Threesome chudai story – Mangetar ke saamne dost se chudai sex story: दोस्तो, मैं निशा, तुम्हारी प्यार भरी निशा. मुंबई के उस वाइल्ड वेकेशन से लौटने के बाद हम अमरावती में अपनी ज़िंदगी में फिर से लौट आए थे. मम्मी-पापा अपने क्लिनिक में व्यस्त रहते और साहिल, जो मेरे बगल वाले कमरे में रहता था. साहिल मेरे पापा के दोस्त का बेटा है. वह मेरे और राहुल की दुनिया का एक अनमोल हिस्सा बन चुका था. राहुल दिन में अपने पापा के फोर-व्हीलर शोरूम में काम करता, लेकिन हर शाम वह मेरे पास आता, उसकी आंखों में मेरे लिए वह प्यासी मोहब्बत लिए. हम तीनों … मैं, राहुल और साहिल साथ में हंसते, बातें करते और वे पल बिताते, जो हमारे जिस्म और दिल को एक-दूसरे से जोड़ते. साहिल अक्सर कहता- निशा, राहुल, तुम दोनों की मोहब्बत मेरे दिल में आग लगा देती है. मैं तुम्हारी शादी में सबसे ज़ोर से नाचूँगा! उसकी गहरी आवाज़ में प्यार और शरारत की चमक थी और मैं और राहुल उसकी बातों पर मुस्कुरा उठते.
कहानी का पिछला भाग: ककॉल्ड राहुल ने अपनी मालकिन को 5 बुल्स से चुदवाया
एक सुबह मम्मी-पापा जल्दी क्लिनिक चले गए और घर में सिर्फ़ मैं और साहिल थे. मैं लिविंग रूम में थी, एक हल्की पीच रंग की नेट वाली झीनी कॉटन ड्रेस में, जो मेरे जिस्म को नर्म स्पर्श दे रही थी. नीचे मैंने लाइट ब्लू लेस ब्रा और थॉन्ग पहनी थी, जो ड्रेस के पार मेरे सख्त निप्पल और गीली चूत को हल्के से झलका रही थी. मेरे खुले बाल मेरी कमर तक लहरा रहे थे और मैं जानबूझ कर नखरे दिखा रही थी क्योंकि मुझे पता था कि साहिल की नज़रें मुझ पर टिकेंगी. साहिल नीचे आया, व्हाइट स्लीवलेस वेस्ट और काले शॉर्ट्स में. उसका टोन्ड जिस्म पसीने से चमक रहा था और वह शरारती मुस्कान मेरे दिल में आग लगा रही थी. ‘सुबह-सुबह इतनी मादक क्यों लग रही हो, निशा?’ साहिल ने अपनी गहरी, भारी आवाज़ में कहा और सोफे पर मेरे पास सरक आया.
उसकी नज़रें मेरी ड्रेस के पार मेरी कमर और बूब्स पर रुकीं और मैंने देखा कि उसकी आंखों में लालसा की चमक थी. ‘बस यूँ ही … मेरे राजा!’ मैंने सिसकारी भरी और जानबूझ कर अपने बालों को उंगलियों से संवारा, ताकि मेरी ड्रेस का नेकलाइन नीचे सरक जाए और मेरे सख्त निप्पलों की झलक साफ़ दिखे. ‘चाय बनाऊं, या तू बस मुझे तड़पाता रहेगा?’ मैंने शरारती अंदाज़ में पूछा, मेरी आवाज़ में मखमली उत्तेजना थी. साहिल ने एक क्रूर मुस्कान दी और मेरे और करीब सरक आया. उसने मेरे कंधे पर उंगलियां फेरीं और मेरे कान में फुसफुसाया- चाय तो ठीक है, लेकिन तेरी ये गीली चूत मेरे लंड को पुकार रही है! उसकी गर्म सांसें मेरे गले पर टकराईं और मेरे जिस्म में सिहरन दौड़ गई.
मैंने उसकी तरफ़ मुड़कर एक प्यासी नज़र डाली- अच्छा? तो सिर्फ़ बातें बनाएगा … या मेरी चूत को सचमुच तड़पाएगा? मेरी मदभरी सिसकारी हवा में तैर रही थी. साहिल ने मेरी कमर को कसकर पकड़ा और मुझे अपनी गोद में खींच लिया. उसने मेरे होंठों पर एक गहरा, भूखा किस किया, उसकी जीभ मेरे मुँह में नाच रही थी, जीभ से जीभ टकराकर गीले स्वाद का मजा लेते हुए, मैंने उसकी पीठ पर नाखून गड़ाए, आह साहिल, तेरी जीभ कितनी गर्म है, मैंने कराहा. ‘निशा, तू राहुल की दुल्हन है … लेकिन मेरे लंड के लिए भी तो तड़पती है!’ उसने क्रूर लहजे में कहा और उसकी उंगलियां मेरी थॉन्ग के ऊपर से मेरी चूत पर रगड़ने लगीं, धीरे-धीरे दबाव बढ़ाते हुए, मेरी गीली दीवारों को महसूस करते हुए.
मेरी सिसकारी कमरे में गूँजी- आह्ह … साहिल … तेरा हाथ … मेरी चूत में आग लगा रहा है, ऊईई, इतना तेज मत रगड़, लेकिन मत रुकना! मैंने उसकी वेस्ट उतारी और उसके टोन्ड सीने पर अपनी उंगलियां फेरीं, उसका जिस्म गर्मी से थरथरा रहा था, मैंने उसके निप्पलों को पिंच किया, उफ्फ, तेरा सीना कितना सख्त है, साहिल. मैंने उसकी शॉर्ट्स नीचे खींची और उसका 9 इंच का मोटा लंड मेरे सामने लहरा रहा था, लौड़े की नसें उभरी हुई ऐसे दिख रही थीं मानो उसका लंड मेरे लिए तड़प रहा हो.
उसका लंड मैंने अपने हाथ में लिया और धीरे-धीरे सहलाया- साहिल … तेरा लंड मेरी चूत का सुल्तान है! मैंने मादक सिसकारी भरी और उसके लंड के सुपारे को अपनी जीभ से चाटा, ऊपर से नीचे तक जीभ फेरते हुए, गीला करते हुए, गों गों की आवाज निकालते हुए. साहिल की सिसकारी कमरे में गूँजी- उफ्फ … निशा … तेरा मुँह … मेरे लंड को पागल कर रहा है, आह्ह, और गहरा चूस ना! मैंने उसके लंड को गहरे तक चूसा, उसका नमकीन स्वाद मेरी जीभ पर पिघल रहा था, मैंने ग्ग्ग्ग.. ग्ग्ग्ग.. की आवाजें निकालीं, गले तक लेते हुए, आंखें बंद करके, हाथ से नीचे की स्किन को सहलाते हुए, वह थोड़ा हिचकिचाया, लेकिन मैंने नहीं छोड़ा, गी गी गों गों गोग, मेरी लार उसके लंड पर टपक रही थी. साहिल ने मुझे सोफे पर लिटाया और मेरी ड्रेस ऊपर उठाई.
उसने मेरी थॉन्ग साइड की और मेरी गीली चूत को चाटना शुरू कर दिया. उसकी जीभ मेरी चूत की दीवारों पर नाच रही थी, क्लिट को चूसते हुए, उंगली से छेद को फैलाते हुए, और मैं सिसकार रही थी- आह्ह … साहिल … और गहरे … मेरी चूत को चूस ले …आह, इह्ह ओह्ह, तेरी जीभ कितनी खुरदरी है, ऊउइ, हाँ वहीँ, मत रुक साहिल! मेरे बूब्स ब्रा के ऊपर से उछल रहे थे और मेरी सांसें रुक-रुक कर चल रही थीं. साहिल ने मेरी ब्रा खींचकर उतारी और मेरे सख्त निप्पलों को चूसना शुरू कर दिया, एक को मुँह में लेकर चूसते हुए, दूसरे को उंगलियों से मसलते हुए, दांतों से हल्के से काटते हुए. ‘उफ्फ … साहिल … मेरे निप्पलों … और ज़ोर से चूस …’ मेरी चीख कमरे में गूँज रही थी, आह ह ह ह ह्हीईई आअह्ह्ह्ह, तेरे दांत कितने शरारती हैं, मैंने कराहा, कमर उछालते हुए.
उसने अपना लंड मेरी चूत पर रगड़ा, सुपारे से क्लिट को छूते हुए, गीलेपन में सरकाते हुए, और एक ज़ोरदार धक्के के साथ अन्दर डाल दिया, धीरे-धीरे पूरा घुसाते हुए, मेरी दीवारों को फैलाते हुए. ‘आह्ह … साहिल … तेरा लंड मेरी चूत को फाड़ रहा है!’ मैं चीखी, मेरी चूत की दीवारें उसके मोटे लंड से रगड़ खा रही थीं, दर्द और मजा दोनों मिलकर, आह्ह.. ह्ह.. आऊ.. ऊऊ.. ऊउइ ..ऊई ..उईईई, साहिल, धीरे कर ना पहले, लेकिन फिर तेज, मैंने सिसकारा. साहिल ने मेरी कमर पकड़ी और ज़ोर-ज़ोर से धक्के मारने शुरू किए, हर धक्के में उसका लंड अंदर-बाहर होता, चूत की दीवारों से रगड़ खाता, पच पच की आवाजें निकलतीं.
मेरे बूब्स उछल रहे थे, चेहरा लाल था और मेरी सिसकारियां बेकाबू थीं- उफ्फ … साहिल … और ज़ोर से … मेरी चूत को चोद कर फाड़ दे, आह इह्ह ओह्ह ओह ! आह.. ह्ह्ह.. इह्ह.. ..! साहिल ने मेरे होंठों पर एक भूखा किस किया और उसकी सिसकारी मेरे मुँह में गूँजी- निशा … तेरी चूत … मेरे लंड की गुलाम है, तू कितनी टाइट है, उफ्फ, मैं तेरी चूत में हर रोज़ आऊंगा! मैं चूत रगड़वाने लगी, अपनी कमर हिलाते हुए, उसके धक्कों से मैच करते हुए, पसीना हम दोनों के जिस्म पर चमक रहा था. कोई 20 मिनट बाद साहिल ने मेरी चूत में झड़ा और उसका गर्म वीर्य मेरे जिस्म में बिजली की तरह दौड़ गया, मैंने महसूस किया उसकी धारें अंदर टकरातीं, आह्ह … साहिल … तेरा माल … मेरी चूत को पूरा कर रहा है … आह, उईईई, मैं भी साथ में झड़ गई, दूसरी बार, चूत सिकुड़ती हुई. मैं दो बार झड़ चुकी थी, मेरी चूत गीली थी और मेरा जिस्म पसीने से चमक रहा था. साहिल ने मुझे गले लगाया और मेरे माथे पर एक नर्म किस किया. ‘निशा, तू और राहुल मेरे लिए ख़ास हो. मैं तुम्हारी शादी में सबसे ज़ोर से तालियां बजाऊंगा!’ उसने मुस्कुराते हुए कहा. तो मैंने उसका चेहरा सहलाया- साहिल, तू हमेशा हमारे साथ रहेगा. हमारा प्यार तुझ बिना अधूरा है! उस दिन साहिल ने मुझे दो बार चोद कर सुख दिया और मैं सो गई.
फिर शनिवार की शाम राहुल ने मुझे अपने बंगले पर बुलाया. उसने फोन पर कहा- निशु, मैं चाहता हूँ कि तू मेरे मम्मी-पापा से मिले. मैंने उन्हें बता दिया है कि तू मेरे लिए कितनी खास है. उसकी आवाज़ में उत्साह के साथ थोड़ी घबराहट थी जो मुझे और प्यारा लगा. मैंने हंसते हुए कहा- शोना, मैं तैयार हूँ. तू बस मेरे साथ रहे, बाकी मैं संभाल लूँगी! मैंने एक क्रीम रंग की अनारकली ड्रेस पहनी, जो मेरे गोरे जिस्म को और निखार रही थी. इस ड्रेस के नीचे मैंने एक ब्लैक लेस ब्रा और थॉन्ग पहनी थी, जो मेरे जिस्म को गुप्त उत्तेजना दे रही थी. मेरे बाल सॉफ्ट बन में बंधे थे और हल्का मेकअप, काजल, पिंक लिपस्टिक और छोटी सी बिंदी … मुझे रानी जैसा लुक दे रहा था. राहुल ने मुझे गेट पर रिसीव किया. उसने ब्लू कुर्ता और व्हाइट पायजामा पहना था. उसका यह ट्रेडिशनल लुक मेरी चूत में सिहरन पैदा कर रहा था. ‘निशु, तू आज किसी अप्सरा सी लग रही है!’ वह मेरे कान में फुसफुसाया और मेरा हाथ पकड़ लिया. उसका स्पर्श मेरे जिस्म में गर्मी भर रहा था. राहुल के मम्मी-पापा हॉल में थे. मम्मी ने मुझे गले लगाया- निशा, तू उतनी ही हसीन है जितना राहुल ने बताया. मैं शर्मा गई, लेकिन राहुल ने मेरे हाथ को हल्के से दबाकर हौसला दिया. पापा ने मुस्कुराते हुए कहा- बेटा, राहुल ने बताया कि तू बहुत होनहार है. हमें खुशी है कि उसने तुझ जैसी लड़की चुनी. उनकी बातों ने मेरा दिल जीत लिया. डिनर में मम्मी ने मराठी स्टाइल में पुरण पोली और आमटी बनाई थी. खाने के दौरान राहुल बार-बार मेरी तरफ़ देखकर मुस्कुरा रहा था और उसकी आंखों में मेरे लिए वह बेपनाह प्यास थी. डिनर के बाद हम बगीचे में टहलने गए. राहुल ने मेरे कंधे पर हाथ रखा और मेरे कान में फुसफुसाया- निशु, मम्मी-पापा को तू बहुत पसंद आई. अब वे हमारी शादी की बात जल्दी शुरू करना चाहते हैं. मैंने उसका चेहरा सहलाया और सिसकारी भरी- शोना, मैं तुझसे और तुझसे जुड़ी हर चीज़ से प्यार करती हूँ. मैंने उसकी आंखों में देखा और उसके होंठों पर एक गहरा किस किया, मेरी जीभ उसकी जीभ से टकराई. उसकी कामुक सिसकारी मेरे मुँह में गूँजी- आह्ह … निशु … तेरा प्यार … मुझे पागल कर रहा है!
अगले हफ्ते मैंने राहुल को अपने घर बुलाया. मैंने मम्मी-पापा को बता दिया था कि राहुल मेरे लिए कितना खास है. उस दिन मैंने एक सॉफ्ट पिंक साड़ी पहनी, जो मेरी पतली कमर और गोल बूब्स को उभार रही थी. नीचे मैंने रेड लेस ब्रा और थॉन्ग पहनी थी, जो मेरे जिस्म में एक गुप्त आग जला रही थी. मैंने हल्का मेकअप किया और बाल खुले छोड़े. राहुल व्हाइट शर्ट और ग्रे पैंट में आया और उसका स्मार्ट लुक मेरी चूत को गीला कर रहा था. मम्मी ने राहुल को देखकर हंसते हुए कहा- अरे, ये तो वही लड़का है, जिसने निशा की स्कूटी से टक्कर मारी थी! हम सब ठहाका मारकर हंस पड़े. पापा ने राहुल से उसके शोरूम और भविष्य की योजनाओं के बारे में पूछा. राहुल ने सम्मान से जवाब दिया और मैं देख रही थी कि मेरे पापा उसकी सादगी से प्रभावित हो रहे थे. मम्मी ने मालवानी फिश करी और भाकरी बनाई थी. राहुल ने खाना खाते हुए तारीफ़ की- आंटी, आपका खाना तो लाजवाब है. निशा को ये हुनर आपसे ही मिला होगा. मम्मी खुश हो गईं. खाने के बाद हम दोनों मेरे कमरे में आ गए. मैंने राहुल को अपनी बांहों में खींच लिया और उसके होंठों पर एक प्यासा किस किया. ‘शोना, मम्मी-पापा को तू बहुत पसंद आया. अब हमारी शादी का रास्ता साफ़ है!’ मैंने सिसकारी भरी. राहुल ने मेरे माथे पर एक नर्म किस किया और मेरी साड़ी के ऊपर से मेरी कमर सहलाई. ‘निशु, मैं तुझसे और साहिल से इतना प्यार करता हूँ कि तुम दोनों मेरी दुनिया हो!’ उसने कहा. फिर उसकी सिसकारी मेरे कानों में गूँजी- आह्ह … निशु … तेरा जिस्म… मेरे दिल में आग लगा रहा है! मैंने उसके होंठों पर एक भूखा किस किया- शोना, तू मेरा कक है. मैं तुझसे बेपनाह प्यार करती हूँ. इसी तरह से हम दोनों अपने विवाहित जीवन के सपने बुनने लगे.
अचानक एक रात मम्मी-पापा को हॉस्पिटल में इमरजेंसी के लिए जाना पड़ा. घर में सिर्फ़ मैं, राहुल और साहिल थे. मैंने दोनों को अपने कमरे में बुलाया. मैंने सिल्की रेड नाइटी पहनी थी, जो मेरे जिस्म को मखमली स्पर्श दे रही थी. नीचे ब्लैक लेस ब्रा और थॉन्ग मेरे सख्त निप्पल और गीली चूत को उभार रही थी. मेरे कमरे में लैवेंडर सेंटेड कैंडल्स की मंद रोशनी थी और बेड पर बिखरी गुलाबी चादर माहौल को कामुक बना रही थी. राहुल और साहिल कमरे में आए. राहुल ने टाइट व्हाइट टी-शर्ट और ब्लू जीन्स पहनी थी, उसका कॉक केज उसकी जीन्स के नीचे हल्के से उभर रहा था. साहिल ने ग्रे टैंक टॉप और काले शॉर्ट्स पहने थे, उसका टोन्ड जिस्म नीली रोशनी में चमक रहा था.
मैंने दोनों को अपने पास बुलाया और सिसकारी भरी- आज हम एक-दूसरे को सिर्फ़ आग और प्यार देंगे. कोई जल्दी नहीं, बस हमारी चूत, लंड और गांड की प्यास! यह कह कर मैंने राहुल को अपनी बांहों में खींचा और उसके होंठों पर एक गहरा, भूखा किस किया. उसकी जीभ मेरे मुँह में नाच रही थी और उसकी सिसकारी मेरे होंठों पर थरथरा रही थी, मैंने उसकी जीभ को चूसा, गीला किस करते हुए, हाथ से उसकी पीठ सहलाते हुए. ‘आह्ह … निशु … तेरा प्यार … मेरे जिस्म में बिजली दौड़ा रहा है!’ राहुल ने कराहा, थोड़ा हिचकिचाते हुए, लेकिन लालसा से भरा. मैंने उसकी टी-शर्ट उतारी और उसके सीने पर अपनी जीभ फेरी, निप्पलों को चाटते हुए, नीचे की ओर जाते हुए.
उसका कॉक केज मेरी उंगलियों से टकराया और मैंने उस पर एक हल्का शॉक दिया. ‘उफ्फ … मालकिन … ये तड़प … मुझे पागल कर रही है!’ राहुल की सिसकारी कमरे में गूँजी, वह थोड़ा कांपा, लेकिन आंखों में मजा चमक रहा था. मैंने साहिल को अपने पास खींचा और उसके होंठों पर एक प्यासा किस किया. उसकी जीभ मेरे मुँह में गहरी उतर रही थी और उसकी सिसकारी मेरे कानों में मधुर लग रही थी, मैंने उसके होंठों को काटा, गहरा किस करते हुए, हाथ से उसकी कमर पकड़ते हुए.
‘आह्ह … निशा … तेरा मुँह … मेरे लंड को पुकार रहा है!’ साहिल ने कहा, थोड़ा रुककर, लालसा से भरा. मैंने उसकी टैंक टॉप उतारी और उसके टोन्ड बाइसेप्स को चूमा, जीभ से फेरते हुए, नीचे की ओर. उसका जिस्म गर्मी से थरथरा रहा था. साहिल ने राहुल को अपने पास खींचा और उसके होंठों पर एक गहरा किस किया, दोनों की जीभें टकराईं, गीले स्वाद में. ‘राहुल, तू मेरे लिए उतना ही खास है … जितनी निशा!’ साहिल ने कहा और राहुल की सिसकारी गूँजी- आह्ह … साहिल तेरा प्यार मेरे दिल को छू रहा है, उफ्फ, तेरी जीभ कितनी गर्म है! मैंने दोनों को बेड पर खींच लिया और अपनी नाइटी उतारी. अब मैं सिर्फ़ ब्लैक लेस ब्रा और थॉन्ग में थी, मेरी चूत गीली थी और मेरे निप्पलों सख्त होकर ब्रा के पार चमक रहे थे. राहुल ने मेरी ब्रा खोली और मेरे बूब्स को अपने नर्म हाथों से मसला ‘निशु, तेरे बूब्स … जैसे रेशम की आग!’ उसने एक मीठी सिसकारी भरी और मेरे एक निप्पल को अपने मुँह में लिया.
उसकी गर्म जीभ मेरे सख्त निप्पलों पर बारी बारी से नाच रही थी, चूसते हुए, दांतों से हल्के से खींचते हुए, और मैं चीखने लगी ‘आह्ह … शोना … और चूस … मेरे बूब्स को खा जा, इह्ह ओह्ह, हाँ वहीँ, मत रुक!’ तभी साहिल मेरे पीछे आया और उसने मेरी थॉन्ग उतार कर दूर फेंक दी. फिर मेरी गोल गांड पर उसने एक जोरदार चांटा मारा और मेरी कसक भरी सिसकारी कमरे में गूँजी ‘उफ्फ … साहिल … मेरी गांड को और मार …’ उसने मेरी चूत को चाटना शुरू किया, उसकी खुरदुरी जीभ मेरी चूत की दीवारों पर मस्त रगड़ मार रही थी, क्लिट को चूसते हुए, उंगली डालकर अंदर घुमाते हुए. ‘आह्ह … साहिल … और गहरे … मेरी चूत को चूस ले …’ मेरी सांसें रुक रही थीं और जिस्म कांप रहा था, आह.. ह्ह्ह.. इह्ह.. ..! ऊउइ, तेरी उंगली कितनी गहरी जा रही है, साहिल, मैंने कराहा, थोड़ा हिचकिचाते हुए लेकिन मजा लेते हुए. राहुल ने अपनी जीन्स और अंडरवियर उतारा, उसका लंड कॉक केज में कैद था और उसकी तड़प उसकी आंखों में चमक रही थी.
उसके कॉक केज पर मैंने एक शॉक दिया और उसकी चीख कमरे में गूँजी- आह्ह … मालकिन … ये तड़प मुझे मार डालेगी! मैंने साहिल की शॉर्ट्स उतारी तो उसका 9 इंच का मोटा लंड मेरे सामने लहरा रहा था. मैंने उसका लंड अपने मुँह में लिया और चूसना शुरू किया, ग्ग्ग्ग.. ग्ग्ग्ग.. गी.. गी.. गी.. गों.. गों.. गोग, गले तक लेते हुए, हाथ से सहलाते हुए, लार से गीला करते हुए. ‘उफ्फ … निशा … तेरा मुँह … मेरे लंड को गुलाम बना रहा है!’ साहिल की कामुक आवाजें कमरे में गूँजने लगीं, वह कमर हिलाने लगा, थोड़ा पुश करते हुए. उसने कराहते हुए ही राहुल को अपने पास खींचा और उसके कॉक केज को सहलाया. ‘राहुल, तेरा कक वाला लंड मेरे लिए भी तड़पता है!’ साहिल ने यह क्रूर हंसी के साथ कहा और उसने राहुल की गांड पर एक चांटा मारा. राहुल की सिसकारी गूँजी- आह्ह … साहिल … मेरी गांड तेरे लिए खुली है! साहिल ने राहुल की गांड में एक वाइब्रेटिंग डिल्डो डाला और ऑन कर दिया, धीरे-धीरे घुसाते हुए, वाइब्रेशन शुरू होते ही. वाइब्रेटिंग डिल्डो की थरथराहट राहुल को पागल कर रही थी. ‘उफ्फ … साहिल … ये डिल्डो मेरी गांड में आग लगा रहा है, आह इह्ह ओह्ह, मत बंद कर, लेकिन धीरे!’ राहुल ने कराहा, थोड़ा हिचकिचाते हुए, गांड सिकुड़ते हुए.
मैंने साहिल को बेड पर लिटाया और उसके ऊपर चढ़ गई, उसका लंड पकड़ कर मैंने अपनी चूत पर रगड़ा, सुपारे से क्लिट को छूते हुए, गीलेपन में सरकाते हुए, और एक ज़ोरदार धक्के के साथ अन्दर ले लिया, धीरे-धीरे नीचे बैठते हुए, पूरा घुसने तक. ‘आह्ह … साहिल … तेरा लंड मेरी चूत को फाड़ रहा है!’ मैं चीखी, दर्द से थोड़ा रुककर, लेकिन फिर कमर हिलाते हुए. मेरे बूब्स उछल रहे थे, मेरा चेहरा लाल था. साहिल ने मेरी कमर पकड़ी और ज़ोर-ज़ोर से चोदना शुरू कर दिया, नीचे से धक्के मारते हुए, पच पच की आवाजें, मेरी चूत से रस टपकता. ‘निशा तेरी चूत … आह मेरे लंड की रानी है!’ उसकी वासना से लिप्त सिसकारी मेरे कानों में गूँजी, उफ्फ, तू कितनी गीली है, मैं तेरी चूत को रोज़ चोदूंगा! तभी राहुल मेरे पीछे आया और मेरी गांड पर एक चांटा मारा- निशु, तेरी गांड मेरे लिए स्वर्ग है! उसने सिसकारी भरी और एक वाइब्रेटिंग बट प्लग मेरी गांड में डाला, धीरे-धीरे घुसाते हुए, वाइब्रेशन ऑन करते हुए.
‘आह्ह … शोना … ये प्लग… मेरी गांड में तूफान ला रहा है!’ मेरी चीख कमरे में गूँजी, आह्ह.. ह्ह.. आऊ.. ऊऊ.. ऊउइ, दोनों छेद भरे होने से, मैं थोड़ा हिचकिचाई, लेकिन मजा दोगुना हो गया. साहिल मेरी चूत को चोद रहा था और राहुल मेरी गांड में बट प्लग को अन्दर-बाहर कर रहा था, धीरे-धीरे स्पीड बढ़ाते हुए. मेरी सिसकारियां बेकाबू थीं- उफ्फ … मेरे बुल्स … मेरी चूत और गांड को फाड़ दो, आह इह्ह ओह्ह ओह ! आह.. ह्ह्ह.. इह्ह.. ..! साहिल ने राहुल को अपने पास खींचा और उसे बेड पर लिटाया- राहुल, आज तेरी गांड मेरे लंड की गुलाम होगी! साहिल ने क्रूर हंसी के साथ कहा और राहुल की गांड में अपना लंड पेल दिया, पहले सुपारा घुसाते हुए, फिर पूरा, धीरे-धीरे. राहुल की चीख कमरे में गूँजी- आह्ह साहिल … तेरा लंड मेरी गांड को चीर रहा है, ऊईई, धीरे साहिल, लेकिन मत रुक, उफ्फ! मैं राहुल के होंठों पर चढ़ी और उसकी जीभ को चूसती हुई बोली- मेरे मीठे शोना, तू मेरा कक है … मेरे लिए तड़प राजा! मेरी सिसकारी उसके मुँह में गूँजी. हम तीनों एक-दूसरे में डूबे थे.
साहिल की धक्कों की ताल, राहुल की चीखें और मेरी सिसकारियां कमरे में एक कामुक संगीत बना रही थीं. मैं मादक आवाज में सिसकार रही थी- आह्ह … मेरे लवर्स … मेरी चूत और गांड … तुम दोनों के लिए तड़प रही हैं, चोदो मुझे और ज़ोर से! साहिल ने मेरे बूब्स को चूसा और राहुल ने साहिल की पीठ सहलाई, हम सब पसीने से तर, जिस्म एक-दूसरे से चिपके.
लगभग 40 मिनट के इस वाइल्ड चुदाई के खेल में मैं तीन बार झड़ चुकी थी, हर बार चूत सिकुड़ती, रस बहता. मेरी चूत और गांड से वीर्य टपक रहा था, मेरा जिस्म पसीने और वीर्य से गीला था. साहिल ने राहुल की गांड में झड़ा और उसकी सिसकारी गूँजी- उफ्फ साहिल … तेरा माल … मेरी गांड में आग भर रहा है! मैंने साहिल के लंड को चाटा और बाकी वीर्य पी लिया. हांफते हुए मैंने कहा- साहिल तेरा माल मेरे लिए अमृत है … आह! हम तीनों बेड पर लिपट गए. राहुल ने मेरे माथे पर किस किया- निशु, साहिल, तुम दोनों मेरी ज़िंदगी हो. साहिल ने हमें गले लगाया- निशा और राहुल तुम्हारी शादी मेरी सबसे बड़ी ख़ुशी होगी. मैंने भी दोनों के चेहरों को सहलाया- मेरे शोना, मेरे साहिल, हमारा प्यार हमेशा ऐसा ही रहेगा … बेशर्म, गहरा और अनमोल! उस रात के बाद हमारी ज़िंदगी और मधुर हो गई. मैं दिन में शोरूम में काम करता लेकिन मेरा दिल हर वक़्त निशा और साहिल के पास होता. कॉक केज की ठंडी जकड़न मुझे हर पल निशा की मालकिन वाली सत्ता की याद दिलाती थी. आपको मेरी चुदाई कहानी कैसी लगी?