ट्रेन में मामी को गंजे से चुदते देखा फिर खुद चोदा

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Mami ko Blackmail kiya sex story: मेरा नाम सुशांत है .और मई 20 साल का हु .मेरा मामा बरोली में रहेता है .हर छुट्टी ओ को मई उनके घर जाता हु . मामा ने काफी देर से शादी की थी इसलिए मामा और मामी के बीच उम्र का फर्क बहुत ज्यादा था। मामी देखने में रूप की देवी जैसी थीं, काफी खुशमिजाज और बहुत ही शौकीन औरत थीं। मामा एक फैक्ट्री के मालिक थे और बिजनेस के सिलसिले में उन्हें अक्सर बाहर रहना पड़ता था। इसीलिए मामी अकेली पड़ जाती थीं। कभी वो हमारे घर आ जाती थीं और नहीं तो अपने मायके चली जाती थीं।

मामी से मेरा रिश्ता एकदम अलग तरह का था। मुझसे मामी हर बात शेयर करती थीं और मैं भी उनका पूरा सम्मान करता था। मेरी मामी का नाम माया था। उनकी उम्र बत्तीस साल थी। देखने में वे बेहद खूबसूरत थीं और उनका फिगर बेहद सेक्सी था। उनके स्तन छत्तीस इंच के मोटे और भरे हुए थे, कमर बत्तीस इंच की पतली थी और कूल्हे चालीस इंच के गोल और उभरे हुए थे। मामी की गांड बहुत ही सेक्सी थी। वह पीछे की तरफ बहुत ज्यादा उभरी हुई थी और चलते समय हिलती रहती थी। मैं उनके शरीर को बार बार निहारता रहता था। उनके स्तन इतने आकर्षक और भारी थे कि मेरा मन करता था कि अभी ब्लाउज खोलकर उन्हें चूसना शुरू कर दूं। लेकिन मन में कभी भी सेक्स का ख्याल नहीं आया क्योंकि मैं डरता था कि कहीं मामी ने मेरे घरवालों को बता दिया तो बहुत बड़ी समस्या खड़ी हो जाएगी।

एक दिन की बात है मामा के बेटे का बर्थडे था। सभी को निमंत्रण पत्र भेजने थे और मामी के एक रिश्तेदार जो नाशिक में रहते थे उन्हें निमंत्रण पत्र भेजना था। तो मामी ने मुझे कहा सुशांत चलो न मेरे साथ नाशिक। तुम्हारे मामा का तो समय नहीं हो पाएगा बस हम ट्रेन से जाएंगे उधर एक दिन रहेंगे फिर वापस आ जाएंगे। मैंने हां कर दिया। मामी तैयार हो गईं। दूसरे दिन सुबह हम नाशिक के लिए रवाना हो गए। मामी ने उस दिन काले रंग की साड़ी पहनी थी। वे क्या माल लग रही थीं। साड़ी का काला कपड़ा उनके गोरे शरीर पर चिपका हुआ था। ब्लाउज उनके भारी स्तनों को कसकर दबा रहा था। लाल लिपस्टिक लगाए वे एकदम रंडी जैसी सेक्सी और आकर्षक लग रही थीं। मेरा मन कर रहा था कि मैं उन्हें अभी ले जाकर पूरी तरह नंगा कर दूं उनकी चूत चाटकर उन्हें जोर जोर से चोद दूं और पूरे समय अपने शरीर से चिपकाकर रखूं।

हमारा ट्रेन का रिजर्वेशन एसी वाले डिब्बे में था लेकिन मेरी और मामी की सीट अलग अलग केबिन में थी। मैं मामी को उनकी सीट पर बिठाकर अपने केबिन में चला आया। मामी के केबिन में दूसरी सीट पर एक पहलवान जैसा गंजा आदमी था। वह बहुत ही मस्कुलर था और छह फीट छह इंच लंबा था। उसकी मांसपेशियां सूजी हुई थीं और शरीर पर पसीना चमक रहा था। वह मामी को देखकर मुस्कुरा रहा था। मामी भी उसे देखकर मुस्कुराने लगीं। फिर मैं अपनी सीट पर आकर बैठ गया जो दो केबिन छोड़कर था। रात के बारह बज चुके थे। मैं अपनी सीट पर लेटकर नॉवेल पढ़ रहा था। रात के करीब दो बजे मुझे नींद आने लगी थी।

मैं टॉयलेट करने गया और आते समय मैंने सोचा कि मामी को देखता चलूं कि वे ठीक से सो गई हैं या नहीं। मैं मामी के केबिन के पास गया पर नॉक नहीं किया ताकि किसी को डिस्टर्ब न हो। दरवाजे पर आई हॉल था। मैंने उससे अंदर झांका। अंदर का नजारा देखकर मैं एकदम चौंक गया। मामी उस गंजे आदमी का लंड अपने मुंह में डालकर चूस रही थीं। उस गंजे आदमी का लंड बारह इंच लंबा मोटा और नसों से भरा हुआ था। वह आधा ही मामी के मुंह के अंदर था। उस आदमी ने मामी के घने काले बाल पकड़ रखे थे और मामी के मुंह में लौड़ा घुसाकर उनके मुंह को जोर जोर से चोद रहा था। मामी की आंखें पानी से भर गई थीं लेकिन वे बिना रुके चूस रही थीं। उनकी जीभ लंड की नसों पर घूम रही थी। लार उनके होंठों से बहकर ठोड़ी पर गिर रही थी। गले में लंड के आने से उनकी गर्दन फूल रही थी। आवाजें चप चप और ग्लक ग्लक की निकल रही थीं। मेरे पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई और मैं सोचने लगा कि मामी तो बहुत बड़ी रंडी हैं जो इस अनजान आदमी से अपने आप को चुदवा रही हैं। पर मैंने कुछ किया नहीं बस अपने फोन में रिकॉर्डिंग शुरू कर दी।

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अब उसने मामी की साड़ी की सिलवटें खोल दीं और ब्लाउज के हुक एक एक करके खोलकर उतार दिए। ब्रा भी खींचकर उतार दी। मामी के अड़तीस इंच के मोटे स्तन आजाद हो गए। वे भारी और गोल थे। गुलाबी भूरे निप्पल सख्त होकर खड़े हो गए थे। उसने मामी के एक निप्पल मुंह में ले लिया और जोर जोर से चूसने लगा। दूसरे स्तन को अपने बड़े भारी हाथ से दबाने लगा। उसके दबाने से मामी के स्तन और भी बड़े और उभरे हुए लग रहे थे। दबाव से लाल निशान पड़ गए थे। मामी की सांसें तेज हो गई थीं। उनकी छाती ऊपर नीचे हो रही थी। फिर उसने मामी की पैंटी भी खींचकर उतार दी। मामी के गोरे पतिले जैसे नितंब दिखने लगे।

मामी की गांड बहुत मोटी थी और पीछे को बहुत ज्यादा उभरी हुई थी। गोरा चमकदार मांस हिल रहा था। उसने मामी की लाल पैंटी खींचकर फाड़ दी और अपना मुंह बाहर निकालकर उनकी गांड चाटने लगा। जीभ गांड की दरार में घुस रही थी। “बहुत सेक्सी है तुम्हारी गांड वाह बहुत सेक्सी है तुम्हारी गांड” वह बार बार कह रहा था। मामी की सांसें और तेज हो गई थीं। उनकी चूत से रस टपकने लगा था।

अब उसने मामी को डॉगी स्टाइल में बैठाया। घुटनों और हाथों के बल पर। अपना बारह इंच का मोटा लंड मामी की गांड के बीच में रगड़ने लगा। गर्म लंड की नोक गांड की दरार को छू रही थी। मामी ने यह देखा तो पूछा ये क्या कर रहे हो। वो बोला अभी पीछे से नरम नरम गांड मारूंगा तुम्हारी। मामी डर गईं और बोलीं प्लीज गांड मत लो। चूत चाहे जितनी मर्जी ले लो उतनी मिलेगी। मैंने पहले कभी नहीं मरवाई है और तुम्हारा लंड भी इतना लंबा है। मेरी चूत को चाहे तुम चीर फाड़ दो पर गांड रहने दो।

फिर मैं उधर से चला आया पर मैं बहुत गरम हो गया था इसीलिए मुझे बाथरूम में जाकर मुठ मारनी पड़ी। नेक्स्ट दिन सुबह हम उतर गए नाशिक को। और मामी के रिश्तेदार के घर आ गए। उनके घर बहुत बड़ा था उसमें एक बुढ़िया रहती थी और उनका बेटा जो बाहर काम करता था। हम दोनों थक गए थे इसीलिए मुंह हाथ धोकर हम खाना खाकर रेस्ट करने चले गए। मामी और मेरा कमरा बिलकुल अगल बगल में था।

मुझे जब समय मिला मैं मामी के कमरे में घुस गया। मामी तब रेस्ट ले रही थीं। मैंने मामी को बोला मामी देखो मैंने अगर बाहर जाकर लोगों को बोल दिया कि आप उस गंजे अंकल के साथ सेक्स कर रहे थे और मैं ये वीडियो दिखा दूं तो भी आपकी बदनामी हो जाएगी। मेरा क्या है। आज यहां हूं कल कहीं और जाऊंगा लेकिन आपको यहीं रहना है और आप कैसे लोगों से नजरें मिलाओगी। इसलिए कहता हूं कि एक बार प्यार करने दो नहीं तो बदनाम तो मैं वैसे भी कर दूंगा। ये सुनकर मामी को झटका लगा।

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उन्होंने इस चीज की उम्मीद कभी नहीं की होगी लेकिन मेरे पास और कोई रास्ता भी नहीं था। अब मामी बेड पर बैठ गईं और सोच में डूब गईं। फिर मैं मौके का फायदा उठाकर मामी के पास में बैठ गया और उनकी जांघ पर हाथ फेरने लगा। फिर उन्होंने कुछ संकोच किया लेकिन उन्होंने ज्यादा विरोध नहीं किया। अब मैं समझ गया था कि अब मामी समझ गई हैं और रास्ता साफ है। उस टाईम बारह बज रहे थे और घर में कोई नहीं था तो मेरे पास काफी टाईम था। फिर मैंने उनका चेहरा उठाया और होंठों पर हल्का किस किया तो उन्होंने गर्दन घुमा ली। फिर मैंने फिर से उनका चेहरा अपनी तरफ किया और उनके होंठों पर अपने होंठों को रख दिया और चूसने लगा तो अब मामी कोई जवाब नहीं दे रही थीं और मैं उनके नरम होंठ चूस रहा था। दोस्तों क्या मज़ा आ रहा था? फिर मैंने उन्हे बेड पर लेटा दिया और उनके होंठ चूसने लगा।

उसने मुझे एक सेक्सी स्माइल दी। उनकी आँखों में शरारत और हल्की सी लज्जा का मिश्रण था। उनके होंठों पर मुस्कान फैली हुई थी जो मुझे और भी उत्तेजित कर रही थी। मैं उनके करीब सरक आया और उनके गालों को चूम लिया। नरम गर्म और मुलायम गालों पर मेरे होंठ लगते ही वे हल्का सा काँप उठीं लेकिन कुछ नहीं बोलीं। फिर मैंने उनके दूसरे गाल पर भी गहरी किस की। उनकी सांसें थोड़ी तेज हो रही थीं।

मैंने उनके होंठों को अपने होंठों से सटा दिया और लिप किस करने लगा। उनके नरम गीले और लाल होंठों को चूसते हुए मेरी जीभ उनके मुंह में घुस गई। वे धीरे धीरे मदहोश हो रही थीं। उनकी आँखें बंद हो गईं और उन्होंने हल्का सा कराहना शुरू कर दिया। फिर मैंने उनकी गर्दन पर किस किया। उनकी गर्दन की नसों पर मेरे होंठ और जीभ फिरते ही वे सिहर उठीं। मैं धीरे धीरे उनके बूब्स को पकड़कर जोर जोर से प्रेस करने लगा। उनके भारी मोटे और नरम स्तन मेरी हथेलियों में दब रहे थे। उनकी आँखें और भी बंद हो गईं और वे आहें भरने लगीं।

मैंने उनकी नाइटी को ऊपर से निकाल दिया। उन्होंने ब्रा नहीं पहनी हुई थी। उनके अड़तीस इंच के भरे हुए गोल और भारी बूब्स पूरी तरह आजाद हो गए। गुलाबी भूरे निप्पल्स पहले से ही सख्त होकर खड़े थे। मैं एक बूब को मुंह में ले लिया और जोर जोर से चूसने लगा। जीभ से निप्पल को घुमाते हुए दांतों से हल्का सा काट भी रहा था। दूसरे बूब को हाथ से जोर से दबा रहा था। वे कराह रही थीं। फिर मैंने उनकी पैंटी पर हाथ रखा और ऊपर से सहलाने लगा। उनकी पैंटी पहले से ही गीली हो चुकी थी। वे अहहह अहहहह ह्ह्ह्हह्ह आहें भर रही थीं।

फिर मैंने उनकी पैंटी को उतार दिया और अपनी उंगलियों से फिंगरिंग करने लगा। उनकी चूत पहले से ही बहुत गीली और गर्म थी। मैं एक उंगली अंदर डालकर अंदर बाहर करने लगा। फिर दो उंगलियां डाल दीं और तेजी से चलाने लगा। वे मजा ले रही थीं और अपना शरीर मेरी उंगलियों के साथ हिला रही थीं। फिर मैं नीचे झुककर उनकी चूत को चाटने लगा। मेरी जीभ उनकी चूत की फांक पर फिर रही थी। क्लिटोरिस को चूसते ही वे जोर से काँप उठीं। मैं उन्हें सक करने लगा। वे मुझे अपने दोनों पैरों से मेरी गर्दन कसकर पकड़कर मेरे सिर को अपनी चूत पर और जोर से दबा रही थीं। सांस लेना भी मुश्किल हो रहा था लेकिन मुझे सक करना बहुत पसंद था। उनकी चूत का रस मेरे मुंह में भर रहा था।

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मैंने उनकी साड़ी निकाल दी। साड़ी निकालने के बाद मामी केवल ब्लाउज और पैंटी में थीं। उनकी साली का क्या फिगर था। मानो पच्चीस साल की कोई युवती हो। मैंने उनके बूब्स को दबाया। ओह्ह्ह बहुत मुलायम बूब्स थे। लग रहा था कि बहुतों ने इन्हें दबाया होगा। मैंने कहा कितनों को ये आम दिए हैं। तो मामी बोलीं जितनों का केला चूसा है उन सब ने। यह सुनकर मुझमें जोश और भी बढ़ गया। मैंने उन्हें दीवार पर चिपका दिया और उनका ब्लाउज तथा ब्रा निकाल दी। अह्ह्ह क्या सफेद और चमकदार थे उनके स्तन। उनके निप्पल्स ब्राउन रंग के थे। मैं उन्हें जोर जोर से चूस रहा था। अह्ह्ह अह्ह्ह्ह वे मेरे सीने को चूस रही थीं। उनका एक हाथ मेरे लंड पर था। उन्होंने एक झटके में मेरा अंडरवियर उतार दिया।

मेरा लंड देखकर वे बोलीं मादरचोद ये लंड इतना बड़ा कैसे। अभी तेरी तो उम्र ही छोटी है। तो मैंने कहा तुझ जैसी रंडी को चोदते चोदते लंबा हो गया है। और वे बोलीं झूठे साले। और एकदम नीचे बैठकर मेरे लंड को मुंह में ले लिया और चूसने लगीं। अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह मैं बेबी फक फक चूसो अह्ह्ह्ह कर रहा था। उनकी गर्म गीली जीभ मेरे लंड की नसों पर घूम रही थी। वे पूरी तरह गले तक ले जा रही थीं।

मैंने उनकी पैंटी निकाल दी। उनकी चूत पर हल्के हल्के बाल थे। चूत ब्राउन रंग की और पूरी तरह भीगी हुई थी। मैंने उनकी चूत को खूब रगड़ा। अह्ह्ह अह्ह्ह्ह अब वे बोलीं साले केला चाहिए अंदर डाल दो। और मेरे लंड को हाथ में पकड़कर बोलीं मेरे शेर अभी मुझे शांत कर दो। मामी बोलीं बेबी चोदो न अह्ह्ह अह्ह्ह्ह मरी जा रही हूँ।

अब मैंने अपना लंड उनकी चूत पर रखा। उनकी चूत बहुत टाइट नहीं थी। थोड़ा सा प्रेशर किया और पूरा लंड अंदर चला गया। वे चीख रही थीं अहह अह्ह्ह अह्ह्ह मैं भी यहहह बेबी अह्ह्ह अह्ह्ह्ह फक यू कह रहा था। वे मेरे होंठों को चूस रही थीं। अह्ह्ह अहह मेरे हाथ उनके बूब्स पर थे और लंड पूरा चूत में अंदर बाहर हो रहा था। अह्ह्ह अह्ह्ह अब मैं बोला मैं झड़ने वाला हूँ तो उन्होंने कहा मेरी चूत को भर दे। और मैं अह्ह्ह अह्ह्ह कहकर जोर जोर से धक्के लगाने लगा। अह्ह्ह अह्ह्ह और मैं उनके अंदर आ गया। अह्ह्ह और उसके बाद भी वापस एक बार उसी टाइम मैंने उन्हें चोदा।

और इसी तरह मामी को शाम तक सुख देता रहा। और रात में खाना खाने के बाद जब सब सो गए फिर हम दोनों चालू हुए और एक दूसरे की बाहों में समा गए। उसके बाद मुझे जब भी मौका मिलता है मामी को चोदता हु ।

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