अब मैंने आंटी की बातें सुनकर उनको पटाने की तरकीब लगाने लगा लेकिन ऐसा हो पाना बड़ा मुश्किल काम था। मैं प्लान सोचता रहा, फिर मैंने चुपके से मॉम की मेल आईडी अपने फोन में ओपन कर ली ताकि हिस्ट्री देख सकूं कि मॉम कहानियां पढ़ती हैं या नहीं ये पता लग जाए, फिर धीरे-धीरे समय के साथ पता लगा कि आंटी को सेक्स की बहुत तलब थी, वो अपने पति से संतुष्ट तो थी पर उन्हें नए-नए तरीके और नई-नई जगह सेक्स करने की तलब थी। मेरी मॉम भी उनकी बातों में इंटरेस्ट लेनी लगी थीं। तो मैं उन दोनों के अकेले रूम में जाते ही उनकी बातें सुनने की कोशिश करता, कई बार सुनाई आती कई बार नहीं सुनाई आती।
आंटी को किसी दूसरे की चुदवाना हो तो मेरे घर से सेफ जगह कोई दूसरी नहीं थी क्योंकि एक तो किसी के आने का डर नहीं और दूसरा मॉम खास सहेली थी किसी को कुछ पता भी चलता इसलिए वो मॉम को पटाने में लगी हुई थी। बस यही से मेरी नीयत खराब होने लगी क्योंकि मेरी गर्लफ्रेंड की शादी हो चुकी थी और अब वो मुझसे कभी-कभी मिलती थी और मुझे भी सेक्स की तलब लगती थी।
अब जब आंटी घर आती तो मैं उन्हें भी अलग नजरों से देखता था और ये बात आंटी को भी पता लगने लगी थी कि मैं उन्हें अलग नजरों से देखता हूं। फिर मैं प्लान बनाने लगा दोनों में कोई भी पहले मिल जाए चोदने को। आंटी ने एक मॉम को लेस्बियन सेक्स के लिए राजी कर लिया था, मेरी मॉम को ऐसी बातों में इंटरेस्ट नहीं था पर आंटी अपना काम निकालने के लिए उन्हें ये सब सिखा रही थी, मॉम भी धीरे-धीरे करने भी लगी थीं, मॉम को थोड़ी शर्म आती थी। अब मैं इंतजार करने लगा कि कब कोई ऐसा मौका मिले कि कोई बात बने।
इस तरह समय निकलते निकलते 3 महीने हो गए और मुझे मौका मिला मॉम के कमरे में सोने का, मॉम जब अकेली होती हैं तो अक्सर हम भाई बहन में से कोई भी उनके रूम में सो जाता है, अब मॉम को तो आदत लग चुकी थी कहानियां पढ़ने की और लेस्बियन के चक्कर में अपना शरीर सहलाने की, ये मुझे तब पता लगा जब मॉम को मैंने सहलाते हुए देखा।
मॉम कई दिन तो बिता ली पर एक दिन मेरे सोने के बाद वो कहानियां पढ़ने लगी और अपने मम्मे सहलाने लगी, ऐसा कई दिन तक चलता रहा, मैंने मॉम को शक नहीं होने दिया कि मैं उन्हें देख लेता हूं। फिर धीरे-धीरे मैं मॉम के नजदीक आने की कोशिश करने लगा और उनसे चिपक कर सोने लगा जैसे उन्हें लगे कि नींद में ऐसा हुआ है। बस यही से सब कुछ बदलने लगा, धीरे-धीरे शुरू में मैंने मॉम का बूब्स पर हाथ लगाना शुरू किया फिर बाद में पीछे से चिपक कर सोने में अपना लंड उनकी गांड पर लगाने लगा तो मॉम को शक हुआ कि मैं जानबूझकर ऐसा करता हूं।
ये बात मॉम ने आंटी को बताई जब एक दिन दोनों लेस्बियन कर रही थीं। इसी मौके का फायदा उठाकर आंटी ने मॉम को पापा के अलावा दूसरा लंड लेने की सलाह दे दी और मुझे मेरा काम बनता नजर आने लगा। अब मैं मॉम को पीछे से गले लगाने लगा इस बहाने उन्हें अपना लंड उनकी गांड पर महसूस करवाता और वो भी धीरे-धीरे आदत डाल ली थी इस सब की, शायद उन्हें भी अच्छा लगने लगा था। अब बस मुझे मॉम को ये अहसास दिलवाना था कि मैं उन्हें चोदना चाहता हूं और उनकी भी दूसरा लंड लेने की इच्छा पूरी हो सकती है।
इसी के लिए अब मैं बाथरूम में मोबाइल रखने लगा ताकि मॉम की नहाते हुए कोई ऐसी वीडियो रिकॉर्ड कर लूं जिससे उन्हें थोड़ा इमोशनली ब्लैकमेल करके पटा सकूं तो वो मन भी ना कर सके, एक दिन किस्मत ने मेरी सुन ली और एक साथ एक नहीं दो चूत का जुगाड़ करने का मौका दे दिया। आंटी और मॉम की लेस्बियन की वीडियो डिल्डो डालते हुए बन गई।
वीडियो देखकर लग रहा था कि बस दोनों को अभी चोद दूं। क्या चीज थी मेरी मॉम चिकनी चूत मोटी गांड और कसे हुए बूब्स, दोनों दूसरे का दूध पी रही थी चूत चाट रही थी, मुझसे बिना मूठ मारे रहा नहीं गया और मैंने दोनों का नाम लेकर अपने लंड महाराज को शांत किया।
बस फिर क्या था मैंने मौके का फायदा उठाना शुरू किया और मॉम के ज्यादा से ज्यादा नजदीक रहने की कोशिश करने लगा ताकि ज्यादा लाइन मार सकूं और अब मैं उन्हें अपने हाफ निक्कर में अपना खड़ा लंड दिखाने की कोशिश करता और कई बार वो मेरे उभार को तिरछी नजर से देखती भी थीं।
एक दिन रात को सोते हुए मॉम के पीछे चिपक गया उस समय मॉम शायद जग रही थीं जैसे ही मेरा लंड उनकी गांड पर चिपका वो थोड़ा सा हिली लेकिन हटी नहीं, तभी मैंने उन्हें पीछे से टाइट पकड़ते हुए उनके मम्मे पर हाथ रख दिया जैसे नींद में उनसे चिपका हूं और लेटा रहा, कुछ हफ्ते ऐसा ही चलता रहा न मॉम मना करती थीं न मैं आगे बढ़ पा रहा था।
इतना तो गया था पहले मॉम सूट पहनकर सोती थीं अब वो गाउन पहन कर सोने लगी थीं और किसी-किसी दिन नीचे पैंटी नहीं पहनती थीं। इससे साफ था कि उनकी चूत में आग तो लगी थी पर रिश्तों की शर्म थी। फिर एक दिन मैंने हिम्मत करके रात को पीछे से उनका गाउन उनके कूल्हों तक ऊपर कर दिया उसके बाद जो उनकी चिकनी केले की तने जैसी जांघें देखकर मैं पागल हो गया, इतनी बड़ी और गोरी गांड क्या बताऊं। मन तो कर रहा था कि अभी लंड डाल दूं पर मैं मॉम को उनकी इच्छा से चोदना चाहता था ताकि दोनों को मजा मिल सके।
मैं धीरे-धीरे उनकी जांघें सहलाने लगा और थोड़ी देर ऐसा करने के बाद गाउन बिना नीचे किए ही गांड पर लंड लगाकर सो गया। सुबह उठा तो मॉम जल्दी उठ गई थीं, उन्होंने रात के बारे में कुछ नहीं कहा, इसका मतलब लोहा गरम था बस हथौड़ा मारना था लेकिन सही टाइमिंग से, इसलिए मैंने मॉम के मोबाइल पर नए नंबर से उस वीडियो का कुछ पार्ट भेज दिया जिसमें आंटी और मॉम नंगी थीं लेकिन चेहरा नहीं दिखाई दे रहा था। जिसे देखकर मॉम कुछ परेशान सी हो गई और यही सही समय था मेरे लिए, रात को जब मैं सोने गया तो मॉम गाउन पहन कर लेटी हुई थीं पर आज ब्रा और पैंटी दोनों नहीं पहने हुए थे।
कुछ देर बाद मैंने उन्हें पीछे गले लगाया और उनकी गर्दन पर एक किस कर दिया, मेरा लंड खड़ा होकर उनकी गांड पर टच हो रहा था, मैंने धीरे-धीरे उनकी गर्दन पर किस करना शुरू किया तो मॉम थोड़ा सा हिलने लगीं, शायद वो मना करना चाह रही थीं पर कर भी नहीं पा रही थीं। मैंने किस करते-करते गाउन ऊपर कर दिया और जांघों को सहलाने लगा तो मॉम ने मेरा हाथ पकड़ कर दूर झटक दिया।
थोड़ी देर बाद मैंने फिर से शुरू किया इस बार हाथ उनके बूब्स पर रखा, उन्होंने फिर से हटा दिया। उस दिन मैंने आगे कुछ नहीं किया पर मैं सो नहीं पाया क्योंकि मॉम की गदराई गांड मोटी जांघें अब मेरी आंखों के सामने घूम रही थीं, मुझे अब किसी भी तरह मॉम को चोदना था। अब मैंने मॉम को ब्लैकमेल करने का सोचा, अगले दिन जब मॉम सोने आईं तो कंधों पर थोड़ा सा नेट लगा गाउन जो अक्सर पहनती थीं वो पहन कर आईं पर आज नीचे बिना ब्रा पैंटी के आईं, मैंने उन्हें पीछे से गले लगाकर गाउन ऊपर किया और जांघें सहलाने लगा, मॉम ने फिर मेरा हाथ हटा दिया तो मैंने वो वीडियो अपने नंबर से मॉम को तभी भेज दिया और फिर से मॉम से चिपककर अपना लंड उनकी गांड से टाइट करके लगा दिया। मॉम ने जैसे ही वीडियो देखा वो चौंक गईं लेकिन तब तक मैं उनका गाउन ऊपर करके गांड नंगी कर चुका था, मॉम ने जैसे ही मेरा हाथ पकड़ा मैंने उनका हाथ पकड़ कर अपने लंड के उभार पर रख दिया।
इतना करते ही मॉम उठ कर बैठ गईं और बोलीं, “ये सब क्या कर रहा है?” मैंने तुरंत उन्हें गले लगाया और बोला, “मॉम आपको इसकी जरूरत है न कि इस वीडियो वाले की” और चुप हो गया। मॉम सोच में पड़ गईं थीं ये सब क्या हो रहा है। तभी मैंने उन्हें गले लगाते हुए उनकी गर्दन पर जोरदार किस करने लगा और पीठ पर हाथ फेरने लगा, गले लगाए-लगाए मैंने मॉम को बताया कि मुझे सब पता है कि आप कहानियां पढ़ती हो और आपको इसकी जरूरत है।
कुछ देर के बाद मॉम थोड़ा नॉर्मल हुईं और बोलीं, “जरूरत तो है पर ये गलत है।” फिर मैंने उन्हें बताया कि आपने तो कहानी में पढ़ा है कि जरूरत में सब करते हैं और हम ये बात अपने बीच ही रखेंगे और उनके होंठों पर किस करने लगा, क्या होंठ थे मॉम के गुलाब से मीठे इतने मुलायम, पापा से इतना चुसवाने के बाद भी एकदम कुंवारी लड़की तरह थे, कुछ देर किस करने के बाद मॉम ने भी साथ देना शुरू किया और अब हम दोनों की जीभ एक दूसरे के मुंह में थी। अब धीरे-धीरे मैंने मॉम के कंधों को सहलाना शुरू किया कभी गर्दन पर किस करता तो कभी उनकी कान को चूसता, ऐसा मैं कोई 10-15 मिनट तक करता रहा अब मॉम भी पूरा साथ दे रही थीं वो भी मुझे किस कर रही थीं। फिर मैंने मॉम को लिटा दिया और उनके ऊपर आ गया और उनके चेहरे को चूमने और चाटने लगा।
ऐसा करते-करते मैंने धीरे से एक हाथ उनके बूब्स पर रखा तो मॉम सिसक पड़ीं, आह्ह… मैं बूब्स सहलाने लगा वो सिसकारी भरती रहीं, आह्ह.. इह्ह.. और एक हाथ से गाउन ऊपर करके उनकी जांघों को सहलाने लगा, क्या केले के तने जैसी चिकनी जांघें थीं मॉम की बिल्कुल गोरी, मैंने जैसे ही जांघ पर थप्पड़ लगाया मॉम कराह उठीं क्योंकि वो तीन-तीन जगह एक साथ चुसी चाटी जा रही थीं, आह्ह.. ऊईई.. सहलाते-सहलाते अब मैं नीचे आया और मॉम की जांघों को चाटने लगा किस करने लगा, मॉम के मुंह से सिसकारी निकलने लगी आह्ह.. आह्ह.. आह्ह.. 5 मिनट तक जांघें चूसने के बाद मैंने गाउन धीरे-धीरे ऊपर सरकना शुरू किया वैसे-वैसे ही मॉम के नंगे बदन को देख कर पागल होता गया, इतनी गोल और गहरी नाभी चिकना मखमली सपाट पेट, मैंने नाभी की चूसना शुरू किया और एक हाथ से बूब्स को मसलता रहा साथ ही साथ दूसरा हाथ जांघों पर सहलाते हुए ऊपर करके चूत के V शेप तक ले आया जैसे वहां हाथ लगाया मॉम सिसकारी भर कर अकड़ गईं और मेरा सर अपनी नाभी पर दबा कर मेरे हाथ को अपनी मोटी जांघों से अपनी चूत पर दबा लिया, आह्ह.. ह्ह्ह.. ऊउउइ.. ऊईई.. थोड़ी देर ऐसे रहने के बाद मैंने गाउन और ऊपर उठा दिया और मॉम के बूब्स को नंगा कर दिया और सहलाने लगा, मॉम के मुंह से सिसकारी निकलती जा रही थी, आह्ह.. इह्ह.. अब मैंने मॉम की चूत को सहलाते हुए मुंह उनके बूब्स के निप्पल पर लगा दिया, मॉम के निप्पल एकदम टाइट हुए पड़े थे जैसे कि कच्ची कली लड़की को पहली बार छूने पर उसके होते हैं।
अब मॉम का एक बूब्स का दूध पीने लगा व दूसरे को जोर-जोर से दबाने लगा बीच-बीच में उन पर थप्पड़ मार देता था, मॉम की सिसकारी और तेज निकलने लगी, आह्ह.. ह्ह्ह.. आऊ.. ऊउउ.. पूरे रूम में हमारी आवाजें गूंज रही थीं। इस बीच मैंने मौका देखकर मॉम का एक हाथ अपने उभरे हुए लंड पर रख दिया पहले तो मॉम हाथ को ऐसे ही रखे रहीं लेकिन जब मैंने बूब्स को जोर-जोर से पीना और मसलना शुरू किया तो मॉम भी लंड को दबाने लगीं और मेरी टी शर्ट को निकालने लगीं, मैंने निकालने में हेल्प की और मैं ऊपर से नंगा हो गया, मैंने मॉम का गाउन निकाल दिया।
मॉम अब अपने बूब्स से मेरा मुंह हटाने लगीं कहने लगीं, “दर्द हो रहा है” पर मैं कहां मानने वाला था बचपन में दूध न पिलाने का बदला ले रहा था, मॉम अब पूरी तरह से गरम हो चुकी थीं मेरी छाती और कमर को नोच रही थीं साथ ही साथ एक हाथ से निक्कर के ऊपर से लंड को सहला रही थीं।
पूरे कमरे में हमारी सिसकारी की आवाजें गूंज रही थीं, आह्ह.. इह्ह.. ऊईई.. लगभग 30 मिनट तक ये सब करने के बाद मैं उठा और लाइट जला दी अब तक हम सिर्फ बिना लाइट के ये सब कर रहे थे, मैंने जैसे ही लाइट जलाई मॉम अपने बदन को छुपाने लगीं, सफेद लाइट की रोशनी में मॉम का बदन क्या लग रहा था, एक दम गदराई हुई मोटे-मोटे बूब्स जैसे दो पहाड़ खड़े हों उस पर इतने बड़े-बड़े ब्राउन निप्पल एक दम कयामत लग रही थीं मॉम, कोई बुड्ढा भी देख लेता तो उसका भी खड़ा हो जाता।
मेरा लंड निक्कर फाड़ कर बाहर आने को बेताब हो रहा था, मन कर रहा था बस लंड डाल कर फाड़ डालूं इस चिकनी चूत को। मैंने अब मॉम को पैरों की साइड चूमना चालू किया और धीरे जांघों से होते हुए चूत पर मुंह रख दिया, मॉम की चूत साफ थी एक भी बाल नहीं था 1-2 दिन पहले चिकनी की हुई थी जैसे चूत पर मुंह लगाया मॉम ने अपने हाथों से मेरा मुंह दबा लिया और जोर से आह्ह भरी, आह्ह.. ग्ग्ग्ग.. गी.. गी.. 5 मिनट चाटने के बाद मॉम ने मुझे हटा दिया और हांफने लगीं, मॉम के बूब्स लाल हो रखे थे उन पर मेरे लव बाइट के निशान दिखाई दे रहे थे मुंह बिल्कुल गरम लाल हो रहा था।
मॉम चुदने के लिए पागल हो रही थीं बोलीं, “मेरा तो सब कुछ देख लिया चूस लिया अपना लंड तो भी दिखा दे मैं भी देखूं मेरी मेरी चूत से निकला लंड कैसा है जो मेरी चूत फाड़ने को बेताब हो रहा है।” इतना कहते ही मॉम ने मेरा निक्कर निकाल दिया मेरा फनफनाता लंड मॉम की आंखों के सामने फुंकारने लगा।
मॉम ने हाथ में लिया और सहलाने लगीं, आह्ह.. इह्ह.. मैंने मौके का फायदा उठाते हुए 69 की पोजिशन ले ली और अपना लंड मॉम के मुंह के पास करके उनकी चूत को चाटने लगा, चूत पर जीभ लगते ही मॉम कराह उठीं और मेरे लंड को हाथ में भींच लिया, मैं चूत के अंदर तक जीभ डालकर चूत को जीभ से चोदने लगा मॉम पागल होने लगीं जोर-जोर से सिसकारने लगीं आह्ह.. आह्ह.. करने लगीं और मेरे लंड को मुंह में भर लिया, शायद वो पापा का लंड भी चूसती थीं पर वो लंड थोड़ा ही मुंह में ले रही थीं पहली बार में मैं इतने से ही संतुष्ट था, ग्ग्ग्ग.. ग्ग्ग्ग.. गों.. गों.. 10 मिनट तक 69 करने के बाद मॉम झड़ चुकी थीं और हांफने लगी थीं।
फिर मैंने मॉम को उल्टी लिटा दिया अब उनकी मोटी गांड मेरे सामने थी दोनों चूतड़ ऐसे लग रहे थे जैसे दो पहाड़ खड़े हो, मैंने देर न करते हुए चूतड़ों को चाटना शुरू कर दिया दोनों पर बारी-बारी थप्पड़ मारता तो मॉम कराह उठतीं, आह्ह.. ऊईई.. मॉम अपना सर इधर-उधर पटकने लगीं, 5-10 मिनट चाटने के बाद मैंने मॉम को सीधा लिटा दिया अब ज्यादा देर करना सही नहीं था और चूत में लंड डालना ही बेहतर समझा।
मॉम को सीधा लिटाकर मैंने एक तकिया उनकी गांड के नीचे लगाया और अपना लंड उनकी चूत पर टीका दिया और चूत पर लंड घिसने लगा, लंड घिसते ही मॉम जोर-जोर से सिसकारने लगीं, आह्ह.. इह्ह.. साथ-साथ मैंने उनके बूब्स मसलने शुरू कर दिए मॉम आह्ह.. आह्ह.. आह्ह.. करने लगीं चिल्लाने लगीं चुदास में आकर मॉम का मुंह पूरी तरह से लाल हो चुका था।
मैंने भी सही समय समझा और चूत पर लंड टिकाकर एक धक्का लगाया जिसमें आधा लंड अंदर घुस गया, मॉम के मुंह से चीख निकली, आह्ह.. ह्ह्ह.. ऊउउइ.. और मुझे दूर धकेलने लगीं बोलीं, “मेरी चूत में दर्द हो रहा है निकाल ले” मैं ऐसे ही रुक रहा और उनके बूब्स को मसलने लगा, थोड़ी देर में मॉम कुछ शांत हुईं तो मैंने आधे लंड से ही धक्के मारने शुरू किए अब मॉम की चीख सिसकारी में बदल गई वो आह्ह.. आह्ह.. करने लगीं नीचे से गांड हिलाकर साथ देने लगीं, कुछ धक्के मारने के बाद मैंने लंड बाहर निकालकर एक जोरदार धक्का मारा और पूरा लंड घुसा दिया मॉम को इसका अंदाजा नहीं था और जोर से चीख पड़ीं, आह्ह.. ऊईई.. ऊईईई.. मैं ऐसे ही उनके ऊपर लेट गया होंठ चूसने लगा 2 मिनट में ही मॉम शांत हो गईं तो मैंने धक्के मारने शुरू किए पहले धीरे-धीरे फिर स्पीड बढ़ा दी।
अब मॉम भी नीचे से गांड उठाकर साथ दे रही थीं मॉम जोर-जोर से आह्ह.. आह्ह.. कर के सिसकारी भर रही थीं, बहन ऊपर वाले कमरे में थी तो आवाजें निकालने में हमें कोई डर नहीं था, 15 मिनट की चुदाई के बाद मैंने उनकी चूत में अपना गरम लावा छोड़ दिया मॉम भी मेरे साथ ही झड़ गईं और मुझे अपने ऊपर चिपका लिया होंठों पर एक जोरदार किस दी।
फिर हम ऐसे ही नंगे एक दूसरे की बाहों में लेटे रहे, मैंने मॉम से पूछा, “पापा तो इतना चोदते हैं आपको फिर आप चीखी क्यों क्या मेरा लंड पापा से बड़ा और मोटा है” पहले तो वो शर्मा रही थीं फिर बोलीं, “लंड तो पापा जितना ही है पर पापा प्यार से डालते हैं फिर तेज चोदते हैं। एक तो इतने दिन बाद लंड लिया उसमें भी तूने अचानक डाल दिया।” फिर हम ऐसे ही लेटे रहे।
अब मेरा मन मॉम को घोड़ी बनाकर चोदने का था। मैंने मॉम को घोड़ी बनाया तो उनके बूब्स ऐसे लटक रहे थे जैसे किसी भैंस के थन लटकते हैं, मैं तुरंत उनके नीचे आ गया और दूध पीने लगा जैसे कोई भैंस का बच्चा दूध पीता है।
मैं उनके एक थन को मुंह में लेकर चूसता तो दूसरे को हाथ से ऐसे खींचता जैसे दूध निकलते हैं, कभी-कभी थप्पड़ मार देता था वो चीख पड़तीं, आह्ह.. इह्ह.. बूब्स पिलाते-पिलाते मॉम के दोनों थन लाल हो गए थे दर्द से उनकी आंखों में पानी भरने लगा था वो मना कर रही थीं, “रहने दे अब नहीं सहन हो रहा।” दूध पीने के बाद मैं 69 की पोजिशन में आ गया अब मॉम ऊपर से मेरा लंड पी रही थीं और मैं नीचे से उनकी चूत, मॉम ने चूसकर फिर लंड तैयार कर दिया, ग्ग्ग्ग.. गों.. गों.. मैं पीछे आ गया और चूत पर लंड घिसने लगा वो कराहने लगीं आहें भरने लगीं सिसकारने लगीं थीं, आह्ह.. ऊई.. ऊईई.. बार-बार लंड डालने के लिए गांड पीछे करती लेकिन मैं लंड डालने नहीं देता।
वो लंड घिसने की वजह से पागल हो रही थीं उनकी चूत गीली हो चुकी थी जोर-जोर से आह्ह.. आह्ह.. आह्ह.. कर रही थीं तभी मैंने एक ही जोरदार धक्के में पूरा लंड डाल दिया अचानक हमले की वजह से दर्द के कारण मॉम आगे को गिर गईं और सिसकारने लगीं, आह्ह.. ह्ह्ह.. ऊउउइ.. मैंने फिर से उन्हें उठाया फिर से पूरा लंड एक झटके में डाल दिया पर इस बार पकड़े रखा ताकि आगे को न गिरें।
मॉम के मुंह से चीख निकली बोलीं, “धीरे कर ना” बीच-बीच में उनकी पहाड़ जैसे चूतड़ों पर थप्पड़ मारता तो वो कराह जातीं, आह्ह.. ऊई.. मैं धक्के मार रहा था बीच-बीच में गांड के छेद को सहलाता तो वो चूतड़ों को भींच कर लंड को चूत में दबा लेतीं तो ऐसा लगता जैसे लंड की पीस ही डालेंगी। मैं मॉम की धक्के मारे जा रहा था कभी तेज-तेज तो कभी पूरा लंड बाहर निकालता आराम से अंदर करता और लास्ट में तेज धक्का मारता तो मॉम के चूतड़ ऐसे हिलते जैसे पानी भरा हुआ गुब्बारा, उस समय चूतड़ों को ऐसे हिलते देख और मॉम के मुंह से जो आह्ह की सिसकारी निकलती उसे सुनकर जो आनंद आ रहा था उसे शब्दों में बता नहीं सकता।
पूरे कमरे में मॉम के चूतड़ों पर पड़ रहे धक्कों की पट पट पट पट की आवाजों के साथ-साथ उनकी आह्ह.. आह्ह.. सीसी.. सीसी.. करने सिसकारने कराहने की आवाजें गूंज रही थीं। मैंने मॉम को 30-35 मिनट तक घोड़ी बनाकर चोदा इस बार वो 2 बार झड़ गईं बोलीं, “बस कर अब और नहीं सहा जा रहा निकाल ले अपना लंड” मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी और अपना गरम वीर्य उनकी चूत में छोड़ दिया, मेरा पानी अपनी चूत में महसूस करते ही मॉम आगे को फिर गईं और मैं उनके ऊपर गिर गया।
मॉम बुरी तरह हांफ रही थीं बोल रही थीं मैंने पूछा क्या हुआ तो पहले चुप रहीं जोर देने पर बोलीं, “इतना बुरा तो तेरे पापा भी नहीं चोदते, तेरे पापा भी ऐसे ही देर तक ही चोदते हैं पर बड़े प्यार से चोदते हैं तूने तो मुझे पूरी को चूस-चूस कर लाल कर दिया” फिर मैंने उन्हें पीछे से होंठों पर किस किया और ऐसे ही बाहों में भर लिया और नंगे ही सो गए।
सुबह जब उठा तो मॉम अपने काम में लगी हुई थीं नॉर्मल बिहेव कर रही थीं रात के बारे में कुछ नहीं बोलीं। ऐसे ही पूरा दिन निकल गया। रात को जब मॉम सोने आईं तो मैंने उन्हें पीछे से गले लगा लिया और मेरा लंड उनकी गांड पर ठोकर मारने लगा तो उन्होंने मना कर दिया बोलीं, “जो हुआ वो हुआ अब सब भूल जा अब और नहीं किसी को पता लग गया तो क्या होगा” फिर मैंने मॉम को समझाया कि हम ये सब पूरी सेफ्टी और गुप्त तरीके से किया करेंगे किसी को पता नहीं चलने देंगे जब समय मिलेगा व अकेले होंगे तभी किया करेंगे तो वो पलट कर मुझे गले लगा लीं।
किस करते-करते मैंने मॉम को बोला कि आज गांड में डालने दो तो मना कर दीं बोलीं, “तुझे नहीं दूंगी तू दर्द देकर चोदता है, तेरे पापा को कभी-कभी गांड देती हूं लेकिन वो आराम से चोदते हैं वो भी आधा लंड डालकर उसी में मेरा बुरा हाल हो जाता है।” मैंने भी जबरदस्ती नहीं की क्योंकि जब चूत मिल गई तो एक दिन गांड भी मेरे लंड के नीचे आ ही जानी है। उस रात हम बिना चुदाई करे ही नंगे होकर एक दूसरे की बाहों में सो गए। तो साथियों ये थी मेरी पहली फैमिली चुदाई की कहानी, इसके बाद तो सिलसिला शुरू हुआ वो अब तक जारी है। मॉम की गांड मारने के लिए कैसे उन्हें पटाया अगली कहानी में।
इसके बाद आंटी को भी मैंने चोदा, और बहन की सील भी मैंने ही तोड़ी। लेकिन मैंने किसी को ये नहीं बताया कि मैंने सबको चोद रखा है, इन सबको ये ही पता है सिर्फ उस अकेली को ही चोदता हूं।
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