दोस्त की बीवी को होटल रूम में घोड़ी बनाकर चोदा

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Dost ki biwi chudai sex story: मैं और मेरा दोस्त दोनों बहुत अच्छे दोस्त हैं। एक दूसरे के घर आना जाना भी खूब होता है। दोस्त की बीबी नीलिमा पचौरी के साथ खूब हंसी मजाक होता है। होली पर एक बार दोस्त की बीबी को तबियत से रंग लगाया था। छीना झपटी में नीलिमा के बूब्स को भी दबाया था। तब नीलिमा ने जरा सा भी बुरा नहीं माना था। तब से मैंने सोच लिया था कि मौका मिलने पर इसकी गदराई जवानी का रस पी सकता हूं।

नीलिमा मेरे दोस्त की दूसरी बीबी है। नीलिमा की उम्र लगभग 35 साल के आसपास होगी। दोस्त की उम्र 45 साल है। मैं दोस्त से उम्र में तीन साल छोटा हूं। लंबा कद गोरा रंग हट्टा कट्टा ज्यादा जवान और स्मार्ट लगता हूं। नीलिमा आधुनिक विचारों की खूबसूरत पढ़ी लिखी कवि महिला है। नीलिमा का फिगर बहुत अच्छा है। एक लड़की होने के बाद भी नीलिमा फिट है। नीलिमा 30-32 की ब्रा पहनती है।

जबकि मेरी बीबी कुछ मोटी है 34-36 साइज की ब्रा पहनती है पर है बहुत सुंदर। आज भी किसी नौजवान को आकर्षित कर लेती है। कैसे स्तन हैं पेट ज्यादा बाहर नहीं निकला हुआ है। जब मेरी बीबी स्पंज वाली ब्रा सलवार सूट और लेगी के साथ पहन लेती है तो बड़े बड़े बूब्स बहुत ही सेक्सी लगते हैं। मैं जब भी दोस्त के पति पत्नी के साथ होता हूं तो मेरा दोस्त मेरी बीबी के ऊपर लार टपकाता है। नीलिमा और मेरी बीबी में भी खूब दोस्ती है।

मेरा दोस्त स्टेट बैंक में जॉब करता है जबकि मैं एक फैक्ट्री में वर्क मैनेजर हूं। मेरी ड्यूटी शिफ्ट में चलती है। बात उस समय की है जब मैं अप्रैल 2012 में नाशिक स्थित त्र्यंबकेश्वर शिव मंदिर के दर्शन के लिए दोस्त के साथ फैमिली सहित गया था। हम रास्ते में खूब हंसी मजाक करते हुए शाम को 5 बजे त्र्यंबकेश्वर पहुंच गए अपनी स्वयं की कार से।

वहां के कुंड में नहाने की प्रथा है। मेरी पत्नी को सफर में उल्टी होती है उसने नहाने से मना कर दिया। दोस्त अपनी चड्डी बनियान भूल गया था। वो बोला नहीं है कि नई लेकर आऊं तो उसने भी नहाने से मना कर दिया। इनकी ये बातें जब तक चलती रही मैं तो सिर्फ चड्डी पहन कर कुंड में कूद गया और नहाने लगा।

नीलिमा अपनी लड़की को मेरी बीबी की गोद में दे दिया और बोली दीदी आप इसे संभाल लो तो मैं भी नहा लूं। तो मेरी बीबी ने कुंड में हाथ पांव धोकर कुंड का पानी अपने ऊपर छिड़क लिया और एक अंजुली पानी दोस्त के ऊपर भी छिड़क लिया और पवित्र हो गए। फिर नीलिमा की लड़की को लेकर कुंड के किनारे बैठ गई।

नीलिमा सलवार सूट पहनकर कुंड के अंदर आ गई और डुबकी लगा लगा कर नहाने लगी। गर्मी के कारण पानी बहुत अच्छा लग रहा था। हम दोनों नीलिमा और मैं मुश्किल से दो मिनट ही नहाए होंगे कि दोस्त ने मेरी बीबी से बोला कि चलो भाभी प्रसाद ले लेते हैं जब तक ये दोनों नहा कर निकल आएंगे।

तो मेरी बीबी ने पूछा कि जाऊं मैं तो मैं बोला जाओ। मैं तो मन ही मन खुश हो गया। और दोनों कुंड के किनारे घाट पर नीलिमा और मेरे कपड़े एक तौलिए को छोड़कर बाकी सामान लेकर दोनों चले गए प्रसाद लेने के लिए। अब मैं और नीलिमा ही कुंड में बचे। बाकी खूब भीड़ थी कुंड में पर सभी अनजान चेहरे थे।

मैंने नीलिमा को इशारा करके अपने पास बुलाया तो वो आ गई। तो मैंने नीलिमा का हाथ पानी के अंदर पकड़ लिया। तो नीलिमा भी बड़े प्यार से मेरे हाथ को पकड़ लिया। और दोनों आपस में हाथ पकड़ कर नहाने लगे। एक साथ डुबकी लगाने लगे।

मैं पानी के अंदर नीलिमा के बूब्स को दबा देता। नीलिमा को बुरा नहीं लगता। एक बार मैंने नीलिमा को पानी के अंदर किस कर लिया तो बदले में उसने भी किस कर लिया। हम दोनों पानी के अंदर 10 मिनट तक अठखेलियां करते रहे।

पर मेरी बीबी और दोस्त अभी तक प्रसाद लेकर नहीं आए। तो मैंने नीलिमा को बोला जाओ कपड़े बदल कर आओ। तब नीलिमा पानी से बाहर निकली तो उसका गीला पतला गदराया हुआ मांसल जिस्म दिखाई देने लगा। नीलिमा की ब्रा और पैंटी दिखाई देने लगी जो वदन से चिपकी हुई थी।

नीलिमा बाहर जाकर देखी कि कहीं भी कपड़े बदलने की जगह खाली नहीं थी तो लौट आई। तब मैंने पूछा कि कपड़े क्यों नहीं बदले। तो बोली कि सभी जगह पर भीड़ है लाइन लगाकर खड़ी है। बहुत सी लेडीज तो पानी से बाहर निकली और घाट के किनारे एक जगह पर कोने की दीवार के पास ले जाकर लो कपड़ा। तो बोली छिः यहां सभी देखेंगे।

तो मैंने बोला कि मैं तौलिए को फैला कर खड़ा हो जाता हूं बदल लो। तो वो तैयार हो गई। तब मैं तौलिए फैलाकर खड़ा हो गया। और वो अपने कपड़े बदलने लगी। पहले उसने अपनी कुर्ती को उतार दिया मेरी तरफ पीठ करके। फिर ब्रा को उतार दिया। नीलिमा की मस्त गदराई हुई पीठ दिखाई देने लगी।

मैं देखने लगा तो नीलिमा बोली आप उधर घूम जाइए। तब मैं दूसरे तरफ मुंह कर लिया। तो उसने ब्रा पहन लिया फिर एक कुर्ती भी डाल लिया। इसके बाद सलवार और पैंटी को भी उतार दिया। पीछे घूम कर मैं उसकी चिकनी चिकनी चूतड़ों और जांघों को देखने लगा।

तो शर्माते हुए बोली आंखें बंद कर लो। तो मैं आंखें बंद कर लिया। और उसने पैंटी और लेगी पहन लिया। और बोली अब आंखें खोल लीजिए। तो मैंने आंखें खोल लिया। जबकि मैंने आंखें पूरी बंद ही नहीं किया था और उसके जिस्म को देख रहा था।

नीलिमा वहीं पर एक किनारे बैठ कर बाल संवारने लगी। तो मैं नीलिमा के कपड़े लिया और उसे कुंड के बगल में बने एक और कुंड में कपड़े को धो कर नीलिमा के पास रख दिया। तो नीलिमा बोली आप कितने अच्छे पति हैं भाभी को बहुत आराम देते हैं। तो मैं कुछ नहीं बोला।

फिर नीलिमा अपने कपड़ों को एक पॉलीथिन के बैग में रख कर झोले में डाल लिया। और बाहर आ गए। प्रसाद की दुकान में तो दोस्त और मेरी बीबी नहीं दिखाई दिए। तो फोन किया तो बोले कि हम लाइन में लगे हैं आ जाओ। तो नीलिमा और मैं उनके पास पहुंच कर लाइन में लग गए।

खूब भीड़ थी धक्का मुक्की चल रही थी। उस धक्का मुक्की में दोस्त और मेरी बीबी दोनों आपस में सट कर खड़े थे। तब मैंने नीलिमा को इशारा किया तो नीलिमा मुस्कुरा दिया। हम सभी दर्शन करके मंदिर के बाहर आ गए 7 बजे तक।

उसके बाद कार से नाशिक आ गए रात में 8 बजे तक। और नाशिक के द्वारिकापुरी में दो अलग अलग अगल बगल कमरे में रुक गए। दोनों कमरों के बीच में एक दरवाजा भी था आने जाने के लिए।

मैं जब भी कहीं जाता हूं तो अपने साथ कंडोम और वियाग्रा की टैबलेट ले जाना नहीं भूलता हूं। हम चारों ने एक साथ होटल में खाना खाया रात के 9 बजे। तो कुछ ही देर में मेरी बीबी को हल्की हल्की उल्टी होने लगी।

तो बीबी ने कहा कि किसी डॉक्टर के पास ले चलिए मुझे। तो मैं होटल के काउंटर पर डॉक्टर का पता पूछा जो होटल से करीब 5 किलोमीटर शिरडी रोड में था। मैंने और मेरा दोस्त कार में बीबी को बिठाकर ले गए।

जब तक मैं कार पार्किंग कर रहा था तब तक मेरा दोस्त मेरी बीबी को डॉक्टर के पास दिखाया। तो डॉक्टर ने कहा कि भर्ती करना पड़ेगा। तो मैंने बीबी को प्राइवेट रूम में भर्ती कर दिया। और दोस्त से बोला कि तू चला जा कार लेकर।

तो वो बोला कि मुझे कार चलाना नहीं आता है। तो मैंने बोला चल मैं छोड़ देता हूं तुझे। तो वो तैयार हो गया। तो मेरी बीबी बोली दोनों चले जाओगे तो मैं अकेली डरूंगी। तो मैंने बोला कि दोनों यहां रहेंगे तो उधर नीलिमा अकेली डरेगी।

तो मेरी बीबी ने बोला कि आप चले जाओ आपको कार चलना आता है इनको यहीं छोड़ दो। तो मैंने दोस्त से बोला तो वो खुशी खुशी राजी हो गया। मैं तो मन ही मन खुश हो गया पर खुशी जाहिर किए बिना बीबी का एक किस लिया सर पर हाथ घुमाया और चला आया।

तब तक रात के 10 बज गए थे। मैंने रास्ते में एक वियाग्रा की टैबलेट खा लिया और होटल पहुंच गया। और नीलिमा के रूम का दरवाजा खटखटाया। तो नीलिमा नाइट सूट पहने अंगड़ाई लेते हुए दरवाजा खोला और मेरी तरफ मादक नजरों से देखा।

दरवाजा खोला और मुझे देखकर चौंक गई और बोली कि भाभी और ये कहां है। तो मैंने सब बता दिया। तो वो कुछ नहीं बोली। तब मैंने रूम की चाबी मांगा तो चाबी दे दिया।

मैं रूम में आकर कपड़े बदला और सोने की तैयारी करने लगा। पर मन में तो नीलिमा का सेक्सी जिस्म नाच रहा था। मैं करवटें बदल ही रहा था पर नींद नहीं लग रही थी। तो मैंने नीलिमा के मोबाइल पर मिस कॉल दिया।

तो बदले में नीलिमा ने भी मिस कॉल दे दिया। तो मैंने फिर से फोन लगाया और बोला कि नींद नहीं आ रही है। तो नीलिमा कुछ नहीं बोली और फोन काट दिया। मैं कुछ देर में बीच के दरवाजे में दस्तक दिया।

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तो नीलिमा ने दरवाजा खोल दिया। मैं अंदर आ गया। देखा कि नीलिमा की लड़की सो रही है। तब मैंने नीलिमा को पकड़ कर किस कर लिया और बूब्स को दबा दिया।

तो नीलिमा बोली ये जाग जाएगी रहने दो ना। तो मैंने बोला कि किस तुम्हें कर रहा हूं वो कैसे जाग जाएगी। इतना कह कर नीलिमा को गोद में उठा लिया और किस करने लगा। तो वो बोली नीचे करिए गिर जाऊंगी।

तो मैंने उसे नीचे कर दिया। तो मेरी तरफ देख कर बोलती है कि आप तो मुझे ऐसे उठा लिए जैसे कोई छोटी बच्ची हूं। तब मैं उसको किस करते हुए बिस्तर पर बैठ गया और उसे चूमने लगा। और बिस्तर पर लिटा दिया और लेट गया। और हम दोनों की चूमाचाटी चलने लगी।

इतने में नीलिमा की लड़की जाग गई। तो नीलिमा उसकी तरफ घूम कर उसे सुलाने लगी। तो मैंने नीलिमा को बोला कि इसे सोफे पर सुला दो नहीं तो फिर से जाग जाएगी। तो नीलिमा उठी और अपनी लड़की को सोफे पर सुलाने के लिए लड़की के साथ लेट गई।

करीब 5 मिनट लड़की गहरी नींद में सो गई। तो मैं नीलिमा के पास गया और सोफे के पास बैठ कर नीलिमा की पीठ पर चूतड़ों पर कमर पर किस करने लगा। नीलिमा के छोटे छोटे टाइट बूब्स को दबाने लगा।

बूब्स को दबाने तो नीलिमा सोफे से उठी और मेरे को किस करने लगी। तो मैंने नीलिमा को गोद में उठा लिया और बेड पर लाया। और नीलिमा की गाउन ब्रा पैंटी को उतार दिया। और मैं भी नंगा हो गया।

नीलिमा को लिटा दिया बेड पर और उसकी जांघों को पीठ को पेट को किस करने लगा। किस करते करते नीलिमा की चूत को चाटने लगा। तो नीलिमा बोली इसे मत चाटिए नहीं तो मैं 5 मिनट में ही ठंडी हो जाऊंगी।

तब मैंने नीलिमा से पूछा कि तुम्हें कैसा सेक्स अच्छा लगता है। तो नीलिमा बोली कि खूब देर तक मेरी चूत में लंड की घिसाई बहुत अच्छी लगती है। आप जितना देर तक स्ट्रोक मारेंगे मैं उतना ज्यादा एंजॉय करूंगी। ये तो जल्दी से गरम करके 25-30 झटके मारकर मुझे झाड़ देते हैं और खुद भी रिलैक्स हो जाते हैं।

तब मैंने बोला ठीक है। और नीलिमा को बिठा दिया और उसकी टांगों को अपने कमर की तरफ दोनों तरफ डाल लिया और पकड़ कर खींच लिया। और अपने खड़े लंड को नीलिमा की चूत में पेल दिया।

तो नीलिमा बोली कंडोम लगा लो अभी कल ही बाल धोया है। और नीलिमा तकिए के नीचे से कोहिनूर कंडोम निकाला और उसकी पैकिंग को फाड़ कर मेरे लंड पर चढ़ाने लगी। सुपाड़े की चमड़ी खिसकाए बिना।

तो मैं नीलिमा से बोला कि इसको नंगा करके कपड़े पहनाओ। तो बोली नहीं रहने दो ऐसे में ज्यादा देर तक रुकोगे। और चढ़ा दिया। और वापस से अपनी चिकनी मुलायम टांगों को मेरे कमर के बगल में डाल दिया।

और लंड के पास अपनी चूत को ले आई। तो मैं लंड को उसकी चूत में डाल दिया। चूत नॉर्मल थी ना तो ढीली और ना ही ज्यादा टाइट। मैं धीरे धीरे लंड को पेल दिया और आगे पीछे करने लगा।

नीलिमा को किस भी करता नीलिमा के बूब्स को चूसता। नीलिमा बड़े मादक अंदाज में अपने चूतड़ों को आगे पीछे करती अपने दोनों हाथों को बेड रख कर चूतड़ों के झटके मारती। मेरे लंड पर करीब 5 मिनट तक इसी तरह से चुदाती रही नीलिमा पचौरी।

तब मैंने नीलिमा को बेड के किनारे खींच लिया और मैं बेड के नीचे खड़ा हो गया। और नीलिमा के दोनों टांगों को अपने हाथों से पकड़ कर ऊपर कर लिया। और बड़े प्यार से हलके हलके चोदने लगा।

नीलिमा चुदाई अपनी आंखें लेती जब मैं झटका मारना बंद कर देता तो बेड पर तड़पने लगती और अपने चूतड़ों को बेड पर इधर उधर घुमाने लगती। अपनी चूत को कसकर अंदर की ओर खींचती उठकर बैठ जाती और मुझसे चिपकने लगती।

अपने होठों को चबाती बार बार आंखें बंद करती और आए आ आ आ आ अह अह अह अह आह आआआआआ आए सस्स सस आऐईए आई आई आई आ या या या आ आ आ आह आह करती। मैं झटके की स्पीड बढ़ा दिया। फट फट की आवाजें आने लगी रूम में।

तो नीलिमा बोली धीरे धीरे करिए वो जाग जाएगी। तब मैंने नीलिमा को बोला कि चलो मेरे कमरे में चलते हैं। तब नीलिमा को लेकर अपने रूम में आ गया। बीच का दरवाजा लगा दिया पर 4 मिनट की चुदाई का मजा नहीं मिल पाया।

रूम में आते ही नीलिमा की चूत को चाटने लगा। नीलिमा 2 मिनट में ही फिर से चुदाई के लिए तैयार हो गई। तो नीलिमा को बेड पर लिटा दिया और दोनों टांगों को पकड़ कर उठा लिया। और फिर से लंड पेल दिया।

और लंड के झटके देना शुरू कर दिया। 3 झटकों के बाद नीलिमा उठकर लगी। तो मैं उसकी चुचियों को ओठों को चूसने लगा। तो नीलिमा अपने दोनों हाथों को मेरे गले में डालकर मेरे सीने से चिपक गई।

फिर भी मैं धीरे धीरे चुदाई चालू रखा। नीलिमा को बेड पर लिटाने लगा तो नीलिमा लेटने के बजाय और चिपक गई सीने से। तो मैं नीलिमा के कमर में डालकर उठा लिया। और नीलिमा को हवा में झूला झुलाकर खूब तबियत से चुदाई किया।

नीलिमा मेरे गालों को गले को कंधों को जोर जोर से काटती यहां तक कि कंधे पर नीलिमा के दांत के निशान आ जाते। नीलिमा जोर जोर से अपने मुंह से आए ओह ओह आह आह आह आह आ आ आ आ आ अह अह अह अह आह आआआआ आ आए सस्स सस आऐईए आई आई ओह आह ओह आह ओह आह आई आ या या या आ आ आ आह आह की आवाज निकलने लगी।

और जल्दी जल्दी अपने चूतड़ों को पटकने लगी। इस पटका पटकी में लंड बाहर हो गया। तो मैं जल्दी से नीलिमा पचौरी को बेड पर पेट की तरफ से लिटा दिया। और लंड को पेलते हुए तबियत से झटके मारने लगा।

2 मिनट तक कुछ झटके खाने के बाद नीलिमा ने अपने चूतड़ों को ऊपर उठा लिया और घोड़ी बन गई। तब मैं घोड़े की तरह पूरी ताकत से झटके मारने लगा। बीच बीच में जब झटके मारना बंद कर देता तो नीलिमा अपने चूतड़ों को आगे पीछे करने लगती।

लगातार 5 मिनट तक झटके खाने के बाद मैंने नीलिमा को पीठ की तरफ लिटा दिया। और नीलिमा के ऊपर चढ़ गया। और फिर नीलिमा को जोर जोर के झटके मार मार कर चोदने लगा।

नीलिमा बड़े प्यार से झटके खाती रही और ओह ओह आह आह आह आह आ आ आ आ आ अह अह अह अह आह आआआआ आ आए सस्स सस आऐईए आई आई ओह आह ओह आह ओह आह आई आ या या या आ आ आ आ ऊ आह्ह आह सी सी स्क् की आवाज निकलती रही।

और कुछ ही देर में ढेर हो गई। दोनों एक साथ स्खलित हो गए। घड़ी में देखा तो 11 बज गए थे। हम दोनों एक साथ बाथरूम गए और फ्रेश होने के बाद एक साथ नीलिमा के रूम में सो गए।

नीलिमा अपनी लड़की को उठा कर अपने पास सुला लिया। सुबह 5 बजे मेरी नींद खुली तो चुपके से एक वियाग्रा की टैबलेट फिर से खा लिया। और नीलिमा के पास लेट गया और नीलिमा को किस करने लगा।

आधा घंटे के बाद तो नीलिमा भी जाग गई। तो अपने रूम के बाथरूम में ले गया। दोनों नहाने लगे। नहाते नहाते नीलिमा को बाथरूम में फिर से चोद दिया। फिर दोनों नहा कर बाहर आ गए।

तब तक नीलिमा की लड़की जाग गई। मैंने मेरी बीबी को फोन किया तबियत का हाल चाल लेने के लिए। तो वो बोली कि ठीक है अभी 8 बजे तक रूम पर आ जाऊंगी। और 8 बजे मेरा दोस्त और मेरी पत्नी दोनों होटल आ गए एक ऑटो से।

दोनों बहुत खुश नजर आ रहे थे। मेरी बीबी के चेहरे में कहीं से कहीं बीमारी के लक्षण नहीं दिख रहे थे। मुझे मेरी बीबी पर शक हुआ पर शक को मन में दबाए रखा।

और हम दोनों परिवार 9 बजे नाशिक से चल दिए। रास्ते भर हंसी मजाक करते हुए शाम को 7 बजे घर पहुंच गए।

नाशिक से आने के एक दिन बाद मेरी बीबी ने कहा कि मोबाइल की रिंगटोन बदल दीजिए। तो मैं रिंगटोन बदलने लगा आगे के रूम में। और बीबी नहाने चली गई। तो रिंगटोन सर्च करते करते मेरी बीबी और मेरे दोस्त की गंदी गंदी बातें सुन लिया जो फोन में रिकॉर्ड थीं।

मेरी शंका पक्की निकली। मैंने ऐसे कई रिकॉर्ड सुने दोस्त और मेरी बीबी के। मैं उन सभी रिकॉर्ड को ब्लूटूथ से अपने मोबाइल में ले लिया पर ये बात बीबी को पता नहीं चलने दिया।

अगले दिन ही मैं दोस्त के घर गया। जब वो बैंक चला गया जाते ही नीलिमा से लिपट गया और नीलिमा को किस किया उसके बूब्स को दबाया। फिर आगे के रूम में बैठकर बातें करने तो देखा कि टेबल पर दोस्त का मोबाइल रखा जो उसने उस दिन जल्दी जल्दी में घर ही छोड़ कर चला गया था।

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मैं उसके मोबाइल के फोटो देखने लगा जिसमें कुछ फोटो मेरी बीबी के भी थे नाशिक के हॉस्पिटल के रूम के पर वो फोटो आपत्तिजनक नहीं थे। फिर भी मुझे शंका हुई। तो मैं उसकी हाइड की गई फाइलों को चेक करने लगा।

तो पासवर्ड मांग रहा था। तो मैंने नीलिमा से पासवर्ड पूछा। तो नीलिमा ने बताया कि मेरी जन्म तारीख होगी। मैंने ट्राई किया पर पासवर्ड गलत निकला।

तो मैंने मेरी बीबी का नाम डाला तब भी गलत निकला। इस तरह से कई पासवर्ड डाला सभी गलत निकले। तब मैंने मेरी बीबी का नाम और डेट ऑफ बर्थ रीता181272 डाल कर देखा तो पासवर्ड सही निकला।

और उसके सैमसंग एंड्रॉइड मोबाइल में मेरी बीबी की बहुत सी फोटो मिली। कुछ फोटो तो बिलकुल नंगी थीं। मैं फोटो को देखा तो बहुत गुस्सा आया पर फिर अपने आप को समझाया कि जब मैं दोस्त की बीबी के साथ शारीरिक संबंध बना सकता हूं तो उसने भी मौके का फायदा उठाया।

जब मैं मोबाइल को और गहराई से चेक किया तो कई वीडियो मिले जो दोस्त ने रीता की चुदाई करते समय बना लिया था। मैंने पहले वीडियो को देखा फिर नीलिमा को दिखाया।

तो नीलिमा बोली ये तो होना ही था। नीलिमा ने कहा कि मुझे तो बहुत पहले से ही शंका थी कि इन दोनों का चक्कर है। उस दिन रीता दी जान बूझकर बीमार पड़ी थी।

फिर मैंने नीलिमा को बोला कि इसे मैं मेरे मोबाइल में लेता हूं। तो नीलिमा बोली ले लो पर रीता दी से झगड़ा नहीं करना। तो मैंने बोला ठीक है नहीं करूंगा।

मैंने नीलिमा से उसका लैपटॉप मांगा और उसमें चिप रीडर लगाकर चिप से सभी फोटो और वीडियो को अपने मोबाइल में ले लिया। और दोस्त की चिप से सभी वीडियो और फोटो को हटा दिया। और वापस उसके मोबाइल में चिप लगाकर नीलिमा को दे दिया।

नीलिमा को किस किया और घर आ गया। उसी दिन मैंने मेरी पत्नी से बोला कि उस दिन नाशिक में डॉक्टर ने रात में भी इंजेक्शन लगाया था क्या। तो बीबी ने मना कर दिया और बोली नहीं तो रात में कोई इंजेक्शन नहीं लगाया था डॉक्टर ने।

तो मैं हंसते हुए बोला अच्छा डॉक्टर ने नहीं लगाया तो फिर बिना इंजेक्शन के ठीक हो गई। तो बोली हां डॉक्टर ने टैबलेट दिया था और बाटल में इंजेक्शन लगा दिया था बस उससे ठीक हो गई।

तो मैंने हंसते हुए बोला सच में और नहीं लगवाया इंजेक्शन। तो फिर वो मेरी तरफ शंका भरी निगाहों से देखी और बोली आप ये बार बार क्यों पूछ रहे हैं। तो मैं हंसते हुए टाल दिया।

और रात में चुदाई का प्रोग्राम बनाया। तो बीबी आनाकानी करने लगी बोली तबियत ठीक नहीं है पर मैं एक नहीं सुना और तैयार कर लिया चुदाई के लिए।

और रीता के एक एक करके सभी कपड़े उतार कर लिया। और रीता के एक एक अंग को किस करने लगा। रीता के शरीर में खासकर चूत के पास जांघों में चुचियों के नीचे चूतड़ों पर कमर के नीचे कई जगह पर लाल लाल निशान पड़े हुए थे।

मैंने उस निशान के बारे में रीता से पूछा। रीता आनाकानी करने लगी। मैंने सोचा अभी इसे ये दिखा दूं जिससे ये बदले नहीं ये नहीं कहे कि आपने ये निशान बनाए किस करके।

फिर मैंने रीता को चुदाई के लिए खूब गरम कर लिया। और रीता के ऊपर चढ़ गया और चोदने लगा। जब रीता खूब गरम पड़ गई अपने मुंह से उउउउउउ ऊऊ ऊऊ आआआ आ आआ स्स्स् स्स्स्स्स आआअ आआ आआआ आआ आ ह्हह्ह ह्हह् हह्ह की आवाज निकालने लगी अपनी आंखें बंद कर लिया।

चुदाई करते करते तो लंड के झटके मारना बंद कर दिया और निशान के बारे में पूछने लगा। तो रीता कुछ नहीं बोली और बेड पर तड़पने लगी मछली की तरह। पर मैं रीता को तड़पाने के मूड में था।

थोड़ा झटके मारता और फिर बंद कर देता। रीता मेरे कमर के नीचे हाथ लगाकर अपने हाथों से मेरे नितंबों को आगे पीछे करने लगी पर मैं रोक लेता बीच बीच में। तो वो तड़पने लगती। फिर मैं उससे नाम पूछता पर रीता नाम बताने को तैयार नहीं थी।

बार बार कुछ नहीं कहती और मेरे चूतड़ों को हिलाती पर मैं नहीं हिलाने देता चूतड़ों को। पर मैं भी तड़पाते रहा। आखिर में रीता हार मान गई और बोली निशा के पापा के।

तब मैंने जल्दी जल्दी झटके मार कर रीता को ठंडी कर दिया। रीता हांफते हुए बेड पर बेसुध होकर लेटी रही। फिर जब वो पूरी तरह से रिलैक्स हो गई और कपड़ा पहनने लगी तो फिर से मैंने बोला ये निशान देख लो।

तो बोली हां देखा है बाद में बताऊंगी। फिर जब रीता कपड़े पहन कर लेट गई तो मैंने उससे पूछने लगा तो टालने। तब मैंने उससे बोला बताओ ना यार कैसे किया निशा के पापा ने तुम्हारे साथ।

तो फिर से बहाने बनाने लगी। तो मुझे गुस्सा आ गया और जोर से चिल्लाकर पूछा बताती हो या दूं एक थप्पड़। तो रीता डर गई और बोली चिल्लाइए नहीं बच्चे जाग जाएंगे।

तो मैंने बोला बताओ फिर। तो रीता बोली बता दूंगी अभी तो सो जाओ। तो मैंने बोला नहीं बताओगी पर मैं सब जान गया हूं। और इतना कहकर रीता को वो आवाज फोटो व वीडियो दिखा दिया।

वो ये सब देख सुन कर शर्म से गड़ गई। उसके मुंह से कुछ आवाज ही नहीं निकली। फिर मैंने उसे समझाया कि चल तूने कर लिए तेरे मन की अब तो बता दे क्यों किया ऐसा।

तब रीता रोने लगी और सारी बात बताई। रीता ने बताया कि जब आप नीलू के कपड़े बदलवा रहे थे तौलिए के ओट में तब निशा के पापा और मैं आ गए थे प्रसाद लेकर। पर आपको और नीलू को देखे तो गुस्सा होकर आपके पास आ रहे थे।

तब पकड़ कर वापस ले गई और मंदिर में लाइन लग गए दर्शन के लिए। जब आपका फोन आया तो हम दोनों लाइन में लगे थे और बातें कर रहे थे। मैं निशा के पापा को समझाया प्यार से तो मान गए।

और मेरे बूब्स को दबा दिया भीड़ में और कान में धीरे से बोले भाभी मौका दो ना आज रात में। और बहुत सी बातें किया जिसमें निशा के पापा ने बताया कि आपके और निशा के बीच गलत संबंध है।

ये सुनकर मुझे बहुत दुख लगा। तब मैंने मन ही मन प्लान बना लिया निशा के पापा के साथ चुदवाने का क्योंकि मुझे मोटे पुरुष ज्यादा अच्छे लगते हैं। और तभी हम दोनों ने बीमारी का प्लान बनाया।

और जब आप दोनों आए तो उस समय निशा के पापा का गुस्सा शांत हो गया। दर्शन करने के बाद जब आप नाशिक के द्वारिका पुरी में होटल में रूम देखने गए थे तभी निशा के पापा ने हॉस्पिटल के बारे में पूछ लिया था।

और मैं खाना खा कर बीमार होने का नाटक किया। और मैं हॉस्पिटल में भर्ती हो गई। आप जब तक आए तब तक निशा के पापा से डॉक्टर को समझा लिया प्राइवेट रूम में भर्ती करने के लिए।

और आपको घर भेजने का प्लान भी निशा के पापा का ही था। तब मैंने रीता से पूछा कि तुम्हें या उसे हम दोनों पर शंका नहीं हुई कि हम दोनों भी तो अकेले अकेले रहेंगे होटल में कुछ भी कर सकते हैं।

तो रीता ने बताया कि निशा के पापा को आप दोनों के ऊपर तो बहुत दिनों से शंका है। वो तो ये भी जान गए हैं कि आपमें और नीलू के बीच गलत संबंध बन चुके हैं। ये बात जान कर मुझे आप पर बहुत गुस्सा आया।

इसलिए मैंने भी सोच लिया कि जब आप पराई स्त्री के साथ मजे ले सकते हैं तो मैं भी पराए पुरुष के साथ मजा क्यों नहीं लूं। ये सोच कर मैं निशा के पापा के साथ चुदाई को लेकर रोमांचित हो गई।

इतना सब कुछ रीता ने बता दिया। तो मैंने रीता से पूछा कि हॉस्पिटल में क्या क्या हुआ। तो रीता बोली आप सुन नहीं पाएंगे रहने दीजिए।

तब मैंने रीता को बोला कि मैंने तो तुम्हारी सभी वीडियो देख ली हैं अब क्या बचा फिर भी तुम्हारे मुंह से सुनना चाहता हूं। तो रीता ने फिर से बताना शुरू किया।

आप जब होटल चले गए तो डॉक्टर को बुलाकर निशा के पापा ने सलाइन को निकलवा दिया। और जब डॉक्टर चला गया तो निशा के पापा दरवाजा बंद कर लिया और मुझे किस करने लगे।

तब मैंने उन्हें बोला यहां मजा नहीं आएगा कहीं होटल में चलते हैं। तो निशा के पापा मान गए और हॉस्पिटल से छुट्टी करवाकर पास के ही होटल में हम दोनों रात में 12 बजे चले गए।

हमारे पास कोई सामान नहीं होने से होटल वाले ने निशा के पापा का ड्राइविंग लाइसेंस और बैंक का आई कार्ड देखकर बड़ी मुश्किल से सुबह 8 बजे तक के लिए एक एसी रूम दिया 1500 रुपये में। हम दोनों वहां रात में रुक गए।

और फिर रात भर निशा के पापा ने परेशान किया। इतना बताने के बाद रीता रुक गई। तो मैंने फिर से रीता से बोला आगे बताओ ना।

तो रीता बोली मुझे शर्म आ रही है कैसे बताऊं। तो मैंने गुस्से से बोला रात भर गांड मरवाया गैर मर्द से तब शर्म नहीं आई और अब शर्म आ रही है।

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तो रीता सकपका गई मेरे गुस्से को देखकर। तब मैंने बोला बताओ ना। तो बोली बताऊंगी पर आप कसम खाओ गुस्सा नहीं होंगे।

तब मैंने रीता से बोला तुम्हारी कसम नहीं करूंगा गुस्सा बताओ जैसे जैसे चुदवाया है वैसे वैसे बताओ बिना संकोच किए। तो फिर से रीता बोली पक्का आप गुस्सा नहीं होंगे।

तो मैंने रीता के सर पर हाथ रखा और कसम खाया। तो रीता बताने लगी। हम जैसे ही कमरे के अंदर हुए निशा के पापा ने दरवाजा लगा दिया और मुझसे लिपट गए।

और मुझे किस करने लगे और मेरे बूब्स को दबाने लगे। मैं भी उन्हें किस करने लगी। तो वो मुझे बेड पर बैठा लिया और बगल में बैठकर मेरे ब्लाउज और ब्रा का हुक खोल दिया।

और मेरे बड़े बड़े बूब्स को चूसने लगे। तो 2 मिनट बाद ही मैं चुदाने के लिए तड़प उठी और उनके पैंट के ऊपर से ही उनके लंड पर हाथ घुमाने लगी।

वो मेरे बूब्स को बेतहासा चूसे जा रहे थे। मेरे जिस्म में आग सी जलने लगी। वो मेरी जीभ को चूसने लगे तो मैं भभक भभक कर जलने लगी। मुझे उनके लंड के बौछार की जरूरत पड़ने लगी।

मैं उनकी पैंट की जिप खोल दिया और चड्डी के अंदर से लंड को पकड़ कर खिलाने लगी। तो वो उठे और अपने सारे कपड़े निकाल कर नंगे हो कर खड़े हो गए मेरे सामने।

तब मैं उनके मोटे और लंबे लंड को देखकर रोमांचित हो गई। उनका लंड ऊपर की ओर हल्का सा उठा हुआ फनफना रहा था। मैंने उंगली से लंड को हिलाया तो वो टस से मस नहीं हुआ। इतना कड़क पड़ गया था।

तब वो मेरी दोनों टांगों को पकड़ कर फैला दिया और अपने मोटे लंबे लंड को मेरी चूत में घुसाने लगे। तो निशा के पापा लंड बड़े मुश्किल से घुसा। लंड एकदम से था मेरी चूत में।

फिर वो खड़े खड़े अपने लंड को मेरी बुर में आगे पीछे करने लगे। मुझे बहुत मजा आ रहा था। मैं बड़े प्यार से लंड की ठोकर खा रही थी।

मिनट तक लंड की ठोकर खाने के बाद मैं होने लगी और बिस्तर से उठकर बैठ गई। तो वो मेरी टांगों को छोड़ दिया और मुझे बिस्तर में ठेलकर खुद भी बिस्तर में आ गए।

और मेरे ऊपर चढ़ गए अपना लंड घुसेड़कर और जोर जोर से झटके मारने लगे। मैं उनके एक एक झटके में स्वर्ग की सैर करने लगी।

मेरे मुंह से उस समय उ आह आ आ आ आह आह आह आ आआआअ आअ ह्ह्ह सस्सी स्स्स्स सीई ईईईईए ईईईईईए आआआआ आअ उउउउउ आआआ आआ ईईए आआआआआ आआआ आआ ईईए उउउ उउउ ऊऊओ आआआ आआ ईईए आआ आ आ ह्ह्ह्ह ह्ह ह्ह्ह आआआ आअह्हह्हह्हह उइमा उइमा उइमा आ आ आ आआआ आह्ह्ह ह्ह्ह्ह ह्हह् हह्हह्ह स सस्स सस्स की आवाज निकलने लगी।

मुझे बहुत मजा आ रहा था। मैं मुंह फाड़ फाड़ कर मजे से चुदाने लगी। वो झटके मार मार कर मुझे चोदने लगे। मैं बिस्तर से बार बार उठ जाती तो वो मुझे फिर से लिटा देते और मुझे चोदते रहते।

लगातार 5 मिनट तक झटके खाने के बाद वो और मैं एक साथ रिलैक्स हो गए। और वो हांफते हुए मेरे ऊपर निढाल होकर लेट गए। मैं उन्हें प्यार से किस करने लगी।

पहली बार किसी गैर मर्द से चुदवाया बहुत मजा आया। उनके लंड से निकला वीर्य मेरी बुर से बहने लगा। तो मैंने उन्हें धक्का देकर अलग किया और जल्दी से बाथरूम में घुस गई।

वो भी पीछे पीछे आए और पेशाब करने लगे। उनका लंड अभी भी तना हुआ खड़ा था। मैं उनके लंड को प्यार से चूम लिया। और फिर हम दोनों बाथरूम से बाहर आ गए और नंगे ही बेड पर लेट गए।

बातें करते करते कब नींद लग गई पता ही नहीं चला। सुबह तीन बजे जब मेरी नींद खुली तो निशा के पापा मेरी चूत को चाट रहे थे। मुझे बहुत अच्छा लगने लगा।

तब निशा के पापा मुझे बाथरूम में लेकर गए और वहां पर मेरे पूरे जिस्म पर साबुन लगाया। और दोनों साथ नहाने लगे।

नहाते नहाते उनका लंड फिर से खड़ा हो गया। मैं उनके लंड पर साबुन लगा कर लंड को फिर से तैयार कर लिया चुदाई के लिए।

और फिर निशा के पापा ने मेरे दोस्त ने घोड़ी बनाकर खूब चुदाई किया। मेरी बेबी की बाथरूम में ही अपना साबुन लगा लंड पेल दिया और चोदने लगे।

तो साबुन के कारण जलन होने लगी चूत में। तो मैंने उन्हें बताया तो वो लंड को निकाल लिया। और फिर दोनों एक दूसरे का साबुन धोकर बेड में आ गए।

आते ही निशा के पापा ने मुझे घोड़ी बना दिया। मैंने तकिए के ऊपर मेरे सर को रख लिया और निशा के पापा घुटनों के बल खड़े हो गए और चोदने लगे।

इस पोजीशन में निशा के पापा लगातार 9 मिनट तक चोदते रहे। मेरे चूतड़ों में हाथ घुमा घुमा कर मेरे मुंह से बार बार उ आह आ आ आ आह आह आह आ आआआअ आअ ह्ह्ह सस्सी स्स्स्स सीई ईईईईए ईईईईईए आआआआ आअ उउउउउ आआआ आआ ईईए आआआआआ आआआ आआ ईईए उउउ उउउ ऊऊओ आआआ आआ ईईए आआ आ आ आ अ ईईए की आवाज निकलती रही।

पर जब तक मेरे बूब्स को नहीं दबाए मुझे किस नहीं किया मेरी जीभ को नहीं चूसा मेरे सीने पर अपना वजन नहीं रखा तब तक मुझे मजा नहीं आता। इसलिए मैं पीठ के बल लेट गई।

और निशा के पापा मेरे ऊपर फिर से चढ़ गए। और मेरे बूब्स को चूसने लगे। मैंने उन्हें चूमने लगी और जोर जोर से झटके मारते रहे।

मैं बड़े प्यार से झटके खाती रही स्वर्ग के आनंद लेती रही। बार बार मुंह से ह आ आआआअ आअ ह्ह्ह सस्सी स्स्स्स सीई ईईईईए ईईईईईए आआआआ आअ उउउउउ आआआ आआ ईईए आआआआआ आआआ आआ ईईए उउउ उउउ ऊऊओ आआआ आआ ईईए आआ आ आ की आवाज करने लगी।

निशा के पापा पूरी ताकत के साथ चोदने लगे। कमरे में जोर जोर से फट फट की आवाज रात में आने लगी। और लगातार 5 मिनट तक झटके खाती रही।

मैंने मेरी चूत को अंदर की तरफ खींच लिया। लंड मेरी बुर से चिपक कर अंदर बाहर होने लगा। मेरी आंखें बंद हो गई। मैं उनसे जोर से चिपक गई। वो झटके मारते रहे।

मैं स्वर्ग की सैर करती रही कि अचानक जमीन पर आ गई पर वो अभी तक जोर जोर से चोदे जा रहे थे। मुझे कुछ देर में वो भी रिलैक्स होकर लेट गए मेरे ऊपर लंड डाले हुए।

फिर 5 मिनट बाद वो मेरे ऊपर से उठे और मुझे किस करके बाथरूम में घुस गए। मैंने भी उनके पीछे पीछे चली गई पेशाब किया। और फिर आकर दोनों लेट गए और बातें करने लगे।

तब तक सुबह के 7 बज गए। निशा के पापा बोले एक बार और चोदूंगा भाभी आपको पर मैंने मना कर दिया क्योंकि मेरी बुर दर्द करने लगी थी।

पर वो नहीं माने और फिर से एक बार चोदने लगे। मैं फिर से गरम पड़ गई। और इस बार मैं उनके ऊपर चढ़ गई। और मैंने उन्हें खूब चोदा।

वो लंड खड़ा करके लेट गए और मैंने उन्हें खूब देर तक चोदा। उनके लंड पर अपने चूतड़ों को पटक पटक कर चोदा। और दोनों एक साथ रिलैक्स होकर बाथरूम में नहाई और फिर होटल से बाहर आ गई।

इतना सब कुछ रीता ने सुनाया। तब तक रात के 2 बज गए। मेरा लंड ये सभी बातों को सुनकर खड़ा हो गया। तो मैंने फिर से रीता को चोदना शुरू कर दिया।

और बोला दोस्त से ज्यादा मजा दूंगा। रीता ने बड़े प्यार से चुदवाया। और फिर दोनों सो गए।

अब तो जब भी इच्छा पड़ती है नीलिमा को उसके घर में ही चोदने चला जाता हूं। पर जब मेरी रात में ड्यूटी रहती है तो मेरा दोस्त रात में घर आ जाता है मेरी बीबी की चुदाई करने।

अब एक दूसरे को ये सब पता चल गया। अब हम दोनों जब भी साथ बाहर घूमने जाते हैं आपस में बीबियों को बदल लेते हैं और जिंदगी के मजे लेते रहते हैं।

मैंने भी नीलिमा की कई वीडियो बना लिया है चुदाई की अपने मोबाइल में।

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