Scooty wali chudasi girlfriend sex story – chut chat kar chudai sex story – pussy licking sex story: मेरी सेक्स कहानी के पिछले भाग में अब तक आपने पढ़ा था कि मैंने निशा की ड्रेस के पीछे की चैन खोल दी और उसका ड्रेस उसके जिस्म से अलग कर दिया। आह क्या माल लग रही थी। पिंक पैंटी और ब्रा में कसे हुए उसके जिस्म को मैं ललचाई निगाहों से देखने के लिए थोड़ा अलग हुआ। मैं उसे देखने लगा। मेरी जान कयामत लग रही थी। एकदम टाइट चूचे, पतली सी मुलायम कमर, उसका जिस्म हल्का गुलाबी था। इतनी खूबसूरत थी कि सोच कर मैं मन ही मन खुश हो रहा था। उसने अपना चेहरा शर्म के मारे हाथों से ढंक लिया था।
कहानी का पिछला भाग: स्कूटी वाली हॉट गर्लफ्रेंड की चुदाई -1
अब आगे की बात। मैंने उसके पैरों पर किस करना शुरू किया। उसके पैर इतने कोमल और नरम थे कि जैसे रेशम की तरह महसूस हो रहे थे। मैंने पहले उसके टखनों पर होंठ रखे, फिर धीरे-धीरे ऊपर की ओर बढ़ता गया। जांघों के अंदरूनी हिस्से पर हल्के-हल्के किस करते हुए, कभी जीभ फिराते हुए, कभी दांतों से हल्का सा काटते हुए। निशा की सिसकारियां कमरे में गूंजने लगीं, “आह राहुल… उफ्फ… वहां… धीरे से…” उसकी आवाज कांप रही थी, बॉडी हल्की-हल्की कांप रही थी। मैं उसकी पैंटी तक पहुंच गया। वो पिंक पारदर्शी पैंटी थी, पतली लेस वाली, बीच में एक छोटा गुलाब का फूल बना हुआ था जो सिर्फ उसकी चूत को ढक रहा था। पैंटी पर गीलेपन की चमक साफ दिख रही थी, रस से तर हो चुकी थी। उसकी सेक्सी और कामुक सिसकारियां रूम के रोमांटिक माहौल को और भी गरम और उत्तेजक बना रही थीं।
मैंने उसकी पैंटी के ऊपर से ही चूत पर किस किया। कपड़े के ऊपर से दबाव डालते हुए जीभ फिराई। निशा कमर हिला रही थी, “ओह्ह राहुल… और चाटो… आह्ह…” मैंने पैंटी पर से ही चूत को चाटना जारी रखा, जीभ से कपड़े को गीला करते हुए, उसका स्वाद बहुत मस्त लग रहा था, मीठा-नमकीन मिक्स। फिर मैंने हल्के से पैंटी पर दांत गड़ाए, वो जोर से चीखी, “आह्ह… मेरी जान निकालना चाहते हो जान!” उसकी आवाज में दर्द और मजा दोनों घुले थे।
मैंने कहा, “नहीं निशु… तुम्हारे लिए जान देना चाहता हूं।” ये सुनते ही उसने मुझे ऊपर खींच लिया और गहरा किस करने लगी। उसकी जीभ मेरे होंठों पर रगड़ रही थी, जैसे भूखी हो। मैंने मुंह खोलकर उसकी जीभ अंदर ली और चूसने लगा, जीभ से जीभ मिलाकर। एक हाथ से मैं उसके रसीले मम्मों को दबाने लगा, निप्पल को उंगलियों से मसलते हुए, हल्का खींचते हुए। फिर मैंने ब्रा को एक झटके में अलग किया और एक चूचे को मुंह में लेकर चूसने लगा। जीभ से निप्पल को गोल-गोल घुमाते हुए, हल्का काटते हुए, चूसते हुए। निशा का जिस्म गर्म भट्टी की तरह तप रहा था। सेक्स के वक्त लड़की की वो सिसकारियां सुनकर मर्द का जोश दोगुना हो जाता है। “आह्ह राहुल… उफ्फ… चूसो जोर से… ओह्ह इह्ह… और काटो…”
मैं उसके ऊपरी जिस्म को किस करने लगा, गर्दन पर, कंधों पर, बगल में, पेट पर। निशा की मस्त आवाजों से पूरा रूम गूंज रहा था। मेरा हाथ अब उसकी चूत से खेल रहा था, पैंटी के ऊपर से रगड़ते हुए, क्लिट को दबाते हुए। निशा बोली, “हह्ह अम्म्म आह्ह… मुझे अपना बना लो जान…” उसकी आवाज में बेसब्री और वासना थी। मैंने उसकी पैंटी में हाथ डालकर चूत में एक उंगली डालने लगा। वो एकदम चहक उठी, “आह्ह राहुल… अंदर… और अंदर…” उसने अपने नाखून मेरी पीठ पर गाड़ दिए, खरोंच मार दी। मुझे दर्द हुआ लेकिन सेक्स में दर्द भी मजा बन जाता है। मैंने उसकी पैंटी को धीरे से नीचे सरकाकर उतार दिया। क्या मस्त चूत थी, एकदम ताजी ब्रेड की तरह फूली हुई, गोरी-गुलाबी, गीली और चमकदार, जैसे शहद टपक रहा हो।
मैंने देखते ही उस पर किस किया। क्या मादक खुशबू थी, टेस्ट भी नमकीन-मीठा, बेहद लत लगाने वाला। पहली बार चूत देखने और छूने का मजा अलग ही होता है, दिल धड़कता है, दिमाग मदहोश हो जाता है। निशा की चूत में मैं उंगली कर रहा था, अंदर बाहर, कर्व करते हुए, और उसके पेट पर किस जारी थे। उसकी नाभि के ठीक नीचे एक छोटा तिल था, जो मुझे बहुत सेक्सी लग रहा था। चूत के बाल शायद उसने आज ही साफ किए थे, एकदम मखमल जैसी स्मूद स्किन। मैंने सोचा, अब तक जितने इंडियन पोर्न वीडियोज देखे, उसमें चूत अक्सर काली दिखती थी, लेकिन निशा की तो किसी पोर्न स्टार जैसी गोरी, पिंक और मखमली थी। ये देखकर मैं और उत्तेजित हो गया।
तभी निशा मेरी शर्ट निकालने लगी। मैं समझ गया कि अब निशा को मेरा लंड देखना है। उसने मेरी शर्ट अलग की और पैंट भी उतारकर फेंक दी। अंडरवियर के ऊपर से वो मेरे लंड को सहलाने लगी, हाथ से ऊपर-नीचे करते हुए। उसकी आंखों में लालसा साफ दिख रही थी, जैसे भूख लगी हो। उसने एक झटके में अंडरवियर खींच लिया और अब हम दोनों पूरी तरह नंगे थे। अपने नरम, गर्म हाथों से जैसे ही उसने मेरे 6.5 इंच के लंड को छुआ, मुझे लगा जैसे जन्नत की सैर हो रही हो। निशा बच्चे की तरह उत्सुकता से लंड को आगे-पीछे करके देख रही थी, टिप को छू रही थी, वेन को फील कर रही थी।
आह क्या मस्त अहसास था। निशा ने मेरे लंड को किस किया, टिप पर जीभ फिराई और मुंह में ले लिया। वो मेरी तरफ आंखें करके चूसने लगी, पहले धीरे-धीरे टिप चूसती हुई, फिर गहरा लेने लगी। “ग्ग्ग्ग… गी… गी…” गले से आवाजें आने लगीं। मैं उसके बाल पकड़कर हल्का दबा रहा था, “आह्ह निशु… अच्छा लग रहा है…” दो मिनट में ही मैं झड़ गया, क्योंकि पहली बार था, कंट्रोल नहीं हुआ। मैंने बताया भी नहीं, निशा के मुंह में ही सारा गर्म रस निकल गया। लेकिन निशा ने रुककर नहीं, सारा माल पी लिया और लंड को लॉलीपॉप की तरह चूसती रही, आखिरी बूंद तक निचोड़कर। मैं सन्न रह गया, इतनी हिम्मत और भूख किसी लड़की में पहली बार देखी।
निशा के चूसने से मेरा लंड 5 मिनट में फिर खड़ा हो गया, सख्त और गर्म। वो वासना भरी निगाहों से देख रही थी, जैसे कह रही हो अब मेरी बारी। मैंने उसे ऊपर से हटाया और बेड पर पटक दिया। उसके होंठों पर मेरा वीर्य लगा था, उसने जीभ से चाट लिया, स्वाद लेते हुए। मैंने उसके होंठों की तरफ होंठ बढ़ाए तो उसने मेरा सर पकड़कर सीधे चूत की ओर धकेल दिया। मैंने उसकी टांगें फैलाईं और चूत को पूरा खोल दिया। अंदर सुर्ख लाल, रस रिस रहा था, क्लिट सख्त हो चुकी थी। मादक खुशबू से मैं मदहोश हो गया। मैंने चूत चाटनी शुरू की, जीभ अंदर डालकर, क्लिट चूसते हुए, गोल-गोल घुमाते हुए। वो जोर-जोर से बोली, “आह्ह… जान… और जोर से चूसो… उहम्मम… और जोर… क्लिट चूसो…” मैं 5-6 मिनट तक चाटता रहा, साथ में उंगली अंदर-बाहर, दो उंगलियां डालकर। वो झड़ गई, “आह्ह ऊईई… राहुल… झड़ रही हूं…” मैं मुंह हटाना चाहता था लेकिन उसने टांगों से सर पकड़ लिया और चूत पर दबा दिया। मैंने सारा रस पी लिया, गर्म और टेस्टी।
अब निशा ने मुझे ऊपर खींचा और गहरा किस किया, अपना रस मेरे मुंह में ट्रांसफर करते हुए। एक मिनट किस के बाद मेरा लंड फिर टाइट हो गया। मैं उसकी टांगों के बीच आ गया। चूत चूसने से चिकनी और गीली हो गई थी। मैंने इशारा किया, निशा ने लंड मुंह में लेकर और गीला कर दिया, लार से चमकदार। मैंने लंड चूत पर रगड़ा, टिप से क्लिट को छूते हुए। निशा बोली, “जान अब अंदर डाल दो प्लीज… मत रुको… सहन नहीं होता।” मैंने टांगें चौड़ी कीं, लंड सेट किया और धक्का दिया। सुपारा अंदर गया, टाइट थी। निशा जोर से चीखी, “आह्ह…” मैं डर गया, उसके मुंह में पास की पैंटी डालकर बंद कर दिया। वो आंखें फाड़कर देख रही थी, छटपटा रही थी। मैंने टांगें कंधों पर रखीं, हाथ पकड़े और फिर धक्का दिया। आधा लंड अंदर। अगला धक्का, पूरा लंड चूत में समा गया। निशा छटपटा रही थी लेकिन मुंह बंद। मैं लगातार अंदर-बाहर करने लगा, धीरे-धीरे स्पीड बढ़ाते हुए।
कुछ देर बाद वो शांत हुई, मजा आने लगा। “अम्म… हम्म्म… ओह्ह…” वो मस्त आवाजें निकाल रही थी। मैंने हाथ छोड़े। उसने पैंटी निकाली और मुझे किस किया। किस करते हुए उसने पैंटी मेरे मुंह में डाल दी और हाथ रख दिया। बोली, “जान इससे मत निकालना।” मैंने मान लिया और जोर से चोदने लगा। निशा ने नाखून पीठ पर गाड़ दिए, खरोंच मार दीं, लेकिन मजा आ रहा था। हम 15 मिनट तक धकापेल चुदाई करते रहे, पच-पच की आवाजें कमरे में गूंज रही थीं। निशा बोली, “आह… और जोर से… रुकना मत… मेरे से पहले मत झड़ना।” मैं जोर-जोर से ठोक रहा था, मम्मे दबाते हुए, निप्पल काटते हुए। वो झड़ गई, “आह जान… चोदो मुझे… मेरी चूत फाड़ दो… आह्ह ऊईई…” नाखून गाड़कर झड़ी, बॉडी कांप रही थी। मैं एक मिनट बाद उसके अंदर ही झड़ गया, पूछा भी नहीं। चूत वीर्य से भर गई, गर्म और चिपचिपा। मैं निढाल होकर उसके ऊपर गिर गया।
कुछ देर चिपककर पड़े रहे, सांसें तेज, पसीना बह रहा था। निशा ने पैंटी निकाली और किस किया, “आई लव यू जान… इतनी बात मानते हो मेरी।” मैं बोला, “लव यू टू निशु। तुम्हारी हर बात मानता हूं। निशु एक बात पूछूं?” वो बोली, “हां बेबी।” मैंने कहा, “इतना एक्सपीरियंस कैसे… तुम्हारा तो फर्स्ट टाइम था।” वो हंसकर बोली, “डंबो… मैं वीडियोज देखती हूं न। कब से इंतजार था कि कब हम एक होंगे।” मैं बोला, “ओह… वीडियोज देखकर सीखा। तुमने बहुत मजा दिया जान।”
अब हम बिना कपड़ों के बातें करने लगे, एक दूसरे को सहलाते हुए। बात करते-करते आंख लग गई। दो घंटे बाद उठा तो निशा सो रही थी। मैं उसे उठाया। उसके पैरों के बीच खून लगा था, पहली बार का। मैंने उसे गोद में उठाकर बाथरूम ले गया। साथ शावर लिया, गर्म पानी के नीचे किस करते हुए नहाए, सेक्स नहीं किया, बस एक दूसरे को सहलाते रहे। नहाते हुए वो बोली, “बेबी एक बात मानोगे?” मैं बोला, “हां निशु।” वो बोली, “मुझे सेक्स लाइफ में बहुत एक्सपेरिमेंट करने हैं। हर तरह मजा लेना है। रियल लाइफ में तुम जैसे कहोगे वैसे करूंगी, लेकिन सेक्स लाइफ मेरे हिसाब से… प्लीज जान।” मैं बोला, “जैसा तुम्हें अच्छा लगेगा।” वो बोली, “मुझे कभी मना नहीं करोगे, वादा करो।” मैं बोला, “वादा करता हूं।”
हम नहाकर बाहर आए, टॉवल से सुखाया। उसकी पैंटी गीली थी लेकिन वो वैसे ही पहन ली। कपड़े पहने, मेकअप किया। वो बोली, “बेबी वादा याद रखना… और 8 बजे मेरे घर आ जाना, नोट्स के बहाने।” मैं शाम को 8 बजे उसके घर गया। मेड ने दरवाजा खोला। आंटी से बात की, वो टीवी देख रही थीं। निशा रूम में थी, पजामा और टी-शर्ट में। मैंने किस किया, पूछा, “क्यों बुलाया शोना?” वो बोली, “शॉपिंग करनी है हमारे लिए।” मोबाइल दिखाया, सेक्स टॉयज, सेक्सी लिंगरी, डिल्डो, स्ट्रैप-ऑन, वाइब्रेटर, पेनिस केज सब। मैं हैरान। वो बोली, “तुमने वादा किया। सेक्स लाइफ मेरी मर्जी से।” मैं बोला, “तुम्हारे लिए कुछ भी।” वो बोली, “मेरे सेक्स स्लेव बनोगे?” मैं बोला, “हां।”
वो बाहर देखकर आई और पजामा नीचे करके बोली, “चलो गुलाम… मेरी चूत चूसो।” मैंने चाटना शुरू किया, जीभ अंदर डालकर, क्लिट चूसकर। दस मिनट बाद वो मेरे मुंह में झड़ गई, रस बहाया। फिर उसने लंड बाहर निकालकर चूसा, गहरा लेते हुए। मैं उसके मुंह में झड़ा। वो सारा माल पी गई, आखिरी बूंद तक। उसने ऑनलाइन ऑर्डर कर दिया।
दोस्तो, ऐसे पहली बार हमने चुदाई की। आपको हमारी चुदाई की कहानी कैसी लगी, जरूर बताएं। क्या आपने कभी ऐसी हॉट गर्लफ्रेंड के साथ पहली चुदाई की है जहां वो इतनी बोल्ड हो? कमेंट में अपनी फैंटसी या एक्सपीरियंस शेयर करें, बहुत मजा आएगा।
कहानी का अगला भाग: BDSM Sex – स्ट्रैपऑन से बॉयफ्रेंड की गांड मारी