Hot indian milf chudai sex story: मेरा नाम राजेंद्र है .और मेरा उम्र २५ साल है .अज जो कहानी बताने जा रहा हु वोह मेरी दोस्त राजू की मम्मी के साथ चुदाई की कहानी है .
दोस्तों राजू मेरा बहुत पुराना दोस्त है और मैं हमेशा उसके साथ अपनी हर एक बात करता हूं और बहुत मौज मस्ती भी करता हूं। राजू मेरी उम्र का ही है और हम दोनों में बहुत बनती है। हम दोनों साथ में घूमते फिरते हैं, हंसी मजाक करते हैं और अपनी सारी गुप्त बातें एक दूसरे को बताते हैं। बीना जैन जो राजू की माँ हैं वो एक सेक्सी माल हैं। उनकी उम्र करीब ४२ साल की है और वो बला की सुंदर हैं। उनकी थोड़ी पुरानी सोच है लेकिन वे बहुत अच्छे व्यवहार और विचारों की औरत हैं।
उनका फिगर ३६-३२-३४ है। वे दिखने में दूध जैसी सफेद हैं और आज भी बहुत जवान लगती हैं। उनकी गोरी त्वचा इतनी चमकदार है कि देखते ही मन ललचा जाता है। उनके बड़े-बड़े स्तन ब्लाउज को तान देते हैं। उनकी पतली कमर और चौड़ी मोटी गांड देखकर कोई भी पुरुष का लंड खड़ा हो जाए। उनकी चाल में एक खास लचक है जो उनकी जांघों और नितंबों को और ज्यादा आकर्षक बना देती है।
दोस्तों मुझे चुदाई का बहुत शौक है और यह घटना मेरे साथ करीब एक साल पहले घटित हुई। वैसे तो मैं एक चुड़क्कड़ किस्म का इंसान हूं तो इसलिए मैं हमेशा कोई ना कोई चूत ढूंढता रहता हूं। मेरा राजू के घर पर रोज का आना जाना लगा रहता था। लेकिन उसकी माँ को देखकर हमेशा से ही मेरा लंड उसे चोदने को होता था। उनकी गोरी देह को निहारते ही मेरे मन में गंदी कल्पनाएं घूमने लगती थीं।
लेकिन मुझे कभी कोई ऐसा मौका नहीं मिला जिसका मैं अच्छी तरह से फायदा उठा सकता। वैसे हम हमेशा थोड़ी बहुत हंसी मजाक की बातें कर लिया करते थे। कभी वे मुस्कुराकर मेरी बातों पर हंसतीं तो उनकी छाती हिलने लगती और मेरी नजरें वहां अटक जातीं।
दोस्तों अब राजू का जन्मदिन बहुत नजदीक आ रहा था और उसके पापा किसी जरूरी काम से कुछ दिनों के लिए बाहर गए हुए थे। मैंने उसे एक दिन फोन किया और राजू ने मुझे उसके घर बुला लिया। दोस्तों जब मैं राजू के रूम में जाकर फिल्म देखने लगा और एक घंटे बाद आंटी उठ गईं और उस कमरे में आईं जिसमें हम बैठे हुए फिल्म देख रहे थे।
आंटी : क्यों क्या देख रहे हो तुम दोनों?
मैं : नमस्ते आंटी।
राजू : फिल्म देख रहे हैं माँ।
आंटी : ठीक है, मैं तुम लोगों के लिए कुछ खाने को लेकर आती हूं।
फिर इतना बोलकर आंटी किचन में जाने लगी और में उनकी साड़ी में उनकी मटकती हुई गांड को देखने लगा, क्या मस्त लग रही थी?
आंटी जैसे ही मुड़ीं और किचन की ओर बढ़ीं, उनकी साड़ी की पतली सी लाइन उनके मोटे, गोल-गोल और ऊंचे उठे हुए नितंबों पर कसकर लिपट गई। हर कदम के साथ उनकी भारी गांड मटक-मटककर ऊपर-नीचे लहरा रही थी। साड़ी का हल्का कपड़ा उनकी मांसल चूतड़ की गहराई में धंस रहा था, जिससे उनकी गांड की पूरी आकृति साफ-साफ उभरकर दिख रही थी। उनकी गोरी, चिकनी त्वचा साड़ी के पारदर्शी हिस्से से झलक रही थी और मैं अपनी नजरें वहां से हटा ही नहीं पा रहा था। मेरा लंड पैंट के अंदर फड़कने लगा। मैं कल्पना करने लगा कि इन मोटी, मुलायम गांड को दोनों हाथों से पकड़कर जोर-जोर से थपथपाते हुए चोदने में कितना मजा आएगा। उनकी चाल में एक खास लचक थी जो किसी भी मर्द को पागल कर देने के लिए काफी थी।
फिर हम फिल्म देखने लगे और बीस मिनट बाद आंटी हमारे लिए चाय और स्नेक्स लेकर आई और वो भी हम लोगों के साथ बैठ गई और मुझसे कहने लगी लो बेटा चाय पियो और अब हम दोनों अपनी अपनी चाय अपने हाथ में लेकर स्नेक्स खाने लगे।
बीस मिनट बाद आंटी ट्रे में गर्म-गर्म चाय और नमकीन स्नेक्स लेकर वापस आईं। उन्होंने ट्रे को टेबल पर रखा और हमारे पास ही सोफे पर बैठ गईं। उनकी साड़ी की पल्लू थोड़ी सरक गई थी जिससे उनका गहरा ब्लाउज और उसमें दबे भारी स्तन साफ दिख रहे थे। चाय की खुशबू पूरे कमरे में फैल गई थी। आंटी ने मुस्कुराते हुए मेरी तरफ देखा।
फिर आंटी ने मुझसे पूछा कि राजेंद्र (मेरी बुलावा नाम राजा )तुम्हारी पढ़ाई कैसी चल रही है?
मैंने कहा, “जी आंटी बहुत अच्छी चल रही है।”
आंटी ने पूछा, “क्यों आज कल तुम घर पर आते नहीं हो?”
मैंने जवाब दिया, “आंटी पेपर है तो ज़्यादा समय नहीं निकल पाता इसलिए।”
आंटी बोलीं, “हाँ बेटा अच्छी बात है और अपनी पढ़ाई में ज्यादा से ज्यादा मन लगाकर पढ़ाई करो।”
मैंने राजू की तरफ देखते हुए कहा, “अरे यार राजू तेरा जन्मदिन भी तीन दिन बाद है क्यों मनाएगा ना?”
राजू ने कहा, “यार तू तो अच्छी तरह से जानता है कि इस समय पापा घर पर नहीं है तो बहुत मुश्किल है।”
मैंने जोर देकर कहा, “देख मैं कुछ नहीं जानता मुझे तो पार्टी चाहिए।”
राजू बोला, “यार, लेकिन।”
मैंने बीच में ही टोक दिया, “मैं लेकिन वेकिन कुछ नहीं जानता, मैं तेरे घर आ जाऊंगा और फिर मैं, आंटी और तू मज़े करेंगे, क्यों आंटी मैंने ठीक कहा ना?”
आंटी हंसते हुए बोलीं, “हाँ ठीक है मैं खाना बना लूँगी।”
मैंने पूछा, “क्यों राजू ठीक रहा ना?”
राजू ने कहा, “हाँ ठीक है यार।”
मैंने कहा, “अब यार मैं चलता हूं जन्मदिन पर आ जाऊंगा, ठीक है आंटी नमस्ते।”
आंटी ने मुस्कुराते हुए कहा, “ठीक है बेटा नमस्ते।”
अब मैं अपने घर के लिए निकल लिया। मैंने बाहर राजू को बोला कि यार तू बिल्कुल भी फ़िक्र मत कर, मैं अपने साथ विस्की ले आऊंगा।
राजू ने घबराते हुए कहा, “यार माँ के सामने तू क्या मुझे मरवाएगा?”
मैंने कहा, “यार उसकी फ़िक्र तू मत कर, आंटी को मैं मना लूँगा, ठीक है बाय।”
राजू ने कहा, “ठीक है बाय।”
फिर मैं अपने घर पर चला आया और मैं अपने घर पर आकर बस उसकी माँ को चोदने के बारे में सोच रहा था कि मैं उसे कैसे चोदूं और बहुत सोचने के बाद मुझे उसके जन्मदिन पर वो मौका मिल रहा था और वो सब सोचते सोचते मैं ना जाने कब सो गया। फिर उसके जन्मदिन के दिन मैंने राजू को फोन करके जन्मदिन की बधाईयाँ दे दी और मैंने उससे पार्टी का समय पूछा तो वो मुझसे बोला कि तुम शाम को 7 बजे आ जाना। फिर मैं बोला कि ठीक है और मैंने फोन कटकर दिया।
दोस्तों उसकी माँ को सोचकर ही सारा दिन लंड खड़ा होता रहा.
मैं पूरे दिन बीना आंटी की कल्पना करते हुए पागल हो रहा था। उनकी गोरी चमकदार त्वचा, भारी-भरे ३६ साइज के स्तन, पतली कमर और ३४ साइज की मोटी उठी हुई गांड याद आते ही मेरा लंड पैंट के अंदर तनकर खड़ा हो जाता। मैं बार-बार बाथरूम जाकर मुठ मारता लेकिन फिर भी शांति नहीं मिलती थी। उनकी दूध जैसी सफेद देह को नंगी कल्पना करते हुए मेरे मन में तरह-तरह की चुदाई की गंदी तस्वीरें घूम रही थीं।
मैं तीन बजे घर से बाजार चला गया और मैंने राजू के लिए एक शर्ट खरीद ली.
मैं बाजार पहुंचकर सबसे पहले राजू के लिए एक अच्छी ब्रांडेड शर्ट चुनकर खरीद ली। फिर मैंने एक वाईन शॉप से एक विस्की की फुल बोतल ली और फिर मैंने मेडिकल स्टोर से एक कंडोम का पैकेट भी ले लिया और अब अपने घर पर आकर मैं तैयार होने लगा, मैं आज बहुत खुश था और डियो लगाकर मैं राजू के घर के लिए निकल गया और उसके घर पर ठीक समय पर पहुंच गया.
मैं घर लौटकर नहाया, अच्छे कपड़े पहने, बाल संवारे और बॉडी पर अच्छी डियो लगाई। आज का दिन मेरे लिए खास था। मैं राजू के घर पहुंचा तो ठीक शाम सात बजे था। दरवाजा खुला तो सामने बीना आंटी खड़ी थीं। मैंने उनसे हैल्लो आंटी कहा.
आंटी : हैल्लो बेटा, चलो अंदर आ जाओ.
मैं : क्या आंटी आप अभी तक तैयार नहीं हुई?
आंटी : तैयार क्या होना बेटा तुम लोग जन्मदिन मना लेना.
मैं : आंटी जन्मदिन तो जन्मदिन है ना और अब आपको भी हमारे साथ मनाना होगा, प्लीज आप अब तैयार हो लीजिए.
आंटी : ठीक है बेटा तुम बैठो, अजय अपने रूम में है और कहते हो तो मैं भी अभी तैयार होकर आती हूं.
दोस्तों अब आंटी अपने रूम में चली गई और मैं अजय के रूम में.
मैं : जन्मदिन मुबारक हो अजय.
राजू : मेरे गले लग गया और उसने मुझे धन्यवाद बोला.
मैं : मैंने उसे गिफ्ट वाली शर्ट दे दी और उससे तैयार होने को बोला और अब वो भी तैयार होने लगा. फिर मैंने उससे कहा कि अजय देख मैं तेरी पसंद की ब्रांड विस्की लेकर आया हूं तो वो उसे देखकर बहुत खुश हुआ और अब हम तैयार होकर हॉल में पहुंच गए और आंटी का इंतजार करने लगे.
मैं : यार राजू जन्मदिन पर तो गाना जरूर होना चाहिए ना.
राजू : हाँ यार रुक मैं अभी लगाता हूं.
तभी मेरी नजर आंटी पर पड़ी, वो क्या लग रही थी उस नीले कलर की जालीदार साड़ी में बहुत हॉट, सेक्सी और उन्होंने ब्रा नहीं पहनी थी तो उनके बूब्स हिलते हुए बहुत मस्त लग रहे थे, उन्हें देखकर मेरा मन कर रहा था, उनसे चिपककर एक किस कर लूं, लेकिन मैंने मन को कंट्रोल किया और फिर मैंने उनसे कहा कि वाह आंटी आप तो बहुत सुंदर दिख रही हो.
आंटी : थोड़ा शरमाते हुए धन्यवाद बेटा, तुम लोग क्या कर रहे हो?
मैं : आंटी, गाने लगा रहा हूं.
आंटी : ठीक है तो मैं तुम दोनों के लिए कोल्डड्रिंक्स लेकर आती हूं और आंटी जाने लगी.
दोस्तों उनका ब्लाउज पूरा खुला हुआ था और उसमें से उनकी कमर बहुत सेक्सी लग रही थी और उनकी वो मटकती हुई गांड देखकर मैं और भी पागल हो रहा था, मैं बस यही सोच रहा था कि अगर आज रात उसे चोद लूं तो मजा आ जाए. फिर अचानक गाना शुरू हुआ तो मैं अपनी उस सोच से बाहर आया और हम बातें करने लगे. फिर आंटी कोल्ड ड्रिंक्स लेकर आई और फिर से जाने लगी तो मैं उन्हें रोकते हुए बोला कि आंटी आप कहां जा रही हैं प्लीज कुछ देर हमारे पास भी बैठिए ना?
आंटी : बेटा तुम दोनों अपना काम करो और मैं खाना तैयार करती हूं.
मैं : आंटी आप भी हमारे साथ पार्टी में शामिल हो तो इसलिए आपको भी बैठना पड़ेगा क्यों अजय?
राजू : हाँ माँ बैठो ना.
आंटी : ठीक है बेटा तुम कहते हो तो मैं भी बैठ जाती हूं.
दोस्तों अब आंटी हमारे सामने बैठ गई और मैंने सबको कोल्ड ड्रिंक दे दी और फिर हम तीनों ने चियर्स किया और कोल्ड ड्रिंक पीकर बातें करने लगे।
आंटी सोफे पर आराम से बैठ गईं। उनकी नीली जालीदार साड़ी उनके भारी स्तनों पर कसकर लिपटी हुई थी। ब्लाउज के ऊपर से उनकी गोरी छाती की गहराई साफ दिख रही थी। जब वे बैठीं तो उनकी मोटी गांड सोफे में धंस गई और साड़ी का कपड़ा उनकी जांघों पर चिपक गया। मैंने गिलास में कोल्ड ड्रिंक डाली और सबको दे दिया। हम तीनों ने गिलास ऊंचा करके चियर्स किया। ठंडी ड्रिंक की मीठी ठंडक गले में उतरते ही आंटी के होंठों पर एक हल्की मुस्कान आई। हम बातें करने लगे। कमरे में हल्का संगीत बज रहा था और आंटी की हंसी की आवाज मेरे कानों में मीठी लग रही थी।
तभी अजय मुझसे बहुत धीरे से बोला कि यार अब माँ को ड्रिंक के लिए कैसे मनाएँगे?
दोस्तों वो मुझसे बिल्कुल चिपककर बैठा हुआ था और गाने चलने की वजह से सिर्फ मैं उसकी वो सभी बातें सुन रहा था।
मैं : रुक मैं अभी उनसे बात करता हूं।
फिर मैं आंटी से बोला कि आंटी आज जन्मदिन है और आज के दिन अगर हम आपसे कुछ भी मांगे तो आप हमें मना नहीं करोगी।
आंटी : हाँ बेटा बोलो तुम्हें ऐसा क्या चाहिए?
मैं : आंटी क्या हम ड्रिंक कर सकते हैं?
आंटी : थोड़ा गुस्सा होते हुए बोली कि ऐसा बिल्कुल नहीं, कुछ हो जाएगा तो और वैसे भी पीना शरीर के लिए बहुत खराब होता है।
मैं : हाँ आंटी हमें पता है, लेकिन सिर्फ आज के दिन, प्लीज आंटी ऐसा कुछ नहीं होगा, बस आज के लिए प्लीज आंटी।
आंटी : नाखुशी से बोली ठीक, लेकिन ज्यादा नहीं पीना और अब मैं खाना बनाने जा रही हूं।
अब आंटी किचन में चली गई और इधर हम दोनों की खुशी का ठिकाना नहीं था।
फिर मैंने बोतल बाहर निकाली और दो पेग बनाए और चियर्स करके पीने लगे, राजू को विस्की से जल्दी नशा हो जाता था और यह बात मुझे पहले से ही पता थी तो इसलिए मैंने उसे जानबूझकर पहला भारी पेग दे दिया और खुद भी लेने लगा, हम लोगों को पीते हुए करीब ४५ मिनट हो चुके थे और हम दोनों को शराब का असर शुरू हो चुका था और हमने आधी बोतल खत्म कर ली थी।
फिर मैंने राजू से बोला कि चल यार अब थोड़ा डांस करते हैं और मैंने एक अच्छा सा गाना लगा दिया और हम दोनों डांस करने लगे।
तभी आंटी आई और उन्होंने मुझसे कहा कि बेटा खाना बन गया है, मैं लगा देती हूं और तुम आकर खा लो।
मैं : आंटी अभी तो हम नाचने लगे हैं प्लीज आप भी आ जाइए।
आंटी : नहीं बेटा, मैं अब अपने कमरे में जा रही हूं।
मैं : प्लीज आंटी आइए ना।
अब आंटी मेरे बहुत बार कहने पर बैठ गई और राजू को अब ज्यादा हो ही रही थी तो वो थोड़ी देर डांस करने के बाद सोफे पर बैठ गया।
फिर मैं आंटी के पास चला गया और मैंने उन्हें डांस करने को कहा, लेकिन आंटी बोली कि नहीं बेटा तुम करो, मैं यह सब नहीं करूंगी।
फिर मैंने उनसे आग्रह किया प्लीज आंटी करिए ना और थोड़ी देर ना के बाद वो अब मान गई।
फिर मैंने उनका हाथ पकड़कर उन्हें खड़ा किया और अब हम दोनों डांस करने लगे और मैंने देखा कि राजू को ज्यादा नशा होने की वजह से वो अपनी दोनों आंखें बंद करके बैठा रहा।
अब मैंने एक रोमेंटिक गाना चला दिया और आंटी को डांस करने के लिए कहा, पहले तो वो मना करने लगी, लेकिन बाद में मेरे बहुत बार जिद करने पर वो मान गई।
मैंने एक हाथ से उनका मुलायम हाथ पकड़ा और अपना एक हाथ उनकी पतली, गर्म कमर पर रख दिया और अब हम डांस करने लगे।
फिर मैंने महसूस किया कि आंटी थोड़ा शरमा रही थी।
फिर मैंने आंटी से पूछा कि आंटी आप ऐसे घबरा क्यों रही हो?
आंटी बोली कि बेटा मैंने कभी ऐसे डांस नहीं किया और अब मैं समझ गया कि यह चुद जरूर जाएगी लेकिन आसानी से नहीं और मुझे थोड़ी मेहनत करनी होगी।
फिर मैंने उनसे कहा कि आंटी शरमाना कैसा? वैसे भी आप आज इस साड़ी में बहुत हॉट और सेक्सी लग रही हो और मैं मुस्कुरा दिया।
फिर आंटी शरमाते हुए कहने लगी धत बदमाश।
मैं अब खुद को आंटी से और भी सटाने लगा जिसकी वजह से अब उनके बूब्स मेरी छाती के बिल्कुल पास थे और मेरा लंड भी अब जागने लगा।
फिर मैंने आंटी से कहा कि आंटी आप सही में बहुत सुंदर और सेक्सी हो और मैं आपको बहुत पसंद करता हूं लेकिन मैं आपसे ना जाने क्यों यह बात कहने से डरता हूं।
दोस्तों आंटी मेरे मुंह से यह बात सुनकर एकदम से चुप हो गई और मुझे देखने लगी।
मैंने धीरे से उन्हें और सटाकर बोला कि आंटी मैं आपसे बहुत प्यार करता हूं और अब मैं एक हाथ से उनकी चूतड़ पर सहलाने लगा।
आंटी मुझसे छूटने की कोशिश करने लगी और वो मुझसे कहने लगी कि तुम अभी अपने पूरे होश में नहीं हो राजा प्लीज छोड़ दो मुझे वरना राजू देख लेगा।
फिर मैंने अपने होंठ उनके होंठों पर रख दिए और चूमने चूसने लगा उम्म्म अह्ह्ह्हह्ह्ह उम्म्म अह्ह्ह्ह।
दोस्तों वाह क्या होंठ थे उनके और वो मुझसे लगातार छूटने की कोशिश करती रही लेकिन मैं अब उन्हें ऐसे छोड़ने वाला नहीं था और मैं उन्हें लगातार किस करता रहा और उनकी गांड को सहलाता रहा।
अब उनकी सांसें भी बहुत तेज हो गई थीं और उन्होंने किसी तरह अपने आपको मुझसे छुड़ाया और फिर दूर हट गई और गुस्से से बोली क्यों तुम अपने होश में हो?
फिर मैं बोला कि आंटी प्लीज मुझे माफ करना लेकिन आपको देखकर मैं कंट्रोल नहीं कर पाया।
तभी राजू भी उठ गया और उसने पूछा कि क्या हुआ?
आंटी ने कहा कि कुछ नहीं चलो खाना खा लो।
फिर राजू ने कहा कि उसे इस समय भूख नहीं बहुत नींद आ रही है।
फिर आंटी और मैं उसे पकड़कर कमरे तक ले गए और लेटा दिया।
कमरे से बाहर आकर आंटी ने कहा कि तुम बैठो मैं तुम्हारे लिए खाना लेकर आती हूं।
दोस्तों आंटी उस समय बहुत गुस्से में थी और अब मेरी समझ में कुछ नहीं आ रहा था।
फिर भी मैं किचन में चला गया और उनके पीछे जाकर खड़ा हो गया और मैंने उनसे कहने लगा कि प्लीज आंटी मुझे माफ कर दो लेकिन मैं आपको दिल से बहुत पसंद करता हूं और आप मुझे बहुत अच्छी लगती हो।
अब आंटी कुछ नहीं बोली बस आश्चर्यचकित होकर देखती रही और मैंने इस बात का फायदा उठाते हुए उन्हें पीछे से पकड़कर उनकी कमर को चूमने लगा उम्म्म अह्ह्ह्ह उम्म्म।
तो आंटी मेरा विरोध करने लगी और मुझसे कहने लगी कि नहीं प्लीज राजा छोड़ो मुझे तुम यह क्या कर रहे हो?
लेकिन मैंने उनकी एक भी बात ना सुनी और मैंने अपने हाथ उनके बूब्स पर रख दिए और उनके बूब्स दबाते हुए उनकी गर्दन पर किस करने लगा उम्म्म उम्म अह्ह्ह्ह मैं आपसे बहुत प्यार करता हूं आंटी उम्म्म मैं आपको चोदना चाहता हूं।
दोस्तों बूब्स दबाने से आंटी तेजी से सिसकियां ले रही थी अह्ह्ह्ह उह्ह्ह प्लीज राजा छोड़ो मुझे थोड़ा होश में आओ एम्म्म आह राजा।
अब मैं बूब्स दबाता रहा और फिर मैंने उन्हें बिल्कुल सीधा किया और उनके होंठों को चूसने लगा उम्म्म एम्म उम्म्म आंटी उम्म्म उम्म्म।
अब उनकी धड़कनें बहुत तेज होती जा रही थीं और अब उनका विरोध भी धीरे धीरे कम हो रहा था और मैं उनके बूब्स के ऊपर किस करने लगा और मैंने उनका पल्लू नीचे गिरा दिया।
इसस्सस्स राजा प्लीज छोड़ो उम्म्म्म अह्ह्ह्हह राजा राजू देख लेगा उह्ह्ह्ह।
अब वो भी धीरे धीरे गरम होने लगी थी।
फिर मैंने किस करते हुए उनके ब्लाउज को खोल दिया और उतारकर फेंक दिया और अब उनके बूब्स को दबाते हुए किस करने लगा अह्ह्ह्ह राजा प्लीज ऐसा मत करो अह्ह्ह्हह उईईइ प्लीज राजा छोड़ दो आअहहअया।
मैं बस अब उन्हें चोदना चाहता था और मैंने बिना देर किए उनकी साड़ी और पेटीकोट को नीचे सरका दिया और उनकी गांड और बूब्स को दबाते हुए किस करने लगा आह्ह राजा बस करो उम्म्म उईईइ अह्ह्ह्ह राजा प्लीज छोड़ो मुझे अह्ह्ह्ह राजा।
अब मैं अपने होंठों को बूब्स पर रखकर बूब्स चूसने लगा और जोर जोर से निचोड़ने लगा और अब वो पागल होने लगी उम्म्म उम्म्म उहहहह उहह।
मैं तेजी से बूब्स को दबाकर उन्हें चूस रहा था।
दोस्तों वाह क्या मस्त बूब्स थे उस साली को मजा आ गया और वो अब मस्ती में आकर चुसवा रही थी और सिसकियां ले रही थी आह्ह्ह्हह आईईईई राजा दर्द हो रहा है प्लीज अउईईइ बस करो लेकिन मैं नहीं रुका और मैंने एक हाथ उसकी कम बालों वाली चूत पर रख दिया और मेरा हाथ लगते ही वो तेज से चिल्लाई उफ्फ्फ्फ़ राजा प्लीज अब बस छोड़ दो मुझे अह्ह्ह्ह।
फिर मैंने तुरंत अपने होंठों को उसके होंठों पर रख दिए और अब मैं उसकी चूत को सहलाने लगा वो अब बहुत गरम हो चुकी थी।
फिर बस मैं आंटी से लिपट गया और उन्हें लगातार किस करने लगा एक दीवाने मजनू और प्यासे आशिक की तरह उनको किस करता गया और उनके बूब्स को भी दबाता गया और अब फ्रेंच किस करते करते बूब्स दबाते दबाते हमें पता नहीं चला कि कैसे हमने एक दूसरे के कपड़े उतार दिए और हम किस करने में पूरी तरह से मदहोश हो गए थे और जब मेरी उंगली भाभी की चूत तक पहुंची तो आंटी सिसकियां भरने लगी और आहिस्ता आहिस्ता लिप किस के बाद गाल कंधे कान बूब्स और पेट तक जा पहुंचा और अब मैं चूत के बिल्कुल करीब था।
फिर जब मैंने आंटी की चूत के उस गुलाबी दाने पर जैसे ही किस किया तो भाभी अपने पूरे होश गवां बैठी और वो मेरे बाल ज़ोर ज़ोर से नोचने लगी।
मेरी गरम जीभ जैसे ही उनकी चूत की ऊपरी लकीर पर बने उस छोटे से गुलाबी क्लिटोरिस पर लगी आंटी का पूरा शरीर एक तेज झटके से अकड़ गया। उनकी उंगलियां मेरे घने बालों में कसकर जकड़ गईं और उन्होंने जोर जोर से नोचना शुरू कर दिया। उनकी नाखून मेरी खोपड़ी में गड़ रहे थे लेकिन दर्द के साथ साथ एक तीव्र खुजली भी फैल रही थी। उनकी चूत से एक मीठी नमकीन और उत्तेजक स्त्री महक आ रही थी जो मेरे मुंह में भर गई। मैंने अपनी जीभ को तेजी से गोल गोल घुमाते हुए उनके उस संवेदनशील दाने को चूसना शुरू कर दिया। आंटी की कमर ऊपर उठने लगी उनकी जांघें कांपने लगीं और वे जोर जोर से सिसकने लगीं।
आंटी ज़ोर ज़ोर से सिसकियाँ भरने लगी और चिल्लाने लगी उफफफफफ्फ़ आह्ह्ह्हह्हह्ह्ह्ह माँ आईईईइ मार दिया तुमने मुझे इतना मज़ा उफफफफफ्फ़ और ज़ोर से प्लीज़ स्स्सीईईईईइ और ज़ोर से चूसो तुम आज अपनी सारी हदे पार कर जाओ, मुझे जितना मज़ा दे सकते हो देते जाओ.तुम मुझमें समा जाओ आईईईई आआआहहउूुउउंम् में अब झड़ने वाली हूँ उह्ह्ह्ह मेरा जूस अब निकलने वाला है.आंटी अब मेरा पूरा कंट्रोल में आ गई थी ।
उनकी चीखें कमरे में गूंज रही थीं। मैंने और जोर से उनका क्लिटोरिस मुंह में ले लिया और अपनी जीभ से तेज तेज चाटने लगा। हर चुसाई के साथ उनकी चूत से गर्म गर्म रस टपक रहा था जो मेरी ठोड़ी पर बह रहा था। उनकी जांघें मेरे सिर को कसकर दबा रही थीं। उनका पूरा शरीर पसीने से तर हो चुका था। उनकी सांसें फूल रही थीं और वे बार बार चिल्ला रही थीं कि और जोर से चूसो। मैंने अपनी उंगलियां उनकी चूत की लकीर पर फेरते हुए अंदर डाल दीं और उन्हें तेजी से अंदर बाहर करने लगा। आंटी अब पूरी तरह मेरे कंट्रोल में आ चुकी थीं। उनका विरोध खत्म हो चुका था और वे अब पूरी तरह लिपटकर मुझे और गहराई में धकेल रही थीं।
दोस्तों आंटी अब और भी बेक़ाबू हो गई और उन्होंने एकदम ज़ोर से प्रेशर से अपना पूरा जूस बाहर निकाल दिया जिसको में पी गया, वो क्या मजेदार था?
अचानक उनकी चूत सिकुड़ने लगी और उन्होंने एक जोरदार धार में अपना गर्म मीठा चूत रस मेरे मुंह पर उछाल दिया। मैंने लपलपाकर पूरा जूस पी लिया। उसका स्वाद नमकीन और थोड़ा मीठा था जो मेरे गले तक उतर गया। आंटी का शरीर कई सेकंड तक झड़झड़ाता रहा। उनकी आंखें बंद थीं और मुंह से बस अह्ह्ह्ह की आवाजें निकल रही थीं। मैंने उनकी चूत को चाट चाटकर साफ कर दिया।
फिर आंटी ने कुछ देर बाद मुझसे कहा कि अब मेरी बारी है में आज तुम्हारे इस छोटू उस्ताद को जरुर सबक सिख़ाऊगी जो तुम्हे मेरे लिए इतना तंग करता है और फिर आंटी ने तुरंत मेरा 6.5 इंच का लंड पकड़कर चूसना शुरू कर दिया उफफफ्फ़ में तो उसकी वजह से बिल्कुल पागल हो रहा था और आंटी मेरा लंड ऐसे चूस रही थी जैसे कोई अनुभवी रंडी के हाथ बहुत दिनों बाद मेरा लंड लगा हो. वो मेरे लंड को ऐसे चूस रही थी कि जैसे भाभी आईस्क्रीम चाट रही है और वो बस लगातार चूसती गई चूसती गई।
आंटी ने मेरे कड़े लंड को अपनी गरम हथेली में पकड़ा और उसकी पूरी लंबाई पर जीभ फेरने लगीं। उन्होंने लंड के सिरे को मुंह में लिया और जोर जोर से चूसना शुरू कर दिया। उनकी जीभ मेरे लंड की नसों पर नाच रही थी। वे कभी तेजी से ऊपर नीचे मुंह हिला रही थीं तो कभी गहरी गहरी चुसाई कर रही थीं। मेरा लंड उनके मुंह की गर्मी और नमी से पूरी तरह भीग गया था। मैं पागल हो रहा था। उनकी सांसों की गर्म हवा मेरे लंड पर पड़ रही थी।
फिर कुछ देर बाद वो अपने मुहं में लंड लेकर ज़ोर ज़ोर से हिलाने लगी जिसकी वजह से में आंटी के मुहं में झड़ गया वो मेरा वीर्य चूसने, चाटने लगी और अब आंटी मेरे जिस्म पर किस करते और अपनी जीभ को मेरे जिस्म पर फेरते हुए मेरे होंठो पर आ पहुंची और हम एक बार फिर से ज़ोरदार फ्रेंच किस करने लगे और अब आंटी की चूत मेरे लंड से बिल्कुल चिपकी हुई थी और आंटी अब आहिस्ता आहिस्ता अपने कूल्हों को हिला रही थी जिसकी वजह से कुछ देर बाद मेरे लंड में एक बार फिर से जोश आना शुरू हो गया और मेरा लंड अब कड़क हो चुका था।
आंटी ने मेरे लंड को अपने मुंह से बाहर निकाला और मेरे पूरे पेट पर किस करते हुए ऊपर आईं। हमारी जीभें एक दूसरे से लिपट गईं। गहरी फ्रेंच किस के दौरान उनकी चूत मेरे खड़े लंड पर रगड़ खा रही थी। आंटी धीरे धीरे अपने कूल्हे हिला रही थीं जिससे मेरे लंड की नोक उनकी चूत की लकीर पर घिस रही थी। कुछ ही देर में मेरा लंड फिर से पूरी ताकत से खड़ा हो गया।
में अब आंटी को पकड़ कर बेड पर लेट कर उसके ऊपर आ गया और मैंने दोनों पैरों को अपने कंधे पर रखकर भाभी की चूत में अपना लंड डालना शुरू किया और फिर भाभी की सिसकियाँ सस्स्सस्स आहहहह ऊऊऊहह उूउउम्म्म्म।
मैंने आंटी को बेड पर लिटाया और उनके दोनों पैर अपने कंधों पर रख लिए। उनकी चूत पूरी तरह खुली हुई थी। मैंने अपना लंड उनकी चूत की लकीर पर रगड़ा और फिर धीरे से अंदर डालना शुरू किया। आंटी की सिसकियां शुरू हो गईं।
फिर मैंने अचानक एकदम से धक्का लगाया तो आंटी की चीख निकल गई प्लीज थोड़ा आराम से आअहह उूुउउम्म्म्मम हाँ आज तुम अपनी भड़ास निकाल दो, तुम आज मुझे दिखाओ कि तुम कितना अपनी आंटी को चाहते हो?
एक जोरदार धक्के के साथ मेरा पूरा लंड उनकी चूत में घुस गया। आंटी ने जोर से चीख मारी लेकिन फिर वे ही कहने लगीं कि और जोर से चोदो। मैंने तेज तेज धक्के लगाने शुरू कर दिए। हमारे शरीर टकरा रहे थे और ठप ठप की आवाजें पूरे कमरे में गूंज रही थीं।
मैंने अपने धक्के शुरू किए, जिसकी वजह से हमारे जिस्म आहिस्ता आहिस्ता टकरा रहे थे और उसकी वजह से ठप ठप ठप ठप ठप की आवाज़ आने लगी, आंटी की सिसकियाँ मुझे और भी दीवाना और मस्ताना कर रही थी और मैंने अपने धक्कों की स्पीड को तेज़ किया और आंटी को चोदता गया और फिर कुछ देर बाद उनको अपनी गोद में उठाकर मैंने अपनी पोज़िशन को चेंज कर लिया और अब में अपने पैरों को घुमाकर आंटी के ऊपर बैठकर उनके बूब्स को पकड़कर ज़ोर ज़ोर से धक्के लगाने लगा और अब मैंने महसूस किया कि आंटी झड़ चुकी थी।
फिर मेरा लंड भी झड़ने का इंतजार करने लगा था और में आंटी को होंठो पर, कान पर और छाती पर किस करते हुए अगले मिनट में झड़ने वाला था।
फिर आंटी ने मुझसे कहा कि तुम मुझे अब लेटा दो और आज मुझे अपने होने वाले बच्चे की माँ बना दो और बस आंटी का यह कहना था और मुझे अजीब एक अजीब सा अहसास आ रहा था जिसको में आप सभी को शब्दों में नहीं बता सकता और उसी वक़्त मेरे लंड से एक ज़ोरदार पिचकारी निकलना शुरू हो गई और में अपने झटके लगातार लगाता रहा और उसी वक़्त एक बार फिर से आंटी भी झड़ गई और में उनकी चूत को अपनी ऊँगली से सहलाने लगा और फिर में करीब पांच मिनट तक भाभी के ऊपर लेट गया और आहिस्ता आहिस्ता किस करता रहा।
फिर कुछ देर बाद आंटी ने मुझसे धन्यवाद कहा और उन्होंने कहा कि तुम्हारी वजह से मेरी आज की रात बहुत हसीन हो गई है और तुमने मुझे चोदकर बहुत मज़े दिए है, में आज से बस तुम्हारी हूँ।
दोस्तों आंटी का में अब और भी दीवाना हो गया था और उसके बूब्स को में ज़ोर ज़ोर से चूसता रहा।
फिर आंटी ने मुझे थोड़ा इंतजार करने को कहा और इतने में आंटी एक बड़ा ग्लास लेकर आई जो दूध और ड्राईफ्रूट के साथ पूरा भरा हुआ था।
बस उसको पीते ही मुझमें और भी जोश आ गया और उसके बाद मैंने आंटी को एक बार फिर से चोदना शुरू किया।
मेरी चुदाई से आंटी अब पूरी तरह संतुष्ट थी और वो मेरा पूरा पूरा साथ दे रही थी।
मैंने उस रात को करीब उनको तीन बार और चोदा।
धन्यबाद ……..