शराब के नशे में भैया के लंड पर बैठ गई

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Bhaiya se chudai sex story: कल रात की कहानी है। मैं आपको एक असली घटना सुनाने जा रही हूँ। मैंने पहले कभी सेक्स कहानी नहीं लिखी पर आज मजबूर हो गई हूँ। ऐसा कुछ मेरे साथ हो गया कि मैं खुद को रोक नहीं पाई और जम कर चुद गई अपने पति के दोस्त से जिन्हें मैं भैया बोलती हूँ।

मेरा नाम मिली है। मैं खूबसूरत पढ़ी लिखी सरकारी नौकरी करती हूँ। अच्छे पद पर हूँ। मेरी शादी को मात्र दो साल हुए हैं। अभी तक कोई बच्चा नहीं हुआ है। मैं अपने पति के साथ दिल्ली में रहती हूँ। मेरे पति भी सरकारी जॉब में हैं और बड़े पद पर हैं।

मेरी सोसाइटी में ही राजीव भैया रहते हैं। उनके साथ मेरे परिवार की अच्छी दोस्ती है। उनकी पत्नी पुणे में रहती है क्योंकि उनका ट्रांसफर हो गया है। भैया अकेले दिल्ली में रहते हैं। उनका भी आठ साल से कोई बच्चा नहीं हुआ है।

कल रात वे हमारे यहाँ पीने के लिए आए थे। मैं भी पीती हूँ और मेरे पति भी पीते हैं। रात करीब ग्यारह बजे हम तीनों मस्ती में थे और पार्टी चल रही थी। तभी मेरे ससुराल से फोन आया कि मेरी सास की तबीयत खराब है। मेरे पति तुरंत ड्राइवर को बुलाकर आधे घंटे में मेरठ के लिए निकल पड़े।

राजीव भैया तब तक मेरे यहाँ ही थे। पति के जाने के बाद वे जाने लगे पर मैंने उन्हें मना कर दिया। मैंने खुद एक पेग बनाया उन्हें दिया और खुद भी लिया। इस बार मैंने टाइट बनाई यानी ज्यादा मात्रा में।

हम पी ही रहे थे तभी मेरे पति का फोन आया। मैंने बिना सोचे झूठ बोल दिया कि भैया चले गए और मैं सोने जा रही हूँ। फोन रखते ही राजीव भैया ने पूछा आखिर आपने झूठ क्यों बोला। मैंने कहा आज मैं अपना दिल हल्का करना चाह रही हूँ। मेरे पति भी मेरे साथ कई बार झूठ बोलते हैं जब वे अपनी मीरा नाम की ऑफिस वाली औरत के साथ रहते हैं।

राजीव भैया ने पूछा क्या मतलब। मैंने उन्हें बता दिया। फिर मैंने अपना गिलास खत्म किया और फिर से बनाने लगी। उन्होंने मना किया कि ज्यादा हो जाएगा। फिर मैं रुक गई।

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पता नहीं आज उन्हें देखकर मुझे ऐसा क्यों लग रहा था कि उनके साथ सेक्स संबंध बनाना चाहिए। मन में एक तरफ इच्छा थी तो दूसरी तरफ डर भी था। तभी उन्होंने मेरा हाथ पकड़ लिया और मेरे करीब आने लगे। मैं खुद को रोक नहीं पाई और आगे बढ़ गई।

उन्होंने मुझे अपनी बाहों में ले लिया। वे मेरी चूचियों को दबाते हुए मेरे होंठों पर किस करने लगे। हौले हौले वे मेरे होंठों को चूस रहे थे। मैं मदहोश होने लगी। मैंने खुद उनके बाल पकड़कर उन्हें अपनी तरफ खींच लिया और उनके होंठ चूमने लगी। वे मेरे बदन को सहलाते मेरी चूचियों को दबा रहे थे।

उनके मजबूत हाथ मेरी भारी चूचियों को जोर जोर से मसल रहे थे। उन्होंने मेरी ब्रा के ऊपर से ही मेरी निप्पल्स को चुटकी में पकड़कर खींचा और बोले, “साली रंडी, कितनी टाइट चूचियाँ हैं तेरी। पति को देती नहीं है क्या ये माल?” उनके गर्म होंठ मेरे होंठों को चूसते हुए उनकी जीभ मेरे मुँह में घुस गई। वे जोर से चूम रहे थे और बीच बीच में गाली दे रहे थे, “चूतिया पति का मुंह छोड़, आज भैया तुझे असली मर्द का स्वाद चखाएगा।”

तभी हम दोनों उठे और बेडरूम में चले गए। मैं बेड पर लेट गई। उन्होंने मेरी पाजामे को उतार दिया फिर पैंटी खोल दी। मेरे दोनों पैर अलग करके मेरी चूत को निहारते हुए अपनी जीभ चूत के छेद पर रखी और चाटने लगे। मैं अंगड़ाइयाँ लेने लगी। मेरे मुँह से सेक्सी आवाजें निकलने लगीं।

राजीव भैया ने मेरी चूत को फैलाकर गहरी नजर डाली और बोले, “वाह रंडी, कितनी गीली और टाइट चूत है तेरी। पति का लंड छोटा है ना इसलिए भूखी घूम रही है?” उनकी गर्म जीभ मेरी चूत की फोल्ड्स को चाट रही थी। फिर उन्होंने मेरी क्लिटोरिस को मुँह में लेकर जोर जोर से चूसना शुरू कर दिया। मैं कराह उठी, “आह भैया… उफ्फ… चाटो और जोर से…” वे मेरी चूत में जीभ अंदर बाहर करने लगे और बीच में गाली देते, “ले साली चिनाल, चूस ले मेरी जीभ। आज तेरी चूत का सारा पानी पी जाऊंगा।” मेरी टांगें काँप रही थीं। गर्म रस उनकी जीभ पर बह रहा था और वे उसे चाट चाट कर पी रहे थे।

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मेरा पति कभी ये नहीं करता था। मुझे चूत चटवाने की बहुत इच्छा रहती थी। आज राजीव भैया ने मेरी ख्वाहिश पूरी कर दी। जैसे जैसे वे चूत चाट रहे थे मैं गरम पानी छोड़ रही थी।

वो ऊपर आ गए। उन्होंने मेरी टॉप और ब्रा उतार दी। मैं नंगी हो गई। सर्दी के बावजूद मुझे सर्दी नहीं लग रही थी क्योंकि शराब और सेक्स का नशा छा गया था। मेरी आँखें लाल हो गई थीं। मैं बार बार सिहर रही थी।

मैंने उनके लंड को पकड़कर मुँह में ले लिया और अंदर तक चूसने लगी। उनके लंड से हल्का नमकीन स्वाद आ रहा था। मुझे वीर्य चाटना बहुत अच्छा लगता है।

राजीव भैया ने मेरे बाल पकड़कर मेरा सिर नीचे दबाया और बोले, “चूस रंडी, गला तक ले ले मेरा मोटा लंड। पति से बड़ा है ना? ले पूरा मुंह भर ले।” मैं गैग होती हुई भी पूरा लंड चूस रही थी।

अब मुझे रहा नहीं गया। मैं चुदने को तैयार थी। उन्होंने मेरी दोनों टांगें अलग कीं। अपना लंड मेरी चूत के छेद पर रखा और घुसा दिया। उनका लंड मेरे पति से ज्यादा मोटा और लंबा था। अब मैं मस्त हो गई।

वे जोर जोर से मुझे चोदने लगे। उनका मोटा लंड मेरी चूत में आ जा रहा था। मैं मस्त होकर चुद रही थी।

राजीव भैया ने मेरी टांगों को अपने कंधों पर रखकर तेज धक्के मारने शुरू कर दिए। हर धक्के पर वे गहरी आवाज में बोल रहे थे, “ले साली… ले मेरी रंडी… फाड़ दूंगा आज तेरी टाइट चूत। पति का छोटा लंड याद आएगा तो बताना।” उनका लंड मेरी चूत के अंदर तक जड़ तक जा रहा था। हर थपाके के साथ ‘पच पच’ की आवाज गूंज रही थी। मेरी चूत का रस उनके लंड पर चिपक रहा था।

अब वे नीचे लेट गए और मैं ऊपर आ गई। मैंने उनका लंड पकड़कर अपनी चूत के छेद पर सेट किया और बैठ गई। पूरा लंड अंदर चला गया। अब मैं जोर जोर से धक्के देने लगी।

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उनकी गोरी गांड मस्त लग रही थी। मैं और ज्यादा सेक्सी हो गई। मैं खुद अपनी बड़ी टाइट चूचियों को मसल रही थी। अपने दाँतों से अपने होंठ काट रही थी।

मैं ऊपर नीचे उछल रही थी और चिल्ला रही थी, “भैया… और जोर से… फाड़ दो मेरी चूत… आह्ह्ह… मोटा लंड है आपका… मारो और तेज…” राजीव भैया नीचे से जोर जोर से धक्के दे रहे थे और बोले, “हाँ ले चिनाल… अपनी चूत से मेरे लंड को चूस… आज रात भर तुझे रंडी बनाकर चोदूंगा।”

मेरे लंबे बाल खुले थे जो बिस्तर पर लोट रहे थे। राजीव भैया नीचे से धक्के दे रहे थे और मैं ऊपर से। ओह क्या बताऊँ मैं पहली बार इतनी गरम हुई थी। गजब लग रहा था नशे में पराये मर्द के साथ चुदाई का मजा।

मैं उछल उछल कर चुद रही थी और अपनी वासना शांत कर रही थी। करीब एक घंटे तक चुदाई के बाद हम दोनों शांत हो गए। फिर एक दूसरे से लिपट कर सो गए।

सच पूछिए तो मैं चुदना नहीं चाहती थी पर कल रात खुद को रोक नहीं पाई और चुद गई।

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