नौकरानी ने लंड बड़ा करने का नुस्खा दिया

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Small dick sex story – Chhota lund sex story: मेरा नाम रेमो है. मेरी उम्र 24 साल की है. मैं दिल्ली के एक अमीर घर का इकलौता वारिस हूं. मेरे घर पर मेरे पापा और मम्मी के अलावा और कोई नहीं रहता. मेरे पापा एक जाने माने बिजनेसमैन हैं और मम्मी घर पर ही रहती हैं. घर इतना बड़ा है कि उसके कामकाज के लिए हमें एक नौकरानी भी रखनी पड़ी थी.

नौकरानी का नाम मोहिनी है. वह बिहार के किसी छोटे से गांव की रहने वाली थी. उसकी उम्र कोई 25-26 साल रही होगी. तीन बच्चों की मां होने के बावजूद वह देखने में बेहद खूबसूरत थी. उसके गोरे चेहरे पर हमेशा एक नम्र मुस्कान रहती थी. लेकिन मेरा ध्यान उसकी ओर कभी नहीं जाता था. मैं कॉलेज से लौटकर सीधे अपने कमरे में चला जाता और अपना काम करने में व्यस्त हो जाता.

मोहिनी हर रोज सुबह ठीक छह बजे आ जाती थी. उस वक्त पूरे घर में सन्नाटा छाया रहता था क्योंकि सब लोग अभी सोए होते थे. वह चुपचाप सभी कमरों की सफाई शुरू कर देती थी.

एक दिन पापा और मम्मी दोनों घर पर नहीं थे. वे मेरे मामा के यहां गए हुए थे. उस रात मैं अपने कमरे में कंप्यूटर पर ब्लू फिल्म देख रहा था. मैंने आराम से अपने सारे कपड़े उतारकर पूरी तरह नंगा हो लिया था और पूरी रात फिल्में देखता रहा. फिल्म के हॉट सीन देखते हुए मैंने तीन बार मुठ मार ली. इतनी थकान हो गई थी कि मैं कब नंगे ही बिस्तर पर लेटकर गहरी नींद में सो गया, मुझे कुछ पता नहीं चला.

सुबह के ठीक छह बजे मोहिनी घर आई. उसके पास हमारे घर की अतिरिक्त चाबी भी थी. इसलिए मुझे उसकी आने की कोई आहट भी नहीं लगी. मैं तब भी पूरी तरह नंगा ही सोया हुआ था. मोहिनी मेरे कमरे में सफाई करने के लिए अचानक अंदर आ गई. उसने मुझे बिस्तर पर नंगा पड़ा देख लिया. फिर भी वह बिना कुछ कहे कमरे की सफाई करती रही. हर चीज को सावधानी से साफ करके वह वापस दूसरे कमरे में चली गई.

उसकी ड्यूटी सुबह छह बजे से शाम सात बजे तक की थी. आज मम्मी-पापा घर पर नहीं थे इसलिए उसे नाश्ता भी बनाना था. मैं सुबह नौ बजे उठा. जब मैंने खुद को पूरी तरह नंगा देखा तो मन में थोड़ा अजीब सा एहसास हुआ. मैंने सोचा कि शायद किसी ने मुझे देखा भी नहीं होगा. लेकिन अचानक मेरी नजर कमरे में घूमी तो हर चीज बिलकुल करीने से सजी हुई थी. बिस्तर ठीक किया हुआ था, कपड़े सही जगह पर रखे थे. तभी मेरे मन में शंका हुई कि क्या मोहिनी मेरे कमरे में आई थी. क्या उसने मुझे नंगा सोते हुए देख लिया होगा. इस विचार से मैं बहुत शर्मा गया.

मैं सोचने लगा कि वह मेरे बारे में क्या सोच रही होगी. मेरी सारी इज्जत मिट्टी में मिल गई लग रही थी. खैर मैंने जल्दी से कपड़े पहन लिए और कमरे से बाहर आ गया. मोहिनी किचन में व्यस्त दिख रही थी. थोड़ी देर बाद जब मैं तरोताजा होकर फ्रेश हो गया तो मैंने मोहिनी से नाश्ता मांगा. उसने गरमागरम पराठे और सब्जी की प्लेट मेरे सामने रख दी. मैं चुपचाप बैठकर खाता रहा.

मैंने धीरे से पूछ लिया, “मेरे कमरे की सफाई तुमने कर दी?”

मोहिनी ने कहा, “हां.”

मैंने कहा, “कब?”

मोहिनी ने कहा, “जब आप सोए हुए थे.”

मेरा चेहरा शर्म से लाल हो गया.

मैंने थोड़े गुस्से में कहा, “मुझे जगा कर ना मेरे कमरे में आना चाहिए था?”

मोहिनी ने लापरवाही से कहा, “क्यों? पहले तो कभी जगा कर कमरे में नहीं जाती थी. आप कितनी बार सोए रहते और मैं आपके कमरे की सफाई कर देती हूं. फिर आज मैं क्यों आपको जगा कर आपके कमरे में जाती?”

बात भी सही थी.

मैंने कहा, “अच्छा सुनो, मम्मी को नहीं बता देना आज सुबह के बारे में.”

मोहिनी ने पूछा, “क्या?”

मैंने कहा, “यही कि रेमो बाबा नंगा सोया हुआ था.”

मोहिनी ने मुस्कुराते हुए कहा, “सिर्फ नंगे सोए थे आप? आपके तौलिए में ढेर सारा माल है वो किसका था?”

मैंने कहा, “हां जो भी था. किसी को बताना नहीं.”

मोहिनी ने कहा, “चिंता नहीं करें. नहीं बताऊंगी. अरे आप जवान हैं. ये सब तो चलता रहता है.”

मैं अब कुछ निश्चिंत हो गया. उसने मुझे जवान होने के कारण कुछ छूट दे दी. मैं खा रहा था.

मोहिनी ने कहा, “एक बात कहूं रेमो बाबू? बुरा तो नहीं मानोगे?”

मैंने कहा, “बोलो क्या बात है?”

मोहिनी ने कहा, “आपका हथियार छोटा है. इसे बड़ा कीजिए. नहीं तो आपकी बीबी क्या कहेगी.”

मैंने कहा, “हथियार? ये हथियार क्या है?”

मोहिनी ने कहा, “हथियार मतलब आपका लंड.”

कहकर वह मुस्कुराने लगी. ये सुनकर मेरा दिमाग सन्न रह गया. तो इसने मेरे लंड का साइज भी देख लिया. हां ये बात सच थी कि मेरे लंड का साइज छोटा था और मैं इससे काफी चिंतित भी रहा करता था. लेकिन मेरे लंड पर टिप्पणी करने का अधिकार मोहिनी को किसने दे दिया. मैं अचानक उठा और अपने कमरे में आकर लेट गया. मुझे मोहिनी पर काफी गुस्सा आ रहा था.

थोड़ी देर के बाद मेरा गुस्सा कुछ कम हुआ.

मैं सोचने लगा कि सचमुच मेरे लंड का साइज छोटा है. जब मेरी शादी होगी तो मेरी पत्नी क्या सोचेगी. इस विचार से मैं काफी परेशान हो गया. अचानक मेरे दिल में एक खयाल आया कि हो सकता है मोहिनी को लंड को बड़ा करने का कोई देशी नुस्खा पता हो. मैंने तुरंत उठकर अपनी सभी खिड़कियों को अच्छी तरह बंद कर दिया ताकि कोई बाहर से देख न सके. फिर मैंने वहीं से मोहिनी को आवाज लगाई. मोहिनी मेरे कमरे में आई.

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मैंने मोहिनी से पूछा, “क्या कर रही है तू अभी?”

मोहिनी ने कहा, “कुछ नहीं बाबा. बस इधर उधर सफाई कर रही थी.”

मैंने कहा, “वो सब छोड़. देख न मेरा बदन बड़ा दुख रहा है. क्या तू मेरी मालिश कर देगी?”

वह मेरे बगल में बिस्तर पर बैठ गई. बोली, “हां, क्यों नहीं. आप लेट जाओ मैं आपकी मालिश कर देती हूं.”

मैंने कहा, “नहीं, सिर्फ कंधों को थोड़ा दबा दो.” कहकर मैंने अपनी शर्ट उतार दी.

वह मेरे कंधों की मालिश करने लगी. उसके नरम हाथ मेरी त्वचा पर दबाव डाल रहे थे और गर्माहट महसूस हो रही थी. फिर वह बोली, “ये गंजी भी खोल दो बाबा, अच्छे से तेल लगाकर मालिश कर देती हूं.” मैंने गंजी भी उतार दी और बिस्तर पर लेट गया. मैं सिर्फ हाफ पैंट में था. वह मेरी नंगी छाती और पीठ पर तेल लगाकर बेहतरीन तरीके से मालिश कर रही थी. उसके उंगलियों का दबाव मेरी मांसपेशियों को आराम दे रहा था. घर में कोई नहीं था और एक जवान औरत मेरे बदन को इस तरह छू रही थी. मामला काफी फिट लग रहा था. मुझे लगा कि अब सही मौका है आगे बढ़ने का.

मैं उसकी बड़ी-बड़ी चूचियों को घूरने लगा. वह मेरी नजर को अच्छी तरह पढ़ रही थी लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रही थी.

मैंने उससे कहा, “मोहिनी, तू दिन भर काम करती है. थकती नहीं है क्या?”

मोहिनी मेरी छाती पर हाथ फेरती हुई बोली, “साहब, थकती तो हूं, मगर काम तो निपटाना होता है न.”

मैंने उसका हाथ पकड़कर मालिश रोक दी और कहा, “आज कौन सा काम है तुझे. देखो न घर में कोई है भी नहीं बातचीत करने के लिए. मैं बहुत बोर हो रहा हूं. तू यहां बैठ मेरे पास. आज तुझसे ही बात करके मन बहलाऊंगा.”

मोहिनी ने कहा, “अच्छा बाबा. जैसा आप कहें.”

मैंने कहा, “ठीक से बैठ ना. नहीं तू लेट जा. आराम से. इसे अपना बिस्तर समझ.”

जब मैंने यह कहा तो वह धीरे से मेरे बिस्तर पर मेरे बगल में लेट गई. उसकी बड़ी-बड़ी चूचियां किसी गुंबद की तरह ऊपर की तरफ उभरी हुई ताक रही थीं. मेरी नजर कामुक हो गई. मैं उसके ढीले ब्लाउज में से झांकते हुए उसके गोरे-गोरे चूचियों पर नजर गड़ाने लगा. वह भी मेरी इस नजर को ताड़ गई थी. उसने जानबूझकर अपनी साड़ी का पल्लू नीचे सरका दिया और कहा, “आज बड़ी गर्मी है ना रेमो बाबा.”

अब उसकी चूचियों की गहरी घाटी बड़ी आसानी से दिख रही थी. चूची के ऊपरी हिस्से पर गुदा हुआ नाम साफ नजर आ रहा था. मुझे लग गया कि यह बहुत ही खुली हुई और मस्त औरत है. इससे गरम-गरम बातें की जा सकती हैं. वैसे भी घर पर कोई और नहीं था.

मैंने उसके साड़ी के पल्लू को उसके बदन से और दूर हटाते हुए कहा, “हां सही कह रही है तू, बड़ी गर्मी है.”

वह बिना किसी परेशानी के मेरे बदन से सट गई थी. उसकी नरम त्वचा और शरीर की गर्माहट मुझे महसूस हो रही थी.

फिर मैं उसके बदन से थोड़ा और सटते हुए अपना एक हाथ उसके पेट पर रख दिया और पूछा, “और बता, तेरे घर में कौन-कौन है?”

उसने बेफिक्री के साथ कहा, “मैं, मेरा मर्द और तीन बच्चे.”

मैं उसकी नाभि पर उंगली फेरते हुए बोला, “तीन बच्चे? तू लगती तो नहीं तीन बच्चों की मां.”

मोहिनी ने जवाब दिया, “साहब 23 साल में ही तीसरी बच्चे की मां बन गई थी. अभी तो वो दो साल का भी नहीं हुआ है.”

मैंने उसकी नाभि में उंगली डालते हुए पूछा, “पहला बच्चा कितने साल में पैदा कर दी थी तूने?”

मोहिनी ने बताया, “जब पहला पैदा हुआ था तो मेरी उम्र 19 साल की थी. दूसरे के वक्त मैं 21 साल की और तीसरे के वक्त 23 साल की थी.”

मैं उसके नाभि में उंगली डाल रहा था लेकिन उसने कोई प्रतिरोध नहीं किया. मेरी हिम्मत बढ़ गई. मैंने हाथ ऊपर ले जाकर उसके चूची की घाटी के ऊपरी हिस्से पर गुदे हुए अक्षर पर रख दिया और पूछा, “मोहिनी, ये क्या है?”

मोहिनी ने कहा, “ये? जब मैं आठ-नौ साल की थी तभी मेरी दादी ने मेरे सीने पर ये गुदवा दिया था. इसमें मेरा नाम लिखा हुआ है.”

इधर मेरा लंड टाइट होने लगा था.

मैं जानबूझकर उसके चूची पर हाथ रखे रहा और काफी धीरे-धीरे सहलाते हुए कहा, “मुझे आज तक पता नहीं था कि तू तीन बच्चे की मां है. मुझे लगा कि तेरी अभी-अभी शादी हुई होगी. तेरा बदन तो एकदम ढीला नहीं हुआ है.”

मोहिनी ने पूछा, “अच्छा? बदन ढीला होता है तो क्या होता है?”

मैंने उसके चूची को हल्का दबाते हुए कहा, “देख, तेरी चूची अभी भी किसी कुंवारी लड़की से कम टाइट थोड़े ही है.” मैंने दोनों चूचियों को बारी-बारी से दबाते हुए मुस्कुराते हुए कहा, “तू अभी भी किसी कुंवारी लड़की से कम नहीं.”

मोहिनी ने कहा, “वो तो मेरा मर्द भी कहता है.”

मैं उसके चूची को खुल्लमखुल्ला जोर-जोर से दबाने लगा. अब मुझे अंदर से काफी यकीन हो गया कि इससे कुछ और भी काम करवाया जा सकता है. मैंने अपनी एक टांग उसके ऊपर चढ़ाते हुए उससे सटकर कहा, “मोहिनी अगर मैं तुमसे एक सवाल पूछूंगा तो तुम बुरा तो नहीं मानोगी?”

मोहिनी ने कहा, “पहले पूछिए तो सही.”

मैंने कहा, “तू अपने मर्द से रोज सेक्स करती है क्या?”

मोहिनी ने पूछा, “सेक्स मतलब?”

मैंने कहा, “मेरा मतलब तू अपनी पति से रोज चुदवाती हो क्या?”

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मोहिनी ने जवाब दिया, “नहीं, रोज तो नहीं लेकिन लगभग हर तीसरे दिन वो मुझे चोद ही डालता है.”

मैंने कहा, “मोहिनी, तुमने जो कहा कि हथियार यानी लंड को बड़ा कीजिए. कितना बड़ा होना चाहिए ये?”

मोहिनी ने कहा, “उतना तो जरूर होना चाहिए कि बीबी को खुश रख सके.”

मैंने पूछा, “तेरे मर्द का कितना बड़ा लंड है?”

मोहिनी ने कहा, “कोई खास नहीं. लेकिन ठीक ठाक है.”

मैंने कहा, “मेरा लंड क्या सचमुच काफी छोटा है? क्या मैं सचमुच अपनी बीबी को खुश नहीं कर पाऊंगा?”

मेरे सवाल को सुनकर वो मुस्कुराने लगी. मैंने भी उसकी चूची को मसलते हुए फिर कहा, “ए, बोल ना, मेरा लंड क्या सचमुच काफी छोटा है? क्या मैं सचमुच अपनी बीबी को खुश नहीं कर पाऊंगा? क्या कोई उपाय है क्या लिंग को बड़ा करने का?”

मोहिनी ने हंसते हुए कहा, “अरे रेमो बाबू, इतने सारे सवाल एक साथ? मैं क्या कोई मास्टर हूं? मैं तो मजाक कर रही थी, लंड के छोटे बड़े होने से बीबी को थोड़े ही कोई फर्क पड़ता है? वैसे आपका लंड इतना भी छोटा नहीं है.”

मोहिनी के मुंह से लंड शब्द सुनकर मेरे मन में कुछ होने लगा.

मैंने कहा, “अच्छा, ये बता कि बीबी को तो बड़ा लंड चाहिए ना?”

मोहिनी ने कहा, “मर्द का लंड कितना भी छोटा क्यों ना हो वो बीबी को चोद ही डालता है. बीबी की चुदाई हर लंड से की जा सकती है.”

मोहिनी के इतना खुलकर बोलने पर मैं पूरी तरह से आजाद हो गया.

मैंने उस पर लगभग चढ़ गया और अपना खड़ा लंड उसके नरम पेट पर जोर से दबाते हुए पूछा, “अगर बीबी की गांड मारनी हो तो?”

मोहिनी ने हल्के से मुस्कुराते हुए कहा, “वो भी होती है. चूत और गांड सभी आराम से मार सकते हो.”

मैंने उसके चूची को जोर से दबाते हुए कहा, “मोहिनी, बड़े लंड से चुदवाने पर औरत को ज्यादा मजा आता है या दर्द होता है?”

मोहिनी ने जवाब दिया, “ये तो चुदने वाली औरत पर निर्भर करता है कि वो नयी है या पुरानी. अगर नयी हुई तो छोटा लंड भी उसे दर्द देगा. लेकिन अगर पुरानी हुई तो बड़ा लंड भी उसे मजा देगा.”

मैंने मोहिनी से कहा, “मोहिनी, अगर तुम बुरा नहीं मानो तो क्या तुम मेरे लंड को देखकर बता सकती हो कि मेरा लंड कितने पानी में है?”

मोहिनी ने मुस्कुराते हुए कहा, “ठीक है. आप पैंट उतारो. मैं देखती हूं आपके लंड को.”

मैंने पैंट उतार दी. अब मैं सिर्फ अंडरवियर में था. मेरा लिंग पूरी तरह खड़ा हो चुका था और कपड़े के अंदर तनाव महसूस हो रहा था.

मैंने कहा, “बताओ.”

मोहिनी ने कहा, “अरे बाबा, पूरा दिखाओ ना. ये अंडरवियर उतारो ना.”

मेरा दिल जोर से धड़क रहा था. मैंने आज तक किसी मर्द के सामने अपने लंड को नहीं दिखाया था, ये तो औरत है. लेकिन फिर भी मन में एक अजीब सा आनंद और उत्तेजना थी कि कोई औरत खुद ही मेरे लंड को देखना चाहती है. इसलिए मैंने थोड़ा हिचकते हुए अपने अंडरवियर को कमर से नीचे सरकाया. मेरा लंड एक झटके के साथ बाहर आ गया।

मोहिनी जमीन पर घुटनों के बल बैठ गई और अपना मुंह मेरे लंड के सीधे में ले आई. वह मेरे लंड को बड़े ध्यान से गौर से देख रही थी. उसने मेरे अंडरवियर को पकड़कर पूरी तरह जमीन तक खींच लिया. मैंने पैर उठाकर अंडरवियर को पूरी तरह उतार दिया. अब मैं कमर के नीचे बिलकुल नंगा था. अचानक मोहिनी ने अपना नरम हाथ आगे बढ़ाया और मेरे लंड को पकड़ लिया। फिर वह धीरे-धीरे उसे सहलाने लगी. मेरा लंड और भी तनकर पूरी तरह खड़ा हो गया। उसकी उंगलियों की गर्माहट और हल्का दबाव मुझे बेहद अच्छा लग रहा था।

मैंने कहा, “ये क्यों कर रही हो?”

मोहिनी ने कहा, “देख रही हूं कि कितना बड़ा होता है.”

मुझे काफी आनंद आ रहा था. मेरे सामने रात वाली ब्लू फिल्म का सीन दौड़ने लगा।

मैंने कहा, “बोल ना? कैसा है मेरा लंड?”

मोहिनी ने कहा, “बढ़िया है बाबा. एकदम परफेक्ट.”

मैंने कहा, “अब बता, तेरे मर्द से बड़ा है कि छोटा?”

मोहिनी ने कहा, “बिलकुल बराबर है.”

मैंने कहा, “मोहिनी, आज तक मैंने किसी औरत का चूत नहीं देखा है. तू अपनी चूत मुझे दिखा ना. मैं सिर्फ देखूंगा. कुछ करूंगा नहीं.”

मोहिनी ने कहा, “ठीक है. इसमें कौन सी बड़ी बात है.”

कहकर वह खड़ी हुई और एक झटके में अपनी साड़ी खोल दी. उसने पेटीकोट नहीं पहनी थी. उसने सिर्फ पैंटी पहन रखी थी. उसने खुद ही अपनी पैंटी को थोड़ी नीचे सरका दी. मैं उसके चूत को एकटक निहार रहा था. उसका चूत बिलकुल चिकना, चौड़ा और फुला हुआ था।

मैंने कहा, “ये पैंटी पूरा खोल ना.”

उसने अपनी पैंटी पूरी तरह से खोल दी. अब वह सिर्फ ब्लाउज में थी. इधर मेरा लंड तनतना रहा था।

मैंने झट से कहा, “मोहिनी मैं तेरे चूत को छूना चाहता हूं.”

वो बोली, “छू लो ना. इसमें कौन सी बड़ी बात है?”

मैं उसके चूत को सहलाने लगा. बिलकुल कोमल पत्ते की तरह नरम और गर्म बुर था. उसकी चूत की गर्माहट मेरी उंगलियों पर महसूस हो रही थी. उसने भी मेरा लंड पकड़ लिया और धीरे-धीरे सहलाने लगी. अब मैं कुछ भी करने के लिए पूरी तरह आजाद था. मैंने एक हाथ उसके चूची पर रखा और उसे सहलाने लगा. अगले मिनट में ही मैंने उसके ब्लाउज के हुक खोलकर चूची को भी नंगा कर दिया. अब वह मेरे सामने बिलकुल नंगी खड़ी थी और मेरा लंड सहला रही थी।

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मैंने कहा, “मोहिनी, तेरी चूत एकदम इतनी चिकनी कैसी है? क्या रोज शेविंग करती हो?”

मोहिनी ने कहा, “मेरा मर्द है ना. वो हर सप्ताह मेरी चूत अपनी रेजर से साफ कर देता है.”

ये सुनते ही मेरा लिंग इतना बड़ा और मोटा हो गया था कि मैंने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि मेरा लंड इतना बड़ा हो सकता है।

मैंने कहा, “हाय, इतनी चिकनी चूत देख मुझे इसे चूसने का मन कर रहा है.”

मोहिनी ने कहा, “तो चूसो ना साहब इसे.”

मैंने मोहिनी को अपने बिस्तर पर लिटा दिया और उसके चूत पर अपनी जीभ घुसाकर उसे चाटने लगा. मोहिनी तीन बच्चों की मां होकर भी किसी कुंवारी लड़की से कम नहीं थी. उसका बुर और चूची में काफी कड़ापन था. मैंने अपनी जीभ से उसके चूत की फांकों को चाटा, क्लिटोरिस को हल्का-हल्का चूसा और अंदर की नरम दीवारों को छुआ. थोड़ी देर में उसके चूत ने मस्त गर्म पानी निकाला. मैंने उसका मीठा-नमकीन रस चाट लिया. फिर धीरे-धीरे मैं ऊपर की तरफ बढ़ा और उसकी चूची को मुंह में लेकर चूसने लगा।

मेरा लंड तनतना रहा था. मोहिनी ने मेरे लंड को पकड़ कर सहला रही थी.

वो बोली, “रेमो बाबा, एक काम करो. तुम अपना लंड मेरे चूत में डालो. तब पता चलेगा कि तुम्हारा लंड का साइज सही है कि नहीं.”

मैंने कहा, “तू मुझसे चुदवाएगी?”

वो बोली, “हां, क्यों नहीं. जरा देखूं तो सही. बाबा का हथियार सही है या नहीं?”

मैं मन ही मन काफी खुश हो गया. मेरे पूरे शरीर में उत्तेजना की लहर दौड़ गई. मैंने अपने लंड को एक हाथ से मजबूती से पकड़ा. उसका सिर मोहिनी की गीली और चिकनी चूत की फांकों पर रखा. फिर धीरे-धीरे आगे दबाव डाला. जैसे ही मेरा लंड का मोटा सिर उसके बुर में घुसा, मुझे गर्म, नरम और बहुत ही टाइट एहसास हुआ. उसकी चूत की दीवारें मेरे लंड को चारों तरफ से कसकर दबा रही थीं. मैंने और आगे धकेला और काफी अंदर तक अपना लंड घुसा दिया.

मुझे बेहद मजा आ रहा था. गर्माहट, नमी और उसकी चूत की मांसपेशियों का दबाव हर इंच पर महसूस हो रहा था. लेकिन मोहिनी कराहने लगी. उसका चेहरा थोड़ा सिकुड़ गया और आंखें बंद हो गईं.

वो बोली, “बस बाबा, अब और अंदर नहीं जाएगा. बहुत बड़ा है तेरा लंड. अब यहीं से चोदो.”

मैंने उसके चूत को चोदना शुरू कर दिया. धीमी गति से बाहर निकालकर फिर जोर से अंदर ठेलने लगा. हर थ्रस्ट के साथ मेरा लंड उसके बुर में और भी बड़ा और मोटा महसूस हो रहा था. मोहिनी के मुंह से लगातार “आह आह” की आवाज निकलने लगी. उसकी सांसें तेज हो गई थीं और छाती ऊपर-नीचे हो रही थी.

वो बोली, “धीरे धीरे कीजिए ना. दर्द होता है.”

मुझे महसूस हुआ कि जिस लंड को मैं हमेशा छोटा मानता आया हूं वो किसी महिला के बुर में दर्द पैदा करने के लिए काफी है. पांच मिनट तक लगातार चुदाई करने के बाद उसके चूत ने दोबारा गर्म और चिपचिपा पानी छोड़ दिया. उसका रस मेरे लंड और जांघों पर बहने लगा. दस मिनट तक जोरदार चुदाई के बाद मेरा माल निकलने वाला था. मोहिनी को भी मेरे शरीर के अकड़ने से अनुभव हो गया कि मेरा वीर्य निकलने वाला है.

वो बोली, “माल अंदर में मत गिरा देना साहब.”

ज्यों ही मेरा शरीर अकड़ने लगा त्यों ही उसने अपने कमर को नीचे करके मेरे लंड से अपने बुर को निकाल लिया और झट से नीचे आकर मेरे लंड को अपने मुंह में ले लिया. उसने अपने गर्म और नरम होंठों से मेरे लंड को पूरी तरह घेर लिया. उसकी जीभ नीचे से ऊपर की तरफ घुमने लगी. तीन-चार सेकंड में ही मेरा लंड महाराज से वीर्य निकलना शुरू हो गया. गाढ़ा और गर्म वीर्य उसके मुंह में फूट-फूटकर गिरा. कुछ वीर्य उसने गले के नीचे उतार लिया और कुछ उसके मुंह के कोनों से बाहर निकलकर उसके ठोड़ी पर बहने लगा.

थोड़ी देर के बाद उसने कहा, “देखा ना रेमो बाबू, लंड छोटा या बड़ा नहीं होता. सभी लंड चुदाई के लिए अव्वल होते हैं.”

थोड़ी देर के बाद मैंने अपने लंड की साइज की सत्यता जांचने के बहाने मोहिनी की गांड की भी चुदाई की. उसमें भी मैं सफल हो गया.

मोहिनी ने आज मुझे विश्वास दिला दिया कि मर्द कभी भी नामर्द नहीं हो सकता. मैंने उसे एक हजार का नोट निकालकर दिया. उसके बाद जब भी मौका मिलता मैं मोहिनी को अवश्य ही चोदता हूं. इसके लिए मैं मोहिनी को अलग से सभी से छुपाकर पैसे भी देता हूं.

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