niece sex story, brother daughter fuck, bhatiji sex story: नमस्ते दोस्तों, मैं पिंकू हूं और पुरी में रहता हूं। जब भी मैं बोर होता हूं तो इस साइट पर कहानियां पढ़ता हूं, मुझे ये साइट अपने दोस्त से पता चली। मुझे नहीं पता कि सारी कहानियां सच्ची हैं या झूठी, लेकिन कुछ कहानियां पढ़कर आज मुझे अपनी असली जिंदगी की स्टोरी लिखने का मन हुआ। मेरा नाम पिंकू है, हाइट 5.6 है, एथलेटिक बॉडी और गोरा रंग। मैं अपने परिवार के साथ रहता हूं। अब मैं अपनी रियल स्टोरी हिंदी में इंग्लिश मिक्स करके बताता हूं, जैसे दूसरे दोस्त करते हैं, कि कैसे मैंने अपने भाई की बेटी को चोदा।
हमारे घर में बाबा, मामा और मेरे दो भाई रहते हैं। सारी बहनें शादी कर चुकी हैं। जिसके साथ मैंने सेक्स किया उसका नाम मीना था, वो मेरे सबसे बड़े भाई की बेटी थी। वो मुझसे 6 साल छोटी थी। वो हमेशा घर पर ही रहती थी क्योंकि उसने कॉलेज की पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी थी। जब हमारे बीच वो सब कुछ हुआ तो मैं 28 साल का था और वो 22 की थी।
लेकिन मेरे और उसके बीच कुछ झगड़े की वजह से हम कभी बातें नहीं करते थे। वो थोड़ी मोटी थी लेकिन इतनी नहीं कि कोई उसे मोटी कह सके। जब वो घर में बर्तन धो रही होती थी तो उसकी बूब्स हमेशा दिखाई दे जाती थीं। उसकी बूब्स 36 साइज की हैं क्योंकि वो 36 का ब्रा पहनती थी। मैं हमेशा उसकी बूब्स को बहुत पसंद करता हूं। रात को जब वो सोती है तो मैं देखता हूं कि दरवाजा खुला है या बंद है।
जब खुला देखता हूं तो उसके पास जाकर उसकी बूब्स को हाथ लगाता हूं। जब वो उठ जाती है तो मुझे देखते ही दूसरी तरफ मुंह मोड़ लेती है, लेकिन बातचीत न होने की वजह से कुछ नहीं कहती थी। वो हमेशा मेरे बाबा और मामा के पास सोती है। मैं बार-बार सोचता रहता था कि कब उसकी बूब्स को हाथ में लेकर उसे चूमूं लेकिन मौका नहीं मिलता था, और उसके साथ बात अगर चालू होती तो शायद कुछ आसान होता।
एक दिन भाभी को लेने मीना के अंकल आए थे। भाभी उनके साथ चली गई। मेरी मां को डॉक्टर के पास जाना था तो मेरे ऊपर वाले भाई अस्पताल गए थे। घर में सिर्फ बाबा थे और मीना का भाई राजू खाना खाकर दोस्तों के साथ कैरम खेलने चला गया था। मेरा खाना मीना ने टेबल पर रख दिया था लेकिन मैं जानबूझकर नहीं खाया ताकि वो खुद मुझे बुलाए।
कुछ देर बाद जब मीना ने देखा कि मेरा खाना वैसा ही है तो उसने मेरे पास आकर मुझे खाने को बुलाया, तो मैंने उसकी बूब्स को पकड़ के बोला कि उसे खाना है, तो उसने शर्माते हुए बोली, “पहले आप खाना तो खाओ।” मैंने बोला, “पहले उसे खाऊं” बोल के उसे अपने रूम में लेकर आया। मैं एक बात बोल दूं कि मैं भांग एक नशा है जिसको कभी-कभी खा लेता था। उस दिन जब उसकी बूब्स को हाथ मारने का मौका मिला तो उसे रूम में रखी हुई भांग खिला दी।
भांग खाने से डिस्चार्ज होने में बहुत टाइम लगता है। मैंने उसकी बूब्स को इतनी पास इतना टाइम तक कभी नहीं देखा था। उसे देखता ही रह गया। उसे कपड़ों के साथ प्रेस करना शुरू कर दिया। वो चुपचाप खड़ी थी, आंखें बंद कर ली थीं। मैं उसे किस करता रहा, वो बहुत जोर से सांसें ले रही थी, “आह… ह्ह्ह… इह्ह…” जैसे। जैसे ही मैंने उसके लिप्स को चूमा, वो मुझे जोर से पकड़ के मुझे चूमने लगी। मैंने उसकी ड्रेस को खोल के ब्रा के साथ प्रेस करता रहा, वो शरमाती हुई बोली, “पिंकू, क्या कर रहे हो, कोई देख लेगा…” लेकिन मैंने नहीं सुना। उसके बाद ब्रा भी निकाल दिया और बूब्स को चूसता रहा।
वो मेरे मुंह को अपनी बूब्स पर जोर से दबा रही थी, “ओह्ह… आह… पिंकू, चूसो ना और जोर से…”। तभी मुझे याद आया कि मैं उठ के शेल्फ के ऊपर से डाबर हनी का बॉटल लेकर उसकी बूब्स में लगाकर चूसता रहा। जितना हनी मैं चूसता रहा स्वीट लगने की वजह से भांग का नशा भी उतना बढ़ता रहा। नशे की वजह से मेरा पेनिस वैसा ही सॉफ्ट था। करीब 30 मिनट तक उसकी बूब्स को चूसता रहा और किस करता रहा, वो लगातार मोन कर रही थी, “आह… ह्ह्ह… इह्ह… ऊऊ… पिंकू, कितना अच्छा लग रहा है…”। मैंने उसके निप्पल्स को जीभ से चाटा, उन्हें उंगलियों से मसला, वो कांप रही थी, उसकी सांसें तेज हो गईं, “ओह्ह… हां, ऐसे ही… आह…”।
उसके बाद मैंने उसकी पैंटी को हाथ मारा तो वो पूरी तरह वेट हो गई थी। मुझे अच्छा नहीं लगा और उसे निकाल दिया। बाप रे क्या पुसी थी उसकी, थोड़े छोटे बाल और छोटी लाल पुसी, मैं तो पहली बार हैरी पुसी देख रहा था। तब मेरा पेनिस थोड़ा जाग गया। मैं फिर से उसकी बूब्स को चूस रहा था क्योंकि मुझे बूब्स बहुत पसंद हैं, वो अब हिचकिचा रही थी लेकिन रोक नहीं रही थी, “पिंकू, ये गलत है… लेकिन रुकना मत…”। उसका हाथ लेकर अपने पेनिस को पकड़ने को कहा। वो शर्म से नहीं पकड़ी लेकिन बोलने पर पकड़ी, “ओह्ह… ये कितना गर्म है…”। मैं एक हाथ से उसकी दूसरी निप्पल को मसल रहा था, शायद इस बीच वो बहुत गर्म हो चुकी थी।
लेकिन वो बहुत जोर से सांसें ले रही थी, “आह… ह्ह्ह… इह्ह… ऊई… पिंकू, कुछ करो ना…”। मैं तो पहले कभी सेक्स नहीं किया था और जानता भी नहीं कि सेक्स करते वक्त किस टाइम में क्या करना चाहिए। तब वो मेरा पेनिस को अपनी पुसी में लगाने लगी। मैं उस तरफ ध्यान ना देकर बूब्स को हनी के साथ चूसता रहा, वो अब डर्टी टॉक करने लगी, “प्लीज पिंकू, अब डालो ना… मैं सह नहीं पा रही…”। तब जाकर वो बोली कि प्लीज इसे पुसी में डालो। मैं बूब्स को छोड़ के पेनिस में कोकोनट ऑयल लगाकर उसकी पुसी में डालने लगा तो नहीं गया और वो पेन से चिल्लाई, “आआह्ह्ह… दर्द हो रहा है… रुको…”।
मैंने बोला क्या हुआ तो बोली कि बहुत दर्द होता है, थोड़ा धीरे-धीरे करो। मैं फिर बूब्स को हनी के साथ चूसता रहा, उसे जीभ से चाटा, निप्पल्स को काटा हल्के से, वो मोन कर रही थी, “ओह्ह… आह… ह्ह्ह… ऐसे ही… ऊउइ…”। मुझे भांग का नशा बहुत चढ़ चुका था। जब वो दूसरी बार पेनिस को पुसी में लगाई, मैं उस वक्त एक जोर का धक्का दिया तो कुछ उसकी अंदर चला गया और वो जोर से चिल्लाई, “आआह्ह्ह… मैं मर जाऊंगी… प्लीज बाहर निकालो…”। मैंने कांस्टेंट रख दिया, उसकी आंखों से आंसू पोंछे और उसे किस करने लगा और बूब्स को चूसता रहा, वो रोते हुए बोली, “दर्द बहुत है… लेकिन रुकना मत अब…”।
कुछ टाइम बाद जब वो मुझे किस करना शुरू की तो मैं और थोड़ा एंट्री करने की कोशिश की लेकिन नहीं गया। मैं बूब्स चूसते वक्त एक पूरा जोर लगाकर धक्का मारा तो वो जोर से चीख उठी, “आआआह्ह्ह्ह… ह्ह्हीईई… पिंकू, फाड़ दिया…” लेकिन मैंने पिलो से उसका मुंह बंद कर दिया। इस बार मुझे भी बहुत पेन हुआ, शायद मेरे पेनिस से स्किन उतर गया हो। वो पेन की वजह से रो रही थी, “ओह्ह… दर्द… आह… लेकिन अच्छा भी लग रहा है…”। मैं कुछ टाइम तक उसे अप डाउन नहीं किया ताकि उसे कुछ आराम लगे, उसे किस करता रहा, उसके शरीर को सहलाता रहा, वो धीरे-धीरे शांत हुई।
करीब 10 मिनट के बाद मैंने उसे धीरे-धीरे अप डाउन करना शुरू किया, वो अब मोन कर रही थी, “आह… ह्ह्ह… इह्ह… धीरे… ओह्ह… पिंकू, कितना मोटा है तेरा…”। भांग की नशे से पेनिस पूरी तरह हार्ड नहीं हुआ था लेकिन उसके पुसी के अंदर अप डाउन करने के बाद पूरा हार्ड हो गया। मैंने अब स्पीड बढ़ाई, उसे जोर-जोर से धक्के देने लगा, वो चिल्ला रही थी, “आआह्ह्ह… ह्ह्ह… ऊऊ… फाड़ दो मेरी… ओह्ह… और जोर से…”। उसकी पुसी टाइट थी, हर धक्के में आवाज आ रही थी, फच… फच… फच… जैसे, मैंने उसे घोड़ी बनाया, पीछे से डाला, उसके हिप्स पकड़े, “मीना, कितनी टाइट है तेरी… आह…”। वो बोली, “पिंकू, चोदो मुझे… आह… ह्ह्ह… इह्ह… ऊईईई…”। मैंने पोजिशन चेंज की, उसे ऊपर बिठाया, वो उछल रही थी, उसके बूब्स हिल रहे थे, मैं उन्हें पकड़ के मसल रहा था, “ओह्ह… मीना, कितनी स्वीट है तेरी पुसी…”।
फिर मैंने उसे बेड पर लिटाया, उसके पैर फैलाए, गहराई तक डाला, हर थ्रस्ट में वो कांप जाती, “आआह्ह्ह… ह्ह्हीईई… पिंकू, मैं झड़ने वाली हूं… ओह्ह… ऊउइ…”। मैंने स्पीड बढ़ाई, उसके क्लिट को उंगली से रगड़ा, वो जोर से मोन की, “आह… ह्ह्ह… इह्ह… ऊऊ… हां… वहां… ओह्ह…”। करीब 1 घंटे तक उसकी पुसी को फक किया, हर मिनट डिटेल में फील हो रहा था, उसकी गर्माहट, वेटनेस, टाइटनेस, मैंने उसे किस किया, नेक पर बाइट किया, वो मेरी पीठ पर नाखून गड़ा रही थी। आखिर में मेरा स्पर्म उसके पुसी में निकल गया, “आआह्ह्ह… मीना, ले मेरा रस…”। हम एक दूसरे को पकड़ते हुए 15 मिनट तक ऐसे ही लेटे रहे।
जब उठा तो देखा कि बहुत सारा ब्लड बेडशीट पर गिरा है। उसकी पुसी से ब्लड की ड्रॉप निकल रही है। मुझे बहुत डर लगा। मैंने अपनी पेनिस को हाथ मारा तो दर्द से छू नहीं सकता था। मेरा भी कुछ ब्लड निकल रहा था लेकिन उसकी पुसी जैसा नहीं। मैंने उसे बाथरूम में जाने को बोला और खुद एक तालाब में जाकर नहाया कि पानी लगते ही पेनिस में बहुत दर्द होने लगा। उस दिन से मुझे इस बात का डर आया कि कहीं मीना प्रेग्नेंट न हो जाए।
जब नेक्स्ट मंथ उसकी पीरियड हुई तो मेरे मन से डर चली गई। उसके बाद मेरा किसी के साथ अभी तक सेक्स नहीं हुआ, मेरा ये एक ट्रू एक्सपीरियंस है जो मैंने आपको बताया। अभी मैं सेक्स करने को भी चाहता हूं लेकिन कोई मिलती नहीं। इसे पढ़कर अगर कोई लेडी मुझसे सेक्स करना चाहती है तो वे कमेंट में जरूर बताएं