Massage parlor aunty sex story: मेरा नाम सुहास है और मैं भागलपुर का रहने वाला हूं। मुझे मसाज करना बहुत पसंद है और मैं इसका मजा बहुत अच्छे से भाभियों और लड़कियों को देता हूं और उनकी खुशी ही मेरी खुशी है। अब मैं आपको ज्यादा बोर ना करते हुए सीधे अपनी स्टोरी पर आता हूं।
ये बात तब की है जब मैं जॉब ढूंढ रहा था लेकिन मुझे कोई जॉब नहीं मिल रही थी। फिर एक दिन मैंने टीवी पर देखा कि लोगों को मसाज करवाना बहुत अच्छा लगता है और लोगों को खुशी और आराम भी मिलता है। मैंने टीवी पर उन महिलाओं के चेहरे पर फैलती संतुष्टि और आराम की मुस्कान को ध्यान से देखा था। फिर मैंने अपने लैपटॉप पर मसाज वीडियो देखकर मसाज करना सीखा। मैं घंटों बैठकर वीडियो देखता, हाथों की मूवमेंट को दोहराता, तेल लगाने की तकनीक सीखता और सोचता कि असल में यह कितना अच्छा महसूस होता होगा। फिर मुझे मसाज के साथ-साथ मसाज सेक्स के बारे में भी पता चला और मैंने भी अब ठान लिया कि अब मैं भी यही करूंगा चाहे मुझे इसके कम पैसा क्यों ना मिले मेरा काम चल जाएगा।
फिर मैंने कई पार्लर में अपनी बात की कि मुझे भी पार्लर पर रख लीजिए लेकिन किसी ने मुझे जॉब नहीं दी क्योंकि मेरे पास अनुभव नहीं था। मैं हर पार्लर में जाकर अपनी बात रखता, अपनी सीखी हुई मसाज की बात बताता लेकिन हर जगह अनुभव की कमी का बहाना सुनकर लौट आता। फिर मैं एक दिन उदास अपनी गली में घूम रहा था तो मेरे दोस्त ने पूछा कि क्या हुआ है। मेरे चेहरे पर उदासी साफ दिख रही थी, कदम भारी थे। तो मैंने कहा कि मुझे मसाज करना पसंद है लेकिन कोई पार्लर मुझे जॉब नहीं दे रहा है। फिर उसने मुझे एक पार्लर वाली आंटी से मिलवाया और कहा कि ये मेरा दोस्त है और इसको काम की जरूरत है इसको मसाज करनी भी आती है। तो फिर आंटी ने कहा कि मेरे यहां मसाज की ही जरूरत है चलो पहले मेरी करो फिर मेरी दोस्त की भी करना अगर हमको तुम्हारी मसाज पसंद आई तो तुम्हारी जॉब पक्की। अब मैं भी खुश हो गया था।
फिर आंटी मुझे अपने पार्लर में लेकर गई वहां वो और उनकी दोस्त बैठी थी। फिर उन्होंने मेरा परिचय अपने दोस्त से करवाया और कहा कि आज ये हमारी मसाज करेगा तो ही इसको जॉब मिलेगी। अब वो भी बोलने लगी कि लग जाओ काम पर। फिर आंटी मुझे मसाज रूम में लेकर गई और अपने कपड़े उतार कर ब्रा और पैंटी में आ गई और मुझे एक तेल की बोतल दी और कहा कि शुरू करो। अब मैं भी शुरू होने लगा।
फिर मैंने उनके पैर की मसाज की और अब वो मुझसे बात कर रही थी कि तुम अपने हाथों से मसाज तो अच्छी कर रहे हो। तो मैंने कहा कि मुझे मसाज करना बड़ा अच्छा लगता है। फिर मैंने उनकी टांगों की मसाज करने के बाद उनकी पीठ की भी मसाज की। फिर उन्होंने अपनी दोस्त को भी अंदर बुला लिया और कहा कि तुम भी करा लो। उनकी दोस्त भी अपने कपड़े उतार कर बैठ गई और बोलने लगी कि हम दोनों की एक साथ मसाज करो। मैंने ठीक है कहा और अब वो उनके साथ लेट गई थी।
फिर मैंने उन दोनों की पीठ से शुरुआत की और फिर मैंने धीरे-धीरे उनके बूब्स के साइड की भी मसाज की। मेरे हाथों में गरम तेल था जो उनकी नरम और चिकनी त्वचा पर चमकदार परत बना रहा था। मैंने आंटी की पीठ पर दोनों हाथों की हथेलियों से गहरा दबाव देते हुए कंधों से कमर तक लंबे-लंबे स्ट्रोक दिए। उनकी त्वचा गर्म हो रही थी और हल्की-हल्की पसीने की बूंदें चमक रही थीं। फिर मैंने अपनी उंगलियों को उनकी बगल की तरफ ले जाकर बूब्स के साइड को धीरे-धीरे दबाना शुरू किया। नरम मांस मेरी हथेलियों में दबता जा रहा था। आंटी की सांसें गहरी और भारी होती जा रही थीं। उनकी दोस्त की पीठ पर भी मैंने ठीक वैसा ही किया। दोनों की कमर पतली थी और कूल्हे गोल-गोल। जब मेरी उंगलियां उनके स्तनों के किनारों को छूती तो वे हल्के से कांप जाती थीं।
फिर वो दोनों अपने पेट के बल लेट गई और मसाज कराने लगी। अब उनके पूरे नंगे ऊपरी हिस्से मेरे सामने खुले पड़े थे। उनकी दोस्त बोली कि रुको ब्रा उतार लेने दो तो अब मैं सुनता ही रह गया और उन दोनों ने अपनी ब्रा उतार दी। अब मैं उन दोनों को देखकर पागल हो गया था। आंटी और उनकी दोस्त 33-34 साल की थी और उनका फिगर भी 34-30-34 का था। अब मेरे मुंह में तो उन्हें देखकर जैसे पानी आ गया था। क्या निप्पल थी हल्की ब्राउन कलर की। अब मेरा मन कर रहा था कि अभी उन दोनों के बूब्स पी लूं।
फिर मैंने अपने आपको रोका लेकिन मैं ज्यादा देर तक अपने आपको रोक नहीं पाया और उनके बूब्स की मसाज करते-करते मेरा लंड खड़ा होने लगा जो कि उन्होंने देख लिया था। मेरे लंड ने चड्डी के अंदर तनाव महसूस किया और पूरी तरह खड़ा होकर उभर आया। फिर आंटी ने बोला कि चलो अब हमारी चूत की मसाज करो अब मैं तो और पागल हो गया था।
फिर मैंने उन दोनों की पैंटी उतारी और शर्माकर धीरे से अपना हाथ उन दोनों की चूत पर रखा। उनकी चूत की गर्माहट मेरी हथेली में महसूस हो रही थी। अब मेरा लंड बहुत ज्यादा तन गया था और फिर मैं उनकी चूत की मसाज करने लगा। मेरी उंगलियां उनकी गीली और नरम फांकों को धीरे-धीरे सहलाती जा रही थीं। तभी उनकी दोस्त बोली कि और कुछ भी करो तो मैं कुछ समझ नहीं पाया। तब वो दोनों हंसकर बोली कि इसको अपने मुंह से मसाज दो। फिर मैंने देर ना करते हुए उन दोनों की एक-एक करके चूत चाटने लगा। मैंने पहले आंटी की चूत पर अपना मुंह रखा। मेरी जीभ उनकी गीली फांकों को चाटते हुए ऊपर-नीचे घूमने लगी। उनका नमकीन और मीठा स्वाद मेरी जीभ पर फैल गया। फिर मैं उनकी दोस्त की चूत पर मुंह ले गया। अब उन्होंने मेरे कपड़े भी उतरवा दिए अब मैं सिर्फ चड्डी में था।
फिर उनकी दोस्त ने मेरे लंड को पकड़ लिया और अब वो मेरे लंड को मेरी चड्डी से बाहर निकाल कर हिला रही थी। उसकी गर्म हथेली मेरे खड़े लंड पर ऊपर-नीचे चल रही थी। अब मैं जोर-जोर से उनकी चूत चाट रहा था। मेरी जीभ तेजी से अंदर-बाहर हो रही थी और वे दोनों कराह रही थीं। फिर आंटी ने मुझे 69 पोजिशन में किया अब मैं उनकी चूत चाट रहा था और उनकी दोस्त मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर चाट रही थी और अब मुझे बहुत अच्छा लग रहा था।
फिर आंटी अपनी दोस्त की चूत चाटने लगी और 15 मिनट तक चूत चाटने के बाद आंटी झड़ गई और नंगी ही कुर्सी पर बैठ गई। आंटी ने अपनी दोस्त के पैरों को फैलाकर उसके बीच में अपना मुंह रख दिया। उनकी जीभ तेजी से ऊपर नीचे घूम रही थी और चूत की गीली फांकों को चाट रही थी। दोस्त की सांसें तेज हो गई थीं और वह जोर-जोर से कराह रही थी। आंटी की जीभ कभी अंदर घुस रही थी तो कभी क्लिटोरिस को चूस रही थी। 15 मिनट तक लगातार चूत चाटने के बाद आंटी की दोस्त का शरीर अचानक कांपने लगा। वह जोर से चीखी और उसके चूत से गर्म नमकीन पानी निकलकर आंटी के मुंह पर गिर गया। आंटी झड़ गई और नंगी ही कुर्सी पर बैठ गई।
अब मैं उनकी दोस्त की चूत चाट रहा था फिर वो भी झड़ गई। अब मैंने उन दोनों का नमकीन पानी पिया मुझे इतना मजा कभी नहीं आया था।
फिर मैं खड़े होकर आंटी के बूब्स पीने लगा और उनकी दोस्त मेरे लंड को फिर से अपने मुंह में लेकर चूसने लगी। अब मुझसे रहा नहीं गया और अब मैं छूटने वाला था तो आंटी और उनकी दोस्त नीचे बैठ गई और मेरे लंड जोर-जोर से हिलाने लगी। फिर उसके बाद मैं छूट गया और मेरे लंड का पानी उन दोनों के बूब्स पर निकल गया।
फिर मैं शांत हुआ लेकिन आंटी फिर से मेरे लंड को चाटने लगी और बोली कि तुम एक चूत चाटो और दूसरी तुमको चोदेगी। मैं उनकी बातें सुनता रह गया और मैंने वैसे ही किया। अब उन्होंने मेरा लंड चाटकर फिर से खड़ा कर दिया और अब मैं उनकी दोस्त की चूत मारने लगा था। अब वो आहहा करने लगी और मैं आंटी की चूत भी चाट रहा था। ऐसे करते हुए मुझे 10 मिनट हो गए थे।
फिर आंटी मुझसे चुदने लगी फिर मैंने उनकी दोस्त के खूब बूब्स पिए और साथ में काट भी देता था। क्या गजब रसीले निप्पल थे। अब मैं उनके बूब्स को चूसता रह गया।
फिर 20 मिनट तक चुदाई करने के बाद मैं फिर से झड़ने वाला था तो आंटी ने मुझसे कहा कि अंदर ही निकाल दो कोई बात नहीं। अब मैं आंटी को तेज-तेज चोद रहा था और मैंने उनकी दोस्त की चूत चाट-चाटकर खाली कर दी। अब वो फिर से झड़ गई और उन्होंने मेरे मुंह पर अपनी चूत का पानी गिरा दिया। फिर मैं भी आंटी के अंदर ही झड़ गया फिर बाद में मैंने आंटी की चूत को चाटना शुरू किया और उनका नमकीन पानी भी पी गया।
फिर इसके बाद ही आंटी ने मुझे जॉब पर रखा और मेरे साथ बहुत बार चुदाई भी की और अपने अच्छे ग्राहक को भी मुझसे चुदवाया मगर पैसे लेकर। अब मैं मसाज के साथ-साथ चुदाई के पैसे लेता हूं और मैंने अभी तक 17 भाभियां चोद ली हैं और उन्हें खुश भी किया है। उनकी रसीली चूत की बात ही कुछ और होती है। अब मैं जब चाहूं तब आंटी की चूत चाटता हूं बूब्स पीता हूं निप्पल पर काटता हूं और वो भी बहुत प्यार से मेरा लंड चूसती है। अब मैं उनकी दोस्त की भी चुदाई करता हूं।